शहर में यूनिवर्सिटी न होने से छूट रही पढ़ाई

Panchkula Updated Mon, 06 Aug 2012 12:00 PM IST
पंचकूला। शहर के गवर्नमेंट कालेजों से ग्रेजुएशन करने के बाद विद्यार्थियों को दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्हें पंचकूला में मास्टर डिग्री करने के लिए न तो कोई यूनिवर्सिटी मिलती है, और नहीं कोई हॉयर इंस्टीट्यूट। ऐसे में पोस्ट ग्रेजुएशन करने की चाह रखने वाले विद्यार्थियों को चंडीगढ़ के कालेजों की ओर अपना रूख करना पड़ता है या फिर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए दौड़ लगानी होती है। इन कालेजों में ज्यादातर विद्यार्थियों को कोटा सिस्टम और लिमिटेड सीटें होने की वजह से दाखिला नहीं मिल पाता है। हॉयर एजूकेशन इंस्टीट्यूट शहर में न होने का खामियाजा खास तौर पर छात्राओं को अदा करना पड़ता है। जब उन्हें ग्रेजुएशन करने के बाद मास्टर डिग्री के लिए कहीं दूर पढ़ने के लिए नहीं भेजा जाता है। इस दौरान उन्हें या तो शहर के कालेजों में ही मौजूद किसी कोर्स में पढ़ाई करनी पड़ती है या फिर अपनी पढ़ाई बीच राह में ही मजबूरन छोड़नी पड़ती है। अमर उजाला की मुहिम पंचकूला मांगे यूनिवर्सिटी के तहत गवर्नमेंट गर्ल्स कालेज की कुछ छात्राओं से बात की। लड़कियों का कहना है कि वे ग्रेजुएशन करने के बाद मास्टर डिग्री तो करना चाहती हैं, लेकिन उनके घर वाले उन्हें पढ़ने के लिए कहीं दूर नहीं भेजेंगे। ऐसे में या तो उन्हें अपनी च्वाइस बदल कर कालेज में मौजूद किसी और कोर्स में दाखिला लेना होगा या फि र अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़नी पडे़गी।

कोट्स
ग्रेजुएशन करने के बाद मैं सोशियोलॉजी सब्जेक्ट में एमए करना चाहती हूं, लेकिन पंचकूला में चार सरकारी कालेज होने के बावजूद एक में भी इस विषय में मास्टर डिग्री नहीं है। मेरे घर वाले मुझे पढ़ने के लिए कहीं दूर नहीं भेजेंगे। ऐसे में या तो मेरी पढ़ाई बीच में छूटेगी या फि र मुझे अपनी च्वाइस ही बदलनी पडे़गी।
रेनु रानी, बीए फाइनल ईयर छात्रा, गवर्नमेंट गर्ल्स कालेज
-------
मुझे अपने देश और किसी भी चीज से जुडे़ इतिहास में काफी दिलचस्पी है। अपनी रुचि के अनुसार मैं हिस्ट्री में एमए करना चाहती हूं। मेरी इच्छा है कि चंडीगढ़ में एडमिशन लूं, लेकिन माता-पिता वहां भेजने से मना कर रहे हैं।
-गीता शर्मा, बीए फाइनल ईयर छात्रा, गवर्नमेंट गर्ल्स कालेज
-------------
बीए करने के बाद मैं संस्कृत में एमए करना चाहती हूं। स्कूल में छठी क क्षा से ही मेरे पास यह विषय रहा है और संस्कृत भाषा पर मेरी अच्छी पकड़ भी है। शहर के किसी कालेज में संस्कृत में एमए नहीं है। ऐसे में मैं पंजाब यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने की कोशिश क रूंगी।
-स्वीटी शर्मा, बीए फाइनल ईयर छात्रा, गवर्नमेंट गर्ल्स कालेज
-----------------
मैं सोशियोलॉजी विषय में मास्टर करना चाहती हूं, लेकिन हैरानी की बात है कि पंचकूला जैसे शहर के एक भी कालेज में इस विषय की मास्टर डिग्री नहीं है। ऐसे में मैं शायद हिस्ट्री में एमए करूं। पंचकूला में यूनिवर्सिटी बहुत जरूरी है।
-आशा रानी, बीए फाइनल ईयर छात्रा, गवर्नमेंट गर्ल्स कालेज
------------
ग्रेजुएशन करने के बाद मैं संस्कृत में एमए करना चाहती हूं। यहां किसी भी कालेज में संस्कृत में एमए नहीं है। मेरे घर वाले मुझे कहीं पढ़ने के लिए दूर कभी नहीं भेजेंगे। मेरी पढ़ाई भी छूट सकती है। अगर पंचकूला में विश्वविद्यालय होता तो शायद ऐसा न होता।
-गीता रानी, बीए फाइनल ईयर छात्रा, गवर्नमेंट गर्ल्स कालेज
---------
मुझे इकोनॉमिक्स में एमए करना है। इसके लिए मैं पंजाब यूनिवर्सिटी में अप्लाई करूंगी। यदि एडमिशन हो जाएगी तो ठीक है। नहीं तो मैं पत्राचार के माध्यम से पढ़ाई करूंगी। पंचकूला में विश्वविद्यालय होता तो मेरे जैसे कई छात्राओं को मुश्किल का सामना न करना पड़ता।
-पूजा रानी, बीए फाइनल ईयर छात्रा, गवर्नमेंट गर्ल्स कालेज
-------------
ग्रेजुएशन के बाद मैं पॉलीटिकल साइंस में एमए करना चाहती हूं। मैं भी चाहती हूं कि इस विषय में अपना कैरियर बनाऊं और यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन करके आगे बढ़ूूं।
-सुमन, बीए फाइनल ईयर छात्रा, गवर्नमेंट गर्ल्स कालेज
-------------
ग्रेजुएशन करने के बाद मैं आगे पढ़ना चाहती हूं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर होने की वजह से मैं किसी प्राइवेट कालेज में दाखिला नहीं ले सकती हूं। यहां पर सरकारी यूनिवर्सिटी होती तो हमारी पढ़ाई पर संकट न आता।
-अनुराधा, बीए फाइनल ईयर छात्रा, गवर्नमेंट गर्ल्स कालेज

Spotlight

Most Read

Rampur

टेक्सटाइल्स की जमीन पर फिर अवैध कब्जे

रजा टेक्सटाइल्स की जमीन पर सप्ताह भर के भीतर ही फिर से अवैध कब्जे कर लिए गए। अवैध कब्जे को लेकर पुलिस व प्रशासन से मामले की शिकायत की गई है।

20 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: हरियाणा में प्यार करने की सजा देख रूह कांप उठेगी

हरियाणा के मेवात से एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक युवक को भरी पंचायत में जूतों से पीटा जा रहा है। युवक का जुर्म दूसरे गांव की लड़की से प्यार करना बताया जा रहा है। पंचायत ने युवक पर 80 हजार रुपये का दंड और पांच जूतों का फरमान सुना था।

18 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper