मृतकों के भी बनाए जॉब कार्ड

Panchkula Updated Thu, 20 Dec 2012 05:30 AM IST
पंचकूला। महिला सरपंच के देवर ने केंद्र सरकार की मनरेगा स्कीम के तहत कई लोगों के फर्जी जॉब कार्ड बनाने के अलावा मृतकों के भी जॉब कार्ड बना डाले और उनकी दिहाड़ी खुद खाता रहा। इतना ही नहीं आरोपी ने अपने साथियों संग मिलकर सरकारी कर्मचारियों तक के जॉब कार्ड बना दिए और सरकार से मिली ग्रांट का पैसा भी हड़प गया। प्रशासन के संज्ञान में मामला आने के बाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने महिला सरपंच और उसके देवर सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वहीं पुलिस ने सरपंच के देवर को गिरफ्तार कर बुधवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 24 दिसंबर तक के रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक मामले की जांच चल रही है। रिकार्ड जांचा जा रहा है। उसके बाद ही पता चलेगा कि कितने का घोटाला किया गया है।
आर्थिक अपराध शाखा ने इंस्पेक्टर धर्मवीर ने बताया कि मोरनी के गांव भोज पौंटा की महिला सरपंच धनवंती का सारा कामकाज उसका देवर धर्मपाल देखता था। आरोप है कि धर्मपाल ने मनरेगा स्कीम के तहत एक दर्जन से अधिक लोगों के जॉब कार्ड बनाकर रजिस्टर में फर्जी हाजिरी लगा दी। दो साल से इनकी फर्जी हाजिरी लगती रही और उसकी रकम धर्मपाल के खाते में जमा होती रही। वहीं गांव के दो लोगों अर्जुन सिंह व ओमप्रकाश की करीब दो साल पहले मौत हो गई थी, धर्मपाल ने अपने साथियों संग मिलकर उनके भी जॉब कार्ड बनवा दिए।

सरकारी कर्मचारियों के फर्जी जॉब कार्ड
आरोपी धर्मपाल ने सरकारी कर्मचारियों के भी फर्जी जॉब कार्ड बना डाले। जांच में पता चला कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात लालचंद और उसके परिवार के के अलावा पालीटेक्निक कालेज मोरनी में तैनात कर्मचंद और उसके परिवार के भी फर्जी जॉब कार्ड बनाए गए हैं। जांच के दौरान उक्त कर्मचारियों ने बयान दिया कि वे कैसे मनरेगा में काम कर सकते हैं। वहीं उनके परिवार ने भी कभी मनरेगा के तहत काम नहीं किया।

कागज पर बनाई 1.16 लाख की सड़क
सरपंच धनवंती और धर्मपाल पर आरोप है कि उन्होंने मिलीभगत कर एक ऐसी सड़क का बिल पास कराया गया, जो कभी बनी ही नहीं। यह सड़क मोरनी के बेलवाली से लेकर देवड़ा तक है। इस सड़क के निर्माण के लिए उसने एक लाख 16 हजार रुपये के फर्जी बिल बनाए और उसे पास भी करवा दिया। जांच में पता चला कि आरोपियों की ओर से जेई के फर्जी हस्ताक्षर कर बिल पास कराया गया, जबकि जेई का ट्रांसफर हो चुका था।

प्रिंसिपल सेक्रेटरी के हस्ताक्षर से कराए ट्रांसफर
आरोपी धर्मपाल पर यह भी आरोप है कि साल 2001 में उसने सीएम के अतिरिक्त प्रिंसिपल सेक्रेटरी के फर्जी हस्ताक्षर कर कई अधिकारियों का ट्रांसफर कराया। इस मामले की जांच चंडीगढ़ पुलिस कर रही थी। पुलिस अब धर्मपाल से इस मामले में भी पूछताछ कर रही है।

खुलासा करने वाले को मिली धमकी
इस मामले का खुलासा मोरनी के सामाजिक कार्यकर्ता मोहनलाल शर्मा ने किया है। वह इस मामले को कई सालों से उठा रहे थे। वही इस मामले को लोकायुक्त के पास भी लेकर गए। बुधवार को आरोपियों के साथियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। मोहनलाल शर्मा ने बताया कि इस मामले की शिकायत वह जल्द ही पुलिस को देंगे।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी में नौकरियों का रास्ता खुला, अधीनस्‍थ सेवा चयन आयोग का हुआ गठन

सीएम योगी की मंजूरी के बाद सोमवार को मुख्यसचिव राजीव कुमार ने अधीनस्‍थ सेवा चयन बोर्ड का गठन कर दिया।

22 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: हरियाणा में प्यार करने की सजा देख रूह कांप उठेगी

हरियाणा के मेवात से एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक युवक को भरी पंचायत में जूतों से पीटा जा रहा है। युवक का जुर्म दूसरे गांव की लड़की से प्यार करना बताया जा रहा है। पंचायत ने युवक पर 80 हजार रुपये का दंड और पांच जूतों का फरमान सुना था।

18 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper