asr

Panchkula Bureauपंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 26 Nov 2018 10:17 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर राजनीती करने में गुरेज करें दल: ज्ञानी हरप्रीत सिंह
विज्ञापन

अकाल तख्त साहिब में हुई पांच सिंह साहिब की बैठक, राजनीति न करने की दी नसीहत
कहा-गुरु नानक का 550वें वर्ष का आयोजन निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर मनाए संगत
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा की करतारपुर कॉरिडोर पर राजीनीतिक दल सियासत करने से गुरेज करें। करतारपुर कॉरिडोर श्री अकाल पुरख की बख्शीश के रूप में स्वीकार करें। कॉरिडोर के निर्माण में सभी पक्ष इस दूसरे का सहयोग करें। कॉरिडोर का निर्माण पूरा करने के लिए सभी पक्ष वचनबद्ध होकर काम करें। लगभग 66 वर्ष पहले 25 जनवरी 1952 को सिख कौम ने ऐतिहासिक फैसला करते हुए देश विभाजन के बाद पाकिस्तान में छूटे गुरुद्वारों के दीदार की भावना अरदास में शामिल की थी। डेरा बाबा नानक-करतारपुर के बीच कॉरिडोर के निर्माण को भारत-पाकिस्तान की सरकारों की मंजूरी स्वागत योग्य है।
भाई हरप्रीत सिंह सोमवार श्री अकाल तख्त साहिब में आयोजित पांच सिंह साहिब की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस बैठक में फैसला किया गया की श्री गुरु नानक देव जी ने बिखर रही मानवता, टूट रहे मानवीय मूल्यों का उपदेश दिया है। सभी सिख संगठन को आदेश दिया जाता है कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को निजी स्वार्थ से ऊपर उठ कर साझे तौर पर मनाएं। ताकि गुरु नानक देव जी के उपदेश पूरी दुनिया में फैलाये जा सकें।

छठे तख्त की मांग को नकारा
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा की पांच सिंह साहिब की बैठक में बाबा नानक देव जी जन्म स्थान गुरुद्वारा ननकाना साहिब को छठे तख्त की मांग को सिरे से नकार दिया है। श्री अकाल तखत साहिब में आयोजित बैठक में तख्त श्री पटना साहिब के जथेदार ज्ञानी इकबाल सिंह, हरमंदिर साहिब के ग्रंथि ज्ञानी रघबीर सिंह, तखत श्री हजूर साहिब के जत्थेदार ज्ञानी जोट इंदर सिंह व ज्ञानी मलकियत सिंह उपस्थित थे। श्री अकाल तख्त के जत्थेदार नियुक्त होने के बाद ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पहली बार पांच सिंह साहिब की बैठक की अगुवाई की।

राजोआना को रिहा कराने के लिए शिरोमणि कमेटी प्रयास शुरू करे
बैठक में सर्वसमिति से पास किया गया की बलवंत सिंह राजोआना को रिहा करने की अपील करने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही हैं। शिरोमणि अकाल तख्त की बैठक में गुरुद्वारा कमेटी को आदेश दिए कि इस सदर्भ में देश के राष्ट्रपति से भेंट कर गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर उसकी रिहाई का मार्ग निकाला जाए। 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार व उसके बाद हुई सिख विरोधी घटनाओं में अरेस्ट हुए सिख नौजवान देश की जेलों में सजा काट रहे हैं। इन नौजवानों को रिहा करने के प्रयास शुरू करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाये। इन नौजवानों के परिवारों की मदद भी की जाए।


बाबा जसपाल सिंह निर्मल कुटिया में सेवा निभाते रहेंगे
एक अन्य फैसले में जालंधर के बाबा जीत सिंह व बाबा जसपाल सिंह कुटिया जोहलंवाले के बीच हुए विवाद पर अकाल तख्त ने एक कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी की रिपोर्ट के बाद बाबा जसपाल सिंह को सहायक नियुक्त किया गया। इनको हटाने का अधिकार भी उनके पास ही था। बाबा जीत सिंह को आदेश दिया गया कि वह बाबा जसपाल सिंह को निर्मल कुटिया में ही गतिशील रखें। ताकि वह पहले की तरह अपनी सेवाएं निभाते रहें। जो भी गुट अकाल तख्त का आदेश नहीं मानेगा, उसके विरुद्ध मर्यादा के अनुसार कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us