विज्ञापन
विज्ञापन

एमसी के विकास के लिए निगम ने मांगे 182 करोड़

Panchkula bureauपंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 10 Dec 2018 01:51 AM IST
ख़बर सुनें
एमसी के विकास के लिए प्रशासन ने केंद्र से मांगे 182 करोड़
विज्ञापन
यूटी प्रशासन ने संशोधित बजट में की 360 करोड़ की मांग
सिटी ब्यूटीफुल में रोशनी के लिए एक सौ करोड़ चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रशासन के 13 गांव नगर निगम में शामिल होने के बाद यूटी प्रशासन ने एमसी के विकास के लिए केंद्र सरकार से 182 करोड़ रुपये की मांग हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने सिटी ब्यूटीफुल के लोगों को बिजली मुहैया कराने के लिए 100 करोड़ मांगे हैं। वहीं प्रशासन ने संशोधित बजट के तहत विकास के लिए 360 करोड़ की डिमांड केंद्रीय वित्त मंत्रालय को भेजा है। बताया जा रहा है कि निगम को आम बजट में पैसा बहुत कम मिला था। इसके चलते अब अधिक धन की मांग की गई है। हालांकि मांग के अनुसार प्रशासन को पूरा बजट मिलने की उम्मीद कम है। इस बार सिर्फ जरूरी कामों के लिए ही बजट मांगा गया है इसलिए संभावना अधिक है कि आगामी चुनावी साल को देखते हुए संशोधित डिमांड बजट की मंजूरी मिल जाएगी। बजट कम मिलने से नगर निगम वित्तीय संकट में फंसा है। ठेकेदार के बिल अटकने से सभी काम रुक गए थे। कई हाउस मीटिंग वित्तीय संकट पर ही हुईं।
कमिश्नर केके यादव ने विकास के सभी एजेंडे हाउस मीटिंग से पहले रोक लिए थे। बाद में प्रशासन ने अलग से 150 करोड़ से अधिक का बजट निगम को दिया। अगर बीते साल की बात करें तो चंडीगढ़ को संशोधित बजट में 380 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि प्रशासन की ओर से 1500 करोड़ रुपये की मांग केंद्र को भेजी थी। यही वजह है कि इस बार प्रशासन ने पहले ही केंद्र को कम मांग भेजी है।

बिजली पर अधिक पैसा होता है खर्च
प्रशासन ने संशोधित बजट में बिजली खरीदने के लिए भी ज्यादा पैसा मांगा है। बिजली विभाग विभिन्न कंपनियों से बिजली की खरीद करता है। उनकी पेमेंट के लिए ही यह मांग की गई है। इस बजट में 23 करोड़ रुपये कर्मचारियों के वेतन के लिए मांगे हैं। इसके अलावा भी कई अन्य मदों में प्रशासन ने अतिरिक्त फंड की मांग केंद्र सरकार से की है।

आम बजट में 1497 करोड़ कम मिले
अगर आम बजट की बात करें तो वर्ष 2018-19 के लिए चंडीगढ़ को कुल 4511.91 करोड़ रुपये ही मिले थे। जो पिछले साल से 4.60 प्रतिशत ही अधिक था। रेवेन्यू हेड में 4006.88 करोड़ और कैपिटल हेड 505.03 करोड़ रुपये मिले थे। हालांकि प्रशासन ने मांग 5908 करोड़ रुपये की भेजी थी, जिसमें 1497 करोड़ रुपये कम मिले।

इस वजह से निगम की हालत है खस्ताहाल
आम बजट 2017-18 में प्रशासन को 4312.40 करोड़ रुपये मिले थे। नगर निगम को आम बजट में सिर्फ 270 करोड़ रुपये ही मिले थे। जबकि मांग 1100 करोड़ रुपये की थी। जिस कारण सालभर से नगर निगम वित्तीय संकट में फंसा है।
विज्ञापन

Recommended

पीरियड्स है करोड़ों लड़कियों के स्कूल छोड़ने का कारण
Niine

पीरियड्स है करोड़ों लड़कियों के स्कूल छोड़ने का कारण

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा और घर बैठें पाएं प्रसाद : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा और घर बैठें पाएं प्रसाद : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Chandigarh

एजेएल प्लॉट आवंटन मामले में अब 29 को होगी सुनवाई, भूपेंद्र सिंह हुड्डा पेशी पर नहीं पहुंचे

एजेएल प्लॉट अलॉटमेंट प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी के मामले में मंगलवार को केस सुनवाई के लिए लगा।

23 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

बड़े कड़े हैं ब्रिटेन के शाही परिवार के नियम

क्या आपको पता है कि इस शाही परिवार में कई ऐसे अजीब नियम बने हैं, जो हर किसी को मानने पड़ते हैं। ये नियम वर्षों से चले आ रहे हैं।

23 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree