बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

सीटीएम और एसडीएम बन सकते हैं ज्वाइंट कमिश्नर

Panchkula Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
पंचकूला। नगर निगम के रुके कार्यों को पूरा करने के लिए प्रशासन के अधिकारियों को जल्द ही नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। जिला प्रशासन ने सीटीएम और कालका एसडीएम को नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर का अतिरिक्त कार्यभार सौंपने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। यदि ऐसा होता है तो नगर निगम के विकास कार्यों में तेजी आ सकती है। हाल ही में इन अधिकारियों को वार्ड के अधूरे विकास कार्यों के मूल्यांकन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। दोनों ही अधिकारियों ने अपने कामों को बखूबी निभाया। निकाय विभाग के सूत्रों ने बताया कि दोनों की सिफारिशें पहुंच चुकी हैं। सरकार जल्द ही इस पर निर्णय ले सकती है।
विज्ञापन

राज्य सरकार ने नगर परिषद को खत्म कर नगर निगम तो बना दिया, लेकिन अब तक नगर निगम की पोस्टें स्वीकृत नहीं की गई हैं। दूसरी तरफ नगर निगम का दायरा भी बढ़ा दिया गया। निगम की जद में कम से कम 40-50 गांव भी बढ़ गए हैं, लेकिन इन इलाकों का काम पुराने स्टाफों से चलाया जा रहा था। इससे खासकर कालका और पिंजौर के काम सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे थे। लोगों ने निगम की जमीन पर अतिक्रमण करने शुरू कर दिए। अवैध निर्माणों पर निगरानी नहीं हो पा रही थी। सारा काम निगम के कार्यकारी अधिकारी के कंधों पर है।

लिहाजा प्रशासन ने सीटीएम अश्विनी मलिक और कालका एसडीएम मनीता मलिक को ज्वाइंट कमिश्नर की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी कर ली और इसका प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर बनाया
पंचकूला की तरह पानीपत का भी कुछ ऐसा ही हाल था। पानीपत के ऐतिहासिक किले पर लगातार कब्जे होने की शिकायत आ रही थी। उस समय एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रशासन से पूछा था कि ऐतिहासिक धरोहर पर कब्जों की निगरानी क्यों नहीं हो रही? इस पर जवाब दाखिल किया गया कि निगम के ज्वाइंट कमिश्नर का पद खाली है और किसी भी अधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है, तो हाईकोर्ट ने 15 दिन के भीतर नियुक्ति के निर्देश दिए थे। बाद में एसडीएम को नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया था। ज्वाइंट कमिश्नर के पद पर एचसीएस अधिकारी की ही नियुक्ति हो सकती है।

कोट
यह एक अच्छी पहल है कि एचसीएच अधिकारियों को नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर का पद सौंपा जा रहा है। इससे न केवल निगम कमिश्नर के कामों का बंटवारा होगा, बल्कि जनता की कई शिकायतों का निपटारा हो सकेगा।
रविंदर रावल, पूर्व प्रधान, नगर परिषद

कोट
इससे शहर को ही फायदा होगा। नगर निगम के विकास कार्यों में तेजी आएगी। सरकार को इस प्रस्ताव पर जल्द से जल्द मुहर लगा देनी चाहिए।
सीमा चौधरी, पूर्व प्रधान, नगर परिषद

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us