तीस बंदर पकड़े, आतंक फिर भी कायम

Palwal Updated Wed, 31 Oct 2012 12:00 PM IST
मेवात। पिनगवां के लोगों को बंदरों के आतंक से छुटकारा नहीं मिल रहा है। एक तरफ उनको लेकर धरपकड़ अभियान चल रहा है तो दूसरी तरफ बंदर भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। समय-समय पर वे लोगों पर झपटा मार देते हैं और उन्हें काट खाते हैं। गौरतलब है कि, पिछले दो सप्ताह में करीब 40 लोग बंदरों का शिकार हो चुके हैं। इलाके की पंचायत पिछले एक सप्ताह से खूंखार बंदरों को पकड़ने अभियान छेड़े हुए है। कई स्थानों पर पिंजरे भी लगाए थे और इसका सुखद परिणाम सामने आया है। एक हफ्ते के दौरान करीब 30 बंदरों को पकड़ा जा चुका है।
लोगों ने बताया कि पिनगवां में करीब 100 कटखने बंदर हैं, जो मौका मिलते ही ग्रामीणों पर टूट पड़ते हैं। लोगों के दिन का चैन और रात की नींद उड़ी हुई है। दिन में ये घरों में घुस जाते हैं और बच्चों से लेकर बड़ों का काट खाते हैं। रात के समय सोते हुए भी लोगों को भी अपना शिकार बना रहे हैं। कस्बे के राजकुमार तनेजा, सतीश सावन, मनीश ने बताया कि पिछले दो सप्ताह में उनके आठ परिचित लोगों को बंदरों ने काट खाया है। गांव के नंबरदार सुरेश कुमार ने बताया कि मंगलवार की सुबह जब वह घर में पूजा कर रहा था उसे बंदरों ने नोच डाला। इसके अलावा टेकचंद, सुनील, दर्पण सिंगला भी बंदरों के काटने से घायल हो चुके हैं। रामलीला कमेटी पिनगवां के प्रधान हरि ओम गोयल, ग्राम सेवा मंडल के प्रधान श्री राम का कहना है कि बंदरों के आतंक के चलते एक सप्ताह पहले पुन्हाना-बड़कली रोड जाम किया गया था और पंचायत ने बंदर पकड़ने के लिए अभियान छेड़ दिया था। फिर भी बंदर पकड़ से बाहर हैं।

Spotlight

Related Videos

VIDEO: रास्ते में जो मिला उसे ही उतार दिया मौत के घाट, दो घंटों में किए छह कत्ल

हरियाणा के पलवल में एक जनवरी की रात में छह कत्ल करने वाले एक शख्स को गुरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी को रात में जो भी मिला वो उसे मारते हुए आगे निकल गया।

2 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper