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केवाईसी फार्म के वसूले दस-दस रुपये

Panchkula Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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ऑयल कंपनियों की ओर से उपभोक्ताओं को मुफ्त दिया जा रहा है फार्म
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उपभोक्ताओं का डाटा ऑनलाइन करवाने के लिए केवाईसी फार्म भरना जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। गैस उपभोक्ताओं से ऑयल कंपनियों की ओर से नो योर कंज्यूमर (केवाईसी) फार्म भराए जाने के एवज में रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। कंपनियों की ओर से उपभोक्ताओं से मुफ्त फार्म भराने के आदेश जारी हुए थे, लेकिन गैस एजेंसी के कर्मचारी उनसे रुपये वसूल रहे हैं। अमर उजाला ने जब इस मामले की पड़ताल की तो पता चला कि शहर की अलग-अलग एजेंसियों से फार्म के दस और पांच रुपये वसूले गए। कई एजेंसियां ऐसी भी हैं, जिन्होंने अपने उपभोक्ताओं को मुफ्त में फार्म बांटे। तफ्तीश के दौरान जब एजेंसी मालिकों को इस गड़बड़झाला की सूचना मिली तो उन्होंने कर्मचारियों को फटकार लगाई और तुरंत फार्म को मुफ्त बांटने के आदेश दिए।
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केस : एक
केवाईसी फार्म के लिए दस रुपये लिए
सेक्टर-12 के रहने वाले गुरमीत सुबह 11 बजे अपनी गैस एजेंसी पहुंचे। वहां पर उनकी एजेंसी के एक कर्मचारी ने बताया कि सभी उपभोक्ताओं को केवाईसी फार्म भरना जरूरी है। यदि फार्म नहीं भरा तो गैस नहीं मिलेगी। उपभोक्ता ने पूछा कितने का फार्म है तो कर्मचारी ने कहा कि दस रुपये का। उपभोक्ता गुरप्रीत ने दस रुपये देकर एक फार्म खरीद लिया। उसके बाद ओल्ड पंचकूला में रहने वाले मुकेश कुमार पहुंचे। उनसे भी केवाईसी फार्म के लिए दस रुपये ले लिए।

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केस : दो
फार्म के लिए पांच रुपये लिए
सेक्टर-17 के रहने वाले कृष्ण ने बताया कि वे सेक्टर 16 स्थित एक एजेंसी में अपनी गैस बुक कराने आए थे। उनसे फार्म के लिए पांच रुपये लिए गए। वहीं सेक्टर-12 रैली गांव के रहने वाले मुनि सिंह ने बताया कि उनसे फार्म के लिए रुपये तो नहीं लिए गए। सिर्फ यही कहा कि फार्म की फोटोकॉपी करवाकर उसे वापस कर देना।
केस : 3
फार्म के लिए एक भी रुपया नहीं लिया
सेक्टर नौ निवासी रोहित ने बताया कि उनका गैस कनेक्शन सेक्टर सात स्थित एक गैस एजेंसी से है। जब वे अपनी गैस बुक कराने गए तो उन्हें एक फार्म दिया गया, लेकिन उसका कोई भी रुपया एजेंसी कर्मचारी नहीं लिए। सिर्फ यही कहा कि यह फार्म जल्दी भरकर जमा कर दें। इसी तरह अन्य एजेंसियों में पड़ताल की गई तो पता चला कि उनसे मुफ्त में फार्म भरवाए जा रहे हैं।
कोट
यह फार्म कंपनियों की ओर से मुफ्त में भराए जा रहे हैं। एजेंसी की ओर से रुपये वसूलने की बात मेरे ध्यान में नहीं आई। यदि ऐसा है तो इसे तुरंत बंद करा दिया जाएगा और समुचित कार्रवाई भी होगी।
-राजेश बंसल, सहायक फूड एंड सप्लाई आफिसर

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