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एनटीयू वर्ल्ड रैंकिंग में पंजाब यूनिवर्सिटी स्थिर, न ऊपर चढ़ी न नीचे गिरी, पर एक में नहीं मिली जगह

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 20 Jun 2019 12:12 PM IST
punjab university
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नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी (एनटीयू) ने बुधवार को वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग जारी कर दी। इसमें पंजाब विश्वविद्यालय पिछले साल वाली रैंकिंग पर ही स्थिर रहा है। यह रैंक 651 से 700 स्लैब के मध्य है। रिसर्च पेपर व उनके एच इंडैक्स की बदौलत यह रैंक ठीक रही। पीयू के ही यूआईपीएस को इस बार 299 व फिजिक्स विभाग को 247 वर्ल्ड रैंक जारी हुई है जो पिछले वर्ष से बेहतर रही है। पीयू के लिए खुशखबरी ये है कि इस रैंकिंग में उनसे पीछे कई आईआईटी रहे हैं जबकि वहां बेहतर सुविधाएं होती हैं।
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वहीं, क्यूएस रैंकिंग भी देर शाम यूके की ओर से जारी की गई। इसमें पीयू को कोई स्थान नहीं मिल पाया। एनटीयू दुनिया भर के शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग हर साल जारी करती है। ओवरऑल रैंकिंग के अलावा 24 सब्जेक्ट में यह रिजल्ट देती है। इसके लिए क्राइट एरिया 11 साल में प्रकाशित आर्टिकल्स, करेंट आर्टिकल्स, एच इंडैक्स, हाई इंपैक्ट जर्नल्स, एच वन सी वन पेपर्स आदि हैं। पिछले साल भी पीयू इसी पायदान पर रहा लेकिन इस बार पीयू की शान फार्मास्युटिकल व फिजिक्स विभाग ने बढ़ा दी। फार्माकोलॉजी में पिछले साल पीयू को 301 से 350 के स्लैब में जगह मिली थी। फिजिक्स विभाग को भी यही स्थान मिला था। इस बार अच्छी रैंक दोनों विभागों की रही है।

रैंकिंग में पीयू से आईआईटी पीछे
इस बार बीएचयू को 701 से लकर 750 रैंक मिली है। वहीं आईआईटी को 751 से 800 स्लैब में रैंक हासिल हुई है। आईआईटी कानपुर, आईआईटी गुवाहाटी को भी 751 से 800 स्लैब में रैंक मिली है। आईआईटी दिल्ली भी 701 से लेकर 750 स्लैब के मध्य इस बार रैंक पाया है। पीयू की यह रैंक इनसे बेहतर रही है। देश के कई विश्वविद्यालयों को तो इस रैंक में स्थान ही नहीं मिला जो निरफ व अटल रैंकिंग में आगे निकल रहे थे। डीयू को 601-650 रैंक मिली है।

क्यूएस रैंकिंग में कोई स्थान नहीं
क्यूएस रैंकिंग यूनाइटेड किंगडम की ओर से जारी की जाती है। इस बार भी पीयू को इसमें कोई स्थान नहीं मिला है। इसका बड़ा कारण ये है कि पीयू में फैकल्टी स्टूडेंट्स की संख्या के मुताबिक नहीं है। इस बिंदु पर सर्वाधिक अंक मिलते हैं। इसके कारण दो साल से पीयू पिछड़ता जा रहा है। फैकल्टी रखने की अनुमति यूजीसी की ओर से पीयू को अभी तक नहीं मिली है। इसके अलावा रिसर्च आउटपुट, स्टूडेंट व इंप्लायर रेपो को भी रैंकिंग में शामिल किया गया है।

एनटीयू रैंकिंग में हम स्थिर हैं। फार्मास्युटिकल व फिजिक्स विभाग की रैंकिंग बेहतर रही है। इसमें सभी का योगदान रहा है। वहीं क्यूएस रैंकिंग में हमारा नंबर नहीं आने का बड़ा कारण है कि फैकल्टी की तैनाती न होना। इस बिंदु पर काफी अंक मिलते हैं। फैकल्टी तैनाती के लिए यूजीसी से अनुमति ली गई थी लेकिन अभी तक नहीं मिली है।
-डॉ. आशीष जैन, निदेशक आईक्यूएसी

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