इस शहर में नहीं बुझेगी प्यास

Panchkula Updated Mon, 02 Jul 2012 12:00 PM IST
पंचकूला। तपती गरमी में प्यास बुझाना मुश्किल। प्यास लगने पर पानी के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ सकती है, क्योंकि शहर में न तो स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई और न ही समाजसेवी संस्थाओं की ओर से कोई व्यवस्था है। एक-दो जगहों को यदि छोड़ दिया तो पूरा इलाका पानी के बिना सूना है। यहां तक कि शहर की अधिकतर मार्केटों में पेयजल का इंतजाम नहीं है। जहां कहीं पर प्याऊ लगाए भी गए हैं वे देखरेख के अभाव में बदहाल हैं। कहीं प्याऊ खाली पड़े हैं या फिर वाटर कूलर खराब हैं। गरमी के इस मौसम में यदि प्याऊ या पानी की व्यवस्था नहीं होगी तो लोगों को परेशानी तो उठानी ही पड़ेगी।

बेल फैक्टरी के सामने प्याऊ सूखा
बेल फैक्टरी के सामने रखा प्याऊ सूखा पड़ा है। राहगीरों ने बताया कि पिछले कई दिनों से इसमें पानी नहीं है। देखरेख नहीं होने के वजह से कई दिनों से टैंक नहीं भरा गया है। यह प्याऊ सबसे ज्यादा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां से गुजरने वाले राहगीरों की संख्या काफी अधिक है। रविवार को जब अमर उजाला की टीम ने इसका निरीक्षण किया तो टैंक खाली था। पानी की एक बूंद नहीं थीं।

रैली चौक का प्याऊ भी बंद
रैली चौक पर बना प्याऊ भी कई महीने से बंद है। यहां पर लोगों ने प्याऊ तो बना दिया है, लेकिन देखरेख नहीं होने पर यह बंद हो गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कई महीनों से इसमें पानी नहीं भरा गया है। यहां पर भी आने जाने वालों की संख्या काफी अधिक है, लेकिन दुर्भाग्य से बंद है।

सेक्टर 11 की मार्केट में प्याऊ नहीं
शहर की सबसे बड़ी शोरूम मार्केट सेक्टर-11 की है। यहां पर अधिकतर कंपनियों के शोरूम हैं, लेकिन पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। यह अलग बात है कि सभी कंपनियों ने अपने-अपने लिए अलग से व्यवस्था कर रखी है, लेकिन यदि कोई मार्केट घूमने जाए और उसे प्यास लग जाए तो उसे पानी की बूंद नसीब नहीं होगी।

सिंह द्वार और इंडस्ट्रियल एरिया में नहीं हैं प्याऊ
मनसा देवी मंदिर के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। इनमें से कई ऐसे श्रद्धालु ऐसे होते हैं जो पैदल आते-जाते हैं। सिंह द्वार से लेकर मंदिर तक कहीं भी प्याऊ की व्यवस्था नहीं की गई है। यह अलग बात है कि अंदर जरूर पानी का इंतजाम है, लेकिन यहां तक पहुंचने में श्रद्धालुओं का गला सूख जाता है। इसके अलावा इंडस्ट्रियल एरिया में भी प्याऊ की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां पर हजारों मजदूरों का आना-जाना होता है। यदि उन्हें पानी पीना हो तो किसी दूसरी फैक्टरी में जाना पड़ता है या फिर सामान्य पानी से ही प्यास बुझानी पड़ती है।

कोट
शहर में पानी के प्याऊ स्थानीय प्रशासन की ओर से लगाए जाने चाहिए। इतने बड़े शहर में प्रशासन की ओर से एक भी प्याऊ नहीं लगाया गया है।
एमएस पात्रण, प्रेसिडेंट पंचकूला वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर 8

कोट
गर्मी में तो आम राहगीरों के लिए प्याऊ की व्यवस्था होनी चाहिए। प्रशासन इस बारे में कदम उठाए।
विकास आर्य, एडवोकेट
कोट
प्याऊ की व्यवस्था के लिए प्रशासन और दानवीरों को आगे आना चाहिए। हुडा और नगर निगम भी पानी की प्याऊ लगा सकता है।
बीडी कालिया हमदम

Spotlight

Most Read

Lucknow

ब्राइटलैंड स्कूल का प्रिंसिपल गिरफ्तार, पक्ष में माहौल बनाने के लिए अपनाया ये तरीका

राजधानी के ब्राइटलैंड स्कूल में छात्र पर हुए जानलेवा हमले में पुलिस ने स्कूल की प्रिंसिपल को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।

18 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: हरियाणा में प्यार करने की सजा देख रूह कांप उठेगी

हरियाणा के मेवात से एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक युवक को भरी पंचायत में जूतों से पीटा जा रहा है। युवक का जुर्म दूसरे गांव की लड़की से प्यार करना बताया जा रहा है। पंचायत ने युवक पर 80 हजार रुपये का दंड और पांच जूतों का फरमान सुना था।

18 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper