पूर्व आईएएस और शिक्षाविदें ने किया यूनिवर्सिटी की मांग का समर्थन

Panchkula Updated Thu, 02 Aug 2012 12:00 PM IST
पंचकूला। शहर में यूनिवर्सिटी की मांग को लगातार समर्थन मिल रहा है। विद्यार्थियों और प्रिंसिपलों के बाद अब पूर्व आईएएस अधिकारी और शिक्षाविद् भी अमर उजाला की मुहिम के साथ जुड़ गए हैं। उनका साफ कहना है कि पूरे हरियाणा में पंचकूला के विद्यार्थी सबसे ज्यादा प्रतिभाशाली हैं। आईएएस हो या आईआईटी की परीक्षा, पंचकूला का विद्यार्थी जरूर टॉप करता है, लेकिन यूनिवर्सिटी नहीं होने से आर्थिक रूप से कमजोर छात्र पिछड़ जाते हैं। उन्हें आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पाता। यूनिवर्सिटी और हायर एजूकेशन की व्यवस्था न होने से वे चंडीगढ़ या दूसरे राज्यों की ओर मुड़ जाते हैं। साफ शब्दों में कहे तो मेहनत पंचकूला करता है और क्रेडिट चंडीगढ़ ले जाता है। सभी ने एक राय से कहा कि शहर में यूनिवर्सिटी का होना बहुत जरूरी है और वह भी सरकारी यूनिवर्सिटी।
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पंचकूला की आबादी लगातार बढ़ रही है। यहां के कालेजों में ऐसे कोर्स भी नहीं हैं, जिसे करने के बाद छात्र जॉब पा सकें। पंचकूला में सबसे ज्यादा ब्यूरोकेट रहते हैं, लेकिन उच्च शिक्षा के लिए कोई भी ऐसा संस्थान नहीं है, जिस पर हम गर्व कर सकें। मैं मानता हूं कि इस क्षेत्र में यूनिवर्सिटी का होना बहुत जरूरी है।
एआर सूद, पूर्व डीईओ, चंडीगढ़।
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पंचकूला में यूनिवर्सिटी का माहौल है। इसे गेट आफ हिमाचल भी कहते हैं। यहां पर शिवालिक व्यू भी है। मैं तो हैरान हूं कि सरकार ने अब तक यहां पर यूनिवर्सिटी क्यों नहीं बनाई।
पीसी अग्रवाल, पूर्व असिस्टेंट डायरेक्टर पंजाब एजूकेशन डिपार्टमेंट।
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यहां पर स्कूल लेवल की सुविधा तो है, लेकिन हायर एजूकेशन नहीं है। लुधियाना तक के कालेज पीयू से एफिलिएटेड हैं। हरियाणा के एक भी कालेज में ऐसी सुविधा नहीं है।
राजकुमार, रि.असिस्टेंट डायरेक्टर, हरियाणा एजूकेशन बोर्ड
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पंचकूला को स्टेट कैपिटल जैसे शहर का दर्जा प्राप्त है। यहां पर प्रदेश के सारे हेड आफिस हैं, इसलिए यूनिवर्सिटी का होना यहां बहुत जरूरी है।
एनडी अरोड़ा, पूर्व बैंक मैनेजर
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पीयू में कोटा है, तो कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी दूर है। विद्यार्थी जाएं तो कहां जाएं। सरकार को इस मामले में इनिशिएटिव लेना चाहिए। हम अमर उजाला की मुहिम को समर्थन देते हैं।
आरके शर्मा, रिटायर्ड चीफ इंजीनियर, पंजाब
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शहर को एक सरकारी यूनिवर्सिटी की जरूरत है। ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट ग्रेजुएट के लिए विद्यार्थी भटकते रहते हैं। अमर उजाला ने बहुत अच्छा इश्यू उठाया है।
आरके गुप्ता, रिटायर्ड अधिकारी हरियाणा डेयरी
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पंचकूला के स्टूडेंट काफी टैलेंटेड हैं। आईआईटी और आईएएस में सबसे ज्यादा बच्चे पंचकूला के पहुंचते हैं। मेरा खुद का अनुभव रहा है, लेकिन यूनिवर्सिटी नहीं होने से वह पिछड़ रहे हैं। यूनिवर्सिटी बनने से पंचकूला के साथ हरियाणा का भी एजूकेशन लेवल बढ़ेगा।
केके सूद, रिटायर्ड प्रिंसिपल रोपड़
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प्रधानमंत्री, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी यूनिवर्सिटी खोलने के बारे में लिखा जा चुका है। यूनिवर्सिटी बनने से नारायणगढ़ तक के बच्चों को फायदा मिलेगा। मोरनी और बरवाला के बच्चे आगे नहीं पढ़ पाते।
वीके कपूर, पूर्व पार्षद सेक्टर 17
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सुनियोजित शहर में इनबैलेंस एजूकेशन व्यवस्था है। जहां टैलेंट नहीं हैं, वहां पर यूनिवर्सिटी खूब धड़ल्ले से खोली जा रही हैं। यूनिवर्सिटी खुलने से हरियाणा का ही विकास होगा।
वीके गुप्ता, रिटायर्ड इंडियन एयरफोर्स
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चंडीगढ़ नजदीक होने के बाद पंचकूला को एजूकेशन सेंटर बनाना चाहिए। इससे चंडीगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के लोग पंचकूला में एजूकेशन के लिए आएंगे। यहां पर यूनिवर्सिटी का काफी स्कोप है। हरियाणा सरकार को यहां यूनिवर्सिटी जरूर खोलना चाहिए।
वीएन ओझा, रिटायर्ड आईएएस अधिकारी।

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