खराब ट्रैफिक लाइटों से बढ़े हादसे

अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 11 Oct 2016 01:01 AM IST
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नगरपालिका द्वारा लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई ट्रैफिक लाइटें पिछले कुछ वर्षों से खराब पड़ी हैं। नगरपालिका एवं ट्रैफिक पुलिस के रख-रखाव के अभाव में ये लाइटें लगाने के बाद कुछ समय बाद ही खराब हो गई थी। उसके बाद पालिका ने इसकी सुध ही नहीं ली।  ऐसा ही नहीं इन लाइटों की आश्यकता नहीं है, शहर के दोनों ही चौक सबसे अधिक व्यस्त रहते हैं। अगर इन चौकों पर ट्रैफिक  लाईटें फिर से लगा दी जाएं तो हादसों में कमी आ सकती है। नगरपालिका ने 2005-06 में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए 8 लाख रुपये खर्च कर शहर की माजरा चुंगी तथा राव तुलाराम चौक पर 5-6 ट्रैफिक लाइटें लगाई थीं। लेकिन दो तीन महीने बाद ही लाइटें खराब हो गई। लाइटें खराब होने के कुछ वर्ष बाद नगरपालिका ने इनको ठीक करवाई थी। तब भी यह लंबे समय तक नहीं चल पाई।  
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आए दिन होते हैं हादसे
ट्रैफिक व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण सड़क हादसों में वृद्धि हो रही है। इसका मुख्य कारण ट्रैफिक व्यवस्था का चौपट होना है। शहर के मुख्य चौराहों और व्यस्त मार्गों पर न तो ट्रैफिक पुलिस है न ही ट्रैफिक लाइटें। शहर के ब्रहमदेव तथा तुलाराम चौक पर अवश्य  पुलिस रहती है। इसके अलावा किसी भी चौराहों पर पुलिस दिखाई नहीं देती। अगर ट्रैफिक लाइटें यहां लगा दी जाए तो इन हादसों  को रोका जा सकता है। सिविल अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार हर महीन 40 से ऊपर सड़क हादसे होते हैं  जिनमें से 25 से ऊपर हादसे में घायलों की मौत भी हो जाती है।
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यहां भी आवश्यक है ट्रैफिक लाइटों की
शहर में सड़क हादसे कम होने की बजाय बढ़ रहे हैं। अगर शहर के मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगा दी जाएं तो काफी हद तक हादसों को रोका जा सकता है। वर्तमान में शहर के राव तुलाराम चौक तथा माजरा चुंगी पर लगाई गई थी लेकिन अभी वो खराब पड़ी हैं। शहर के सबसे व्यस्त स्थान सतनाली चौक, कैंची मोड़,  कोर्ट के पास, ओवर ब्रिज के दूसरी ओर, ब्रहमदेव चौक आदि स्थानों पर भी  ट्रैफिक लाइटों की आवश्यकता हैं। ये ऐसे स्थान हैं जहां पर अनेकों बार सड़क हादसे हो चुके हैं।

5 अगस्त को मनाया जाता है विश्व ट्रैफिक लाइट डे:
सबसे पहले ट्रैफिक लाइटें 5 अगस्त 1914 में शुरू की गई थीं। तभी से 5 अगस्त को विश्व ट्रैफिक लाइट डे मनाया जाता है। इन लाइटों का मुख्य उद्देश्य व्यस्त ट्रैफिक स्थानों पर हादसों को रोकना है। इन ट्रैफिक लाइटों में हरी, लाल तथा पीली लाइटें होती हैं। हरी लाइटें से यातायात चलते हैं, लाल लाइट  होने पर यातायात रुक जाते हैं तथा पीली लाइट लाल लाइट में बदलने का सकेंत देती है।
वर्जन:
इस संबंध में नगरपालिका की चेयरपर्सन रीना बंटी ने बताया कि ट्रैफिक लाइटों का टेंडर जारी किए गए हैं। राव तुलाराम चौक तथा माजरा चुंगी की ट्रैफिक लाइटों की रिपेयर करवा दी जाएगी। इसके अलावा सतनाली चौक, कैंची मोड तथा कोर्ट के पास नई ट्रैफिक लाइटों के लिए प्रस्ताव लाया जाएगा।
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