कर्मचारियों ने दी गिरफ्तारी

Palwal Updated Thu, 13 Dec 2012 05:30 AM IST
पलवल। जिले के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने बुधवार को जेल भरो आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर किए गए आंदोलन में हजारों कर्मचारी नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे, वहां पर पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया और बसों में ले जाकर छोड़ दिया गया।
बुधवार को बिजली निगम, जन स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी, नगर परिषद एवं अन्य विभागों के कर्मचारियों ने नारे लिखी पट्टियां व बैनर लेकर शहर के मुख्य मार्गों पर जुलूस निकाला। कर्मचारियों ने सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गिरफ्तारी से पूर्व कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर सभा का आयोजन किया। सभा को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान ताराचंद ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सवा साल पहले कर्मचारियों की सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि वर्षों से काम कर रहे सभी कच्चे कर्मचारियों को तुरंत पक्का किया जाए, आंगनबाड़ी, आशा वर्कर, ग्रामीण चौकीदार आदि कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी समझकर वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा का भी निजीकरण कर रही है। कच्चे कर्मचारियों को पांच माह से वेतन नहीं दिया गया। कर्मचारी नेता हनुमान पाठक ने कहा कि सरकार विभागों में ठेकेदारी प्रथा लागू करके काम को ठेकेदारों के हाथों में सौंप रही है। बिजली विभाग, वन विभाग, पीडब्ल्यूडी एवं जन स्वास्थ्य विभागों में पिछले लंबे समय से स्थायी भर्ती नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि विभागों में लागू की जा रही रेशनलाइजेशन, पीपीपी, आउटसोसिंग एवं निजीकरण की नीतियों को सरकार तुरंत बंद करे। विभागों में खाली पड़े लाखों पदों पर तुरंत भर्ती करे। दो वर्षों से विभागों में काम कर रहे सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, हरियाणा प्रदेश में पंजाब सरकार की तरह वेतनमान देने की मांग भी की गई। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाएंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

कम पड़ गई बसें, और मंगाई गईं
सबसे पहले महिला कर्मचारियों ने गिरफ्तारी दी। आंदोलन में कर्मचारियों की संख्या अधिक होने की वजह से पुलिस प्रशासन की बसें कम पड़ गईं। बाद में और बसें मंगवाई गईं। पुलिस सभी को सदर थाने ले गई। यहां उनकी गिनती की गई, उनकी संख्या 2,132 थी। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।

इन विभागों के थे कर्मचारी
आंदोलन में डीएचवीपीएनएल, पीडब्लूडी, जन स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद, वन विभाग, अध्यापक संघ, हुडा, सफाई कर्मचारी, आंगनबाड़ी वर्कर, आशा वर्कर, स्वास्थ्य विभाग एवं ग्रामीण चौकीदार के अलावा अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल थे।

इन्होंने किया आंदोलन का नेतृत्व
जन स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष किशन चंद छाबड़ा, सर्व कर्मचारी सर्कल सचिव योगेश कुमार, सर्व कर्मचारी प्रधान हनुमान पाठक, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ताराचंद, देवीसिंह बेचैन, श्रीपाल भाटी, बिजली निगम जिला सचिव धर्मचंद, रमेश चंद, बलजीत शास्त्री, उर्मिला रावत और गीता देवी।

धक्का देकर बस को स्टार्ट किया
कर्मचारियों को गिरफ्तार करने के बाद जब रोडवेज बसों में ले जाया जा रहा था, तो वहां एक बस पुलिस की थी। पुलिसकर्मियों ने इसे धक्के देकर स्टार्ट किया, उसके बाद कर्मचारियों को बिठाकर ले जाया गया।

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