आवारा कुत्तों से जल्द मिलेगा छुटकारा

Panchkula Updated Fri, 13 Jul 2012 12:00 PM IST
पंचकूला। शहरवासियों को जल्द ही आवारा कुत्तों से छुटकारा मिल जाएगा। नगर निगम ने कुत्तों को पकड़कर सेक्टर तीन स्थित पेट एनिमल सेंटर में ले जाने का ठेका देने की तैयारी कर ली है। ठेकेदार का काम होगा कि वह सेक्टरों से कुत्तों को पकड़कर पेट एनिमल सेंटर ले जाएगा। यहां पर डाक्टर कुत्तों की नसबंदी करेंगे, जिससे कुत्तों की आबादी पर लगाम कसी जा सकेगी। नगर निगम ने वीरवार को अपनी शर्तें बताकर ठेकेदार को कार्यालय में आमंत्रित किया है। नगर निगम के ईओ ओपी सिहाग ने बताया कि ठेका देने के लिए ठेकेदारों को बुलाया गया है। जल्द ही ठेका दे दिया जाएगा। यह काम पिछले छह महीने से बंद था। पिछले ही हफ्ते शहरवासियों की मांग पर अमर उजाला ने अभियान चलाकर आवारा कुत्तों के आतंक की खबरें प्रकाशित कर इस मुद्दे को प्रशासन तक पहुंचाया था।
शहर में कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा था। इस समय शहर में कम से कम साढ़े पांच हजार कुत्ते हैं। करीब डेढ़-दो साल पहले नगर निगम की कुत्तों की गणना करवाई थी, उस दौरान कुत्तों की संख्या करीब 3500 थी, लेकिन डेढ़ साल के दौरान कुत्तों की जनसंख्या में बेहताशा वृद्धि हुई। अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा समय में इनकी संख्या करीब साढ़े पांच हजार पहुंच गई है। इस कारण इनका आतंक भी बढ़ता जा रहा है। कई सेक्टरों में तो ऐसे हालात हैं कि बच्चे अकेले नहीं निकलते। हर दिन कुत्तों के काटने के केस आ रहे थे।
पेट एनिमल सेंटर के साथ है समझौता
बीते छह माह में नगर निगम ने एक भी कुत्ते को नहीं पकड़ा। इसका नतीजा यह हुआ कि इनकी संख्या में बेहताशा वृद्धि हुई। नगर निगम और पेट एनिमल सेंटर के साथ एक करार है। इसके मुताबिक नगर निगम की ओर से कुत्ते को पकड़कर पेट एनिमल सेंटर को सौंपेगा। उसके बाद एनिमल सेंटर के डाक्टर कुत्तों की नसबंदी करेंगे। साथ ही कुत्ते के कान में एक निशान बना देंगे, जिससे पता चल सकेगा कि इन कुत्तों की नसबंदी हो चुकी है। इसके अलावा इनकी रोकथाम के लिए निगम के पास कोई चारा नहीं है।

कुत्ते के काटने के रोजाना पांच केस
शहर में कुत्तों की दहशत किस कदर है। इसका अंदाजा सिविल अस्पताल में आने वाले कुत्तों के शिकार की संख्या से लगाया जा सकता है। सिविल अस्पताल के डाक्टरों के मुताबिक कुत्तों के शिकार हर रोज चार से पांच मरीज अस्पताल में आते हैं। कभी-कभार इनकी संख्या बढ़ जाती है।
कोट
कुत्तों की बढ़ती संख्या पर लगाम लगाना जरूरी है। नगर निगम को उसे ठेकेदार को ठेका देना चाहिए जो हर महीने से तीन से चार सौ कुत्तों एनिमल सेंटर पहुंचा सके, तभी इन पर लगाम कसी पाएगी
बीबी सिंघल, पूर्व उपप्रधान नगर परिषद
कोट
सेक्टर दो में कुत्तों की जनसंख्या काफी अधिक है। जब से नगर निगम आई तब से सेक्टर में एक भी कुत्ता नहीं पकड़ा गया है। सेक्टर निवासी काफी परेशान है। निगम के अधिकारियों से गुजारिश है कि वे सेक्टर दो में सबसे पहले ठेकेदार को भेजें, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
पवन मित्तल, पूर्व पार्षद

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