हर्याली डांडी कांठी कार्यक्रम में हेमा नेगी और किशन महिपाल ने लोगों का जीता दिल

Panchkula Bureauपंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 26 Nov 2018 02:19 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
फोटो सहित
विज्ञापन

‘हर्याली डांडी कांठी’ में हेमा-किशन ने जीता दर्शकों का दिल
कलाग्राम में उत्तराखंड के लोक गायकों ने पारंपरिक गीतों से किया लोगों का मनोरंजन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कलाग्राम में आयोजित ‘हर्याली डांडी कांठी’ कार्यक्रम की शाम गायिका हेमा नेगी कारसी और लोक गायक किशन महिपाल के नाम रही। दर्शकों से खचाखच भरे कलाग्राम ग्राउंड में गायकों ने लगभग चार घंटे अपनी लाजवाब प्रस्तुतियों से भरपूर मनोरंजन किया। यह कार्यक्रम रुद्र प्रयाग जन कल्याण मंच चंडीगढ़ की ओर से रविवार को आयोजित किया गया था। यूटी का कल्चरल अफेयर्स डिपार्टमेंट और उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र पटियाला सहयोगी की भूमिका में थे। कार्यक्रम में लोक गायिका हेमा नेगी करासी और प्रसिद्ध लोक गायक किशन महिपाल ने अपने सह गायकों के साथ एक से एक पारंपरिक गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
मंच पर आमंत्रित अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और उत्तराखंड के लोक देवताओं की पूजा की। कार्यक्रम सुबह 11 से रात 9 बजे तक चलता रहा। इसकी शुरुआत गायिका हेमा नेगी ने अपने गीत ‘गिरा तोली सेनालो गिर गेंदवा’ गीत से की। इसके बाद उन्होंने ‘मेरी बामणी धन हो तुम्हारी जजमाणी’ और ‘बगछट- बगछट मन के जारे गेल्यां’ गीतों ने लोगों को नाचने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद लोक गायक किशन महिपाल ने ‘ओ भाना रंगीली भाना गीत’ गाया जिसने मौजूद लोगों का मन मोह लिया। जैसे ही किशन महिपाल ने ‘किंगर का झाला भभूती’ और ‘रानी खेत राम ढोल’ गीत गाया तो दर्शक अपने स्थान पर खड़े होकर झूमने लगे। कार्यक्रम का आकर्षण रही नन्ही बालिका अनन्य भट्ट ने अपनी प्रस्तुति से लोगों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सत्यप्रकाश सेमवाल और सुभाष भट्ट ने किया। सांस्कृतिक गीतों की पेशकश से पहले कलाग्राम में सहयोगी कलाकारों ने गढ़वाली लोकनृत्य पेश किए।
कार्यक्रम में उत्तराखंड से जुड़ी ट्राइसिटी की सभी संस्थाओं के अध्यक्ष और महासचिव को सम्मानित किया गया। इस मौके पर मंच के प्रधान सरूप सिंह रावत, महासचिव हरेेंद्र सिंह नेगी, दीक्षा इंफ्रा डेवलपर्स देहरादून के एमडी कुलदीप सिंह रावत, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, पूर्व मंत्री राजेंद्र भंडारी, रुद्रप्रयाग जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी सिंह राणा, गढ़वाल सभा के प्रधान बिक्रम सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।

बॉक्स
कारगिल युद्ध से जुड़ी फोटो प्रदर्शनी लगाई
कार्यक्रम में 1999 में कारगिल युद्ध से जुड़ी घटनाओं की फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में जगदीश सिंह बिष्ट ने 50 देशों के 3 हजार सिक्कों और 60 देशों के 600 डाक टिकटों के फोटो भी लगाए थे। जगदीश सिंह बिष्ठ ने बताया कि इन सिक्कों को उन्होंने 32 साल में इकट्ठा किया है। फोटो प्रदर्शनी को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इसमें कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 52 शहीद हुए जवानों की फोटो देख लोगों की आंखें नम हो गईं।

बॉक्स
संस्कृति से जुड़े रहने का दिया संदेश
कार्यक्रम में प्रस्तुति देने आए उत्तराखंड के लोक गायक किशन महिपाल और हेमा नेगी ने कहा कि उन्हें यह देखकर बहुत खुशी हुई कि उत्तराखंड से चंडीगढ़ आकर बसे लोग आज भी अपनी संस्कृति से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि भले ही अपनी जन्मस्थली से दूर हो जाएं पर हमें अपनी संस्कृति से जुड़ा रहना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us