पंचकूला में यूनिवर्सिटी के समर्थन में आए पूर्व पार्षद

Panchkula Updated Tue, 07 Aug 2012 12:00 PM IST
पंचकूला। अमर उजाला की मुहिम पंचकूला मांगे यूनिवर्सिटी को अब शहर के पूर्व पार्षदों ने भी एक मत से अपना समर्थन दिया है। पूर्व पार्षदों का कहना है कि शहर की काफी लंबे समय से यह मांग पेंडिंग है। यहां यूनिवर्सिटी या हायर एजूकेशन के लिए कोई संस्थान नहीं होने से भविष्य खतरे में पड़ सकता है। प्रदेश सरकार इस क्षेत्र की काफी समय से उपेक्षा कर रही है, लेकिन अब लोग जाग चुके हैं और अपना हक लेकर ही रहेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे शिक्षा जैसे आंदोलन के लिए एकजुट हैं। यदि संभव हुआ तो सभी पार्षद एकजुट होकर इस मांग को सीएम तक पहुंचाएंगे।

कोट
शहर की आबादी काफी बढ़ चुकी है। यहां पर अब हायर एजूकेशन की सख्त जरूरत है। यूनिवर्सिटी के साथ शहर में प्रोफेशभनल कालेज भी होने चाहिए। इससे पंचकूला के आसपास के क्षेत्रों को भी काफी फायदा मिलेगा।
-बीबी सिंघल, पूर्व उपप्रधान नगर परिषद
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कोट
पंचकूला के काफी विद्यार्थी रोजाना चंडीगढ़ जाते हैं। ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता। सरकार को एजूकेशन की सुविधा बढ़ानी चाहिए। यूनिवर्सिटी और कालेज भी खुलने चाहिए।
-रमेश सिंह बर्तवाल, पूर्व पार्षद, सेक्टर 19
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सबसे पहले अमर उजाला को बधाई देना चाहता हूं कि वह जनहित के मुद्दे उठाकर शहर के विकास में सहयोग कर रहा है। पंचकूला में हायर एजूकेशन और यूनिवर्सिटी की डिमांड काफी दिन से पेंडिंग हैं। एजूकेशन की सुविधा नहीं होने से हजारों बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार इस ओर ध्यान दें और अभिभावकों को इस समस्या से निजात दिलाए।
-जगजीत सिंह सोई, पूर्व पार्षद सेक्टर 4
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यूनिवर्सिटी नहीं होने से विद्यार्थियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। चंडीगढ़ जाने में ज्यादा समय और रुपया बरबाद होता है। नाडा साहिब गुरुद्वारे वाले नाडा साहिब के पास एक पालीटेक्निक कालेज बना रहे हैं। सरकार भी ऐसे ही कालेज खुलवाए।
-संगीता गोयल, पूर्व पार्षद सेक्टर 8
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सरकार सारा विकास रोहतक और सोनीपत में करवाना चाहती है। यहां पर शिक्षा संबंधी एक भी अच्छा इंस्टीट्यूट नहीं है। यदि इस सरकार में यूनिवर्सिटी नहीं बनी तो इनेलो की सरकार में जरूर यूनिवर्सिटी बनेगी।
-विकास चौधरी, पूर्व पार्षद सेक्टर 11
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अमर उजाला शहर की समस्याओं को एक अभियान के तहत उठाता रहा है। पहले सिटी बस का मुद्दा उठाया, जो काफी सक्सेसफुल रहा। अब यूनिवर्सिटी की बारी है। एक तरफ तो राइट टू एजूकेशन लागू किया जा रहा है, लेकिन हायर एजूकेशन की ऐसी दुर्दशा है। पंचकूला में यूनिवर्सिटी का निर्माण जरूर होना चाहिए।
-पवन मित्तल, पूर्व पार्षद सेक्टर 2
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सरकार को गरीब विद्यार्थियों के बारे में भी सोचना चाहिए। कालोनी के कई विद्यार्थी आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, लेकिन उच्च शिक्षा संस्थान नहीं होने के कारण वे पिछड़ जाते हैं। पंचकूला में राजकीय विश्वविद्यालय जरूर बनना चाहिए।
-सुनीता देवी, पूर्व पार्षद ओल्ड पंचकूला
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अमर उजाला की टीम को बधाई देना चाहता हूं, जो एक गंभीर मुद्दे के प्रति शहरवासियों को जागृत कर रही है। हायर एजूकेशन के लिए यहां एक भी कालेज नहीं है। एजूकेशन के लिए विद्यार्थियों को पंजाब के शहरों में जाना पड़ता या फिर चंडीगढ़। मेरे अपने घर में ही बच्चों को परेशान होते देखा जाता है। इनेलो ने राज्यपाल के माध्यम से पंचकूला में लॉ कालेज खोलने की मांग की थी, लेकिन अब तक यह मांग पेंडिंग है।
-सीमा चौधरी, पूर्व पार्षद, सेक्टर 2
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पंचकूला अब युवा हो चुका है। आबादी काफी बढ़ गई है। यूनिवर्सिटी या हायर एजूकेशन की कोई सुविधा नहीं है। कई विद्यार्थी ऐसी सुविधा से वंचित रह जाते हैं। यहां पर मेडिकल और इंजीनियरिंग कालेज की भी व्यवस्था होनी चाहिए।
-आशीष गर्ग, पूर्व पार्षद, सेक्टर 20
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मैं अमर उजाला की मुहिम का स्वागत करता हूं। शहर में यूनिवर्सिटी का होना बहुत जरूरी है।
-सुभाष चंद निषाद, पूर्व पार्षद अभयपुर
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मेरा पोता भवन विद्यालय में पढ़ता था। उसके एडमिशन में मुझे खुद काफी परेशानी झेलनी पड़ी। मेरे बच्चों जैसे हजारों विद्यार्थियों को यह परेशानी झेलनी पड़ती है। यहां पर यूनिवर्सिटी तो होनी चाहिए साथ ही पीजीआई जैसे संस्थान भी होने चाहिए।
-जेएस शिंगारी, पूर्व पार्षद
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अमर उजाला काबिलेतारीफ काम कर रहा है। शहर के काफी विद्यार्थियों को शहर से बाहर जाकर शिक्षा लेनी पड़ रही है। ऐसे में उनका काफी रुपया बरबाद होता है। शहर में यूनिवर्सिटी के अलावा मेडिकल और इंजीनियरिंग कालेज भी होने चाहिए।
-भावना गुप्ता, पूर्व पार्षद सेक्टर 16
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यूनिवर्सिटी नहीं होने से विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बसों से सफर करने में उन्हें काफी दिक्कत आती है। शहर से बाहर जाने पर बच्चे गलत संगत भी में भी पड़ सकते हैं। यदि उन्हें यहीं सुविधा मिले तो बच्चों के साथ उनके माता-पिता की टेंशन भी खत्म हो जाएगी।
-लिली बावा, पूर्व पार्षद सेक्टर 12
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अमर उजाला का आभार व्यक्त करना चाहूंगी। वह ऐसे मुद्दों को उठाता है जो लोगों से जुड़े होते हैं। सैकड़ों बच्चे अपने सर्टिफिकेट में साइन करवाने आते हैं। हायर इंस्टीट्यूट नहीं होने से हर बच्चा परेशान है। सरकार इस ओर जरूर ध्यान दे।
-कुलदीप वडैच, पूर्व पार्षद भैंसा टिब्बा
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मेरिट में आने के बावजूद यहां के विद्यार्थियों को एडमिशन नहीं मिलता। उन्हें दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती है। शहर में हायर एजूकेशन की सुविधा का होना बहुत जरूरी है। सरकार इस ओर जरूर ध्यान दें।
-जलमेघा दहिया, पूर्व पार्षद सेक्टर 9
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एजूकेशन एक प्राइमरी व्यवस्था है, लेकिन हाईक्लास इस शहर में यह भी नहीं है। गरीब बच्चों को बाहर पढ़ाई करनी पड़ती है। अमर उजाला इस मुद्दे को काफी उठा रहा है। हम सब साथ हैं और सरकार को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए।
-वीके कपूर, पूर्व पार्षद सेक्टर 17
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इस शहर को तो कभी राजधानी बनाने की बात चल रही थी। सरकार को अब कम से कम यहां एजूकेशन हब बनाना चाहिए। यूनिवर्सिटी जैसी सुविधा होने पर पूरे क्षेत्र के विद्यार्थियों को फायदा होगा।
-अनीता तिवारी, पूर्व पार्षद सेक्टर 14
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शहर में एजूकेशन हब का होना बहुत जरूरी है। यदि अभी इस बारे में नहीं सोचा गया तो आने वाले समय में हम सभी को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
-शरणजीत कौर, हरिपुर, सेक्टर चार
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शहर में हायर एजूकेशन के लिए एक भी संस्थान नहीं है। सरकार इस बारे में क्या सोचती है? लोग समझ नहीं पा रहे हैं। पंचकूला में यूनिवर्सिटी के साथ कई प्रोफेशनल कालेज खुलने चाहिए।
-वीके सूद, पूर्व पार्षद, सेक्टर छह

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