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किसानों के आक्रोश से उड़े मंत्री के होश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2020 02:27 AM IST
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हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल को करनाल मंडी में किसानों के बीच पहुंचना था, लेकिन किसानों के आक्रोश की जानकारी मिलते ही कार्यक्रम को निरस्त कर दिया गया। ऐसे में उनकी अगवानी करने के लिए यहां पहुंचे भाजपा नेता व कुंजपुरा मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन ईलम सिंह को किसानों का गुस्सा झेलना पड़ा। यहां किसानों ने भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसी तरह उन्हें आढ़तियों ने वहां से हटाकर मामला शांत किया।
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डीएफएसपी निशांत राठी ने बताया कि करनाल, कुंजपुरा और इंद्री में कुल 820 क्विंटल धान खरीदा जा सका है। वहीं हैफेड के जिला प्रबंधक सुरेश वैद ने बताया कि आढ़तियों के असहयोग के कारण मंगलवार को धान की खरीद नहीं की जा सकी है। बुधवार को विभागीय अधिकारी कर्मचारी मंडियों में जाएंगे, मानक नमी पर धान खरीदने का प्रयास किया जाएगा। इधर, अचानक खरीद एजेंसियों को सूचना मिली कि कृषि मंत्री जेपी दलाल दोपहर 12 बजे करनाल अनाज मंडी पहुंचेंगे। यह सूचना आढ़तियों तक पहुंची तो उन्होंने लामबंदी शुरू कर दी। कृषि मंत्री के घेराव और विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू हो गई, जिसकी भनक लगते ही कृषि मंत्री का कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया। इस दौरान उनके स्वागत के लिए यहां पहुंचे भाजपा नेता व मार्केट कमेटी कुंजपुरा के पूर्व चेयरमैन ईलम सिंह से किसान उलझ गए। उनके सामने भाजपा सरकारों के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। बग्गा सिंह आढ़ती पहुंचे तो उन्होंने किसी तरह ईलम सिंह को वहां से हटाकर मामला शांत करा दिया।

किसान चाहता है कि धान खरीदा जाए लेकिन कांग्रेसी विचारधारा के आढ़ती स्वयं किसान बनकर विरोध की राजनीति कर रहे हैं। उन्हें मालूम था कि कृषि मंत्री का कार्यक्रम निरस्त हो गया है, लेकिन वह स्वयं किसानों का धान बिकवाने पहुंचे थे। लेकिन एक किसान ने अपनी विचारधारा के लोगों के साथ मिलकर नारेबाजी शुरू कर दी। --ईलम सिंह, भाजपा नेता करनाल।
एक या पांच क्विंटल के शेड्यूल से किसान असमंजस में
करनाल। इस बार ई-खरीद पोर्टल को सरकार ने मार्केट कमेटी से छीन कर अपने अधिकार में ले लिया है। अब चंडीगढ़ से ही मंडियों में धान लाने के लिए शेड्यूल जारी किया जा रहा है। इसमें काफी बड़ी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। कुछ किसानों को एक से पांच क्विंटल धान लाने का मैसेज भेजा जा रहा है, जिसे देख वे अचंभित हैं और मार्केट कमेटी के चक्कर लगाने को विवश हैं।
धान की खरीद के लिए किसानों को मंगलवार से शेड्यूल जारी कर दिया गया है, लेकिन इस बार यह व्यवस्था बदली हुई है। गेहूं के सीजन तक मार्केट कमेटियां शेड्यूल जारी करती थीं। तब आढ़तियों से रायमशवरा करके जिसका गेहूं कट गया, उसके हिसाब से शेड्यूल जारी होता था लेकिन इस बार एनआईसी के माध्यम से कंप्यूटराइज्ड शेड्यूलिंग हो रही है।
यह सही है कि कई किसानों ने कार्यालय आकर एक से पांच क्विंटल धान लाने के एसएमएस दिखाए हैं लेकिन यह गड़बड़ी इसलिए हो रही है क्योंकि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसानों ने क्विंटल के स्थान पर किला भर दिया है, जहां 100 क्विंटल भरना था, वहां चार किला भर दिया है। जिससे कंप्यूटर ने उसे सिर्फ चार क्विंटल गिनकर शेड्यूल जारी कर दिया है। किसान चिंतित न हो, वह दोबारा पोर्टल पर जाकर सही जानकारी भर दें, उनके नाम शेड्यूल दोबारा जारी हो जाएगा।
-सुंदर सिंह कांबोज, सचिव अनाज मंडी करनाल।

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