40 करोड़ मिले, खर्च किस पर करें!

Panchkula Updated Mon, 16 Jul 2012 12:00 PM IST
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पंचकूला। स्टांप ड्यूटी के करीब 40 करोड़ रुपये नगर निगम की झोली में आ चुके हैं। इससे निगम के खजाने में काफी रुपया बढ़ गया है। यह रुपया काफी दिन से बकाया था। पिछले दिनों पूर्व पार्षदों ने भी फाइनेंशियल कमिश्नर से मिलकर यह मुद्दा उठाया था। उस दौरान निकाय विभाग के फाइनेंशियल कमिश्नर ने पूर्व पार्षदों को आश्वासन दिया था कि यह रुपया जल्द ही नगर निगम के खाते में आ जाएगा। इसका नतीजा यह हुआ कि नगर निगम के खजाने में करोड़ों रुपये आ चुके हैं, लेकिन सवाल यह है कि आखिर इन रुपयों को खर्च कहां किया जाएगा? दरअसल नगर निगम के करोड़ों रुपये के विकास कार्यों को अब तक टेक्निकल स्वीकृति नहीं मिली है। हालांकि अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि टेक्निकल स्वीकृति मिलने का काम प्रोसेस में है।
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कब कितना रुपया मिला
तहसीलदार आफिस से मिलने वाले स्टांप ड्यूटी के करोड़ों रुपये नगर निगम को नहीं मिल पा रहे थे। करीब सात से आठ महीने से करीब 40 करोड़ रुपया बकाया था। नगर निगम को मार्च के महीने में करीब 26 करोड़ रुपये मिले जबकि बाकी का 14 करोड़ रुपया जून के महीने में मिला। कुल मिलाकर 40 करोड़ रुपया निगम के खजाने में जमा हो चुका है।
लटकी है फाइल
नगर निगम के करीब 18 करोड़ रुपये के कामों के एस्टीमेट तैयार हैं, लेेकिन अब तक इन कामों को स्वीकृति नहीं मिल पाई है। नगर निगम स्वीकृति के लिए हाथ-पैर मार रहा है। काफी प्रयास भी किए गए। यहां तक कि पूर्व पार्षद भी फाइनेंशियल कमिश्नर से मिल आए। फिलहाल अब तक कोई काम शुरू नहीं हो सका। हालांकि पिछले दिनों निगम कमिश्नर आशिमा बराड़ ने एचसीएस अधिकारियों को वार्ड के अधूरे पड़े कामों के निरीक्षण के निर्देश दिए थे। अधिकारियों ने कई वार्डों के दौरे भी कर लिए हैं।
क्या है स्टांप ड्यूटी
प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त पर स्टांप ड्यूटी लगाई जाती है। नगर निगम के दायरे में आने वाली किसी भी प्रापर्टी की खरीद होती है तो उस पर तीन प्रतिशत शेयर नगर निगम का होता है। यह रुपया तहसील आफिस कलेक्ट करता है। तहसील आफिस से ही नगर निगम के पास रुपया जाता है। अब तो नगर निगम का एरिया बढ़ गया है यानी आय का जरिया भी बढ़ गया है।
पूर्व पार्षदों ने भी उठाया था मुद्दा
पिछले महीने पूर्व पार्षदों का एक दल निकाय विभाग के फाइनेंशियल कमिश्नर से मिलने पहुंचा था। उस दौरान भी पूर्व पार्षदों ने स्टांप ड्यूटी का मुद्दा उठाया था। नगर परिषद के पूर्व प्रधान रविंदर रावल का कहना है कि स्टांप ड्यूटी के आने से निगम का खजाना भर गया है। इन रुपयों को शहर के विकास कार्यों में खर्च करना चाहिए। पूर्व पार्षद वीके कपूर का कहना है कि पूर्व पार्षदों की मेहनत से यह रुपया निगम के खाते में पहुंचा है। पूर्व पार्षद पवन मित्तल ने बताया कि शहर के विकास के लिए यह रुपये काफी कारगर सिद्ध होंगे। पूर्व पार्षदों की मेहनत रंग लाने लगी है।
कोट
स्टांप ड्यूटी का रुपया नगर निगम के पास पहुंच चुका है। निगम कमिश्नर से विचार-विमर्श कर इन रुपयों को शहर के विकास पर खर्च किया जाएगा। सभी कामों की जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी।
ओपी सिहाग, कार्यकारी अधिकारी नगर निगम
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