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मोदीनपुर धान खरीद केंद्र में गड़बड़ी का शक, जांच के आदेश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2020 02:21 AM IST
suspicion of disturpances at the purchase center
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हरियाणा सरकार को मालूम है कि उत्तर प्रदेश से सटे हरियाणा के सीमावर्ती जिलों की अनाज मंडियों में 60 प्रतिशत धान यूपी से ही आता है। इसके बावजूद यूपी से ग्रेड-1 धान पर राज्य में नो इंट्री है। यूपी के सीमावर्ती जिलों पर हजारों क्विंटल धान ट्रक, ट्रालियों में भरा खड़ा है, जिससे जाम लग रहा है, लेकिन हरियाणा सरकार यूपी के धान को आने की हरी झंडी देने को तैयार नहीं है। जिला प्रशासन ने आढ़तियों व राइस मिलर्स के कहने पर यूपी के किसानों के लिए सीमावर्ती गांव मोदीनपुर में पांच अक्टूबर को एक खरीद केंद्र तो बनाया लेकिन वहां खरीदारों ने मनमानी कर किसानों की मजबूरी का जमकर फायदा उठाते हुए 1300 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदा। यह भी ध्यान नहीं रखा कि यह केंद्र सिर्फ यूपी के किसानों के लिए बनाया था। स्थानीय किसान भी यहां धान लेकर पहुंचे। जिसके जरिये एक बड़े घोटाले की आशंका जताई गई। आखिरकार पांचवें दिन ही खरीद को बंद कर दिया गया। अब उपायुक्त द्वारा यहां हुई खरीद की एक एचसीएस अधिकारी से जांच कराने की बात कही है। हालांकि मार्केट कमेटी यहां सब कुछ नियम के मुताबिक होने का दावा कर रही है। सवाल है कि यदि सब कुछ ठीक था तो पांच दिन बाद केंद्र को बंद क्यों कर दिया गया।

यूपी के सीमावर्ती जिलों से पिछले दो महीने से 1509 प्रजाति का धान हरियाणा की मंडियों में आ रहा है। लेकिन 26 सितंबर से सरकारी धान खरीद शुरू होेने के बाद पीआर प्रजातियों के ग्रेड-1 धान को यूपी से हरियाणा की सीमा पर लाने पर पाबंदी लगा दी। जिससे सीमाओं पर हजारों किसान धान लेकर ठहर गए। कई स्थानों पर जाम की स्थिति है। फिर आढ़ती व मिलर्स सक्रिय हुए। जिला प्रशासन पर यूपी का धान खरीदने को पोर्टल खोलने का दबाव बनाया लेकिन हरियाणा सरकार राजी नहीं हुई। कुछ दिन पहले पोर्टल खोला लेकिन उसमें शेड्यूलिंग नहीं दी, जिससे खरीद शुरू नहीं हुई। ऐसे में जिला प्रशासन ने मार्केट कमेटी करनाल को निर्देश देकर सीमावर्ती गांव मोदीनपुर में यूपी के धान की खरीद के लिए एक खरीद केंद्र खोल दिया। यहां बड़ी संख्या में धान पहुंचा। रास्ते तक खराब हो गए। चार दिन में ही 537 गेटपास काटे गए। करीब 50 हजार क्विंटल धान खरीद का दावा किया गया। लेकिन यहां खरीदारों ने नमी कम बताकर किसानों की मजबूरी का लाभ उठाया। खरीद एजेंसियां व मार्केट कमेटी भी खरीदारों के साथ खड़ी दिखाई दी। आरोप है कि खरीदारों ने कम रेट पर खरीदकर सरकारी एजेंसियों को मौके पर ही धान देकर लाखों का मुनाफा कमाया। आरोप है कि यहां हरियाणा के किसान भी धान बेचने गए। यहां किस प्रदेश का धान खरीदा गया, यह स्पष्ट नहीं हो रहा है। नौ अक्टूबर को यह खरीद केंद्र अचानक बंद कर दिया गया। इस पर अधिकारियों की अलग-अलग राय है। घोटाला या गड़बड़ी हुई है या नहीं यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा।

मोदीनपुर खरीद केंद्र 5 से 9 अक्टूबर तक चला, जिसमें 537 गेटपास काटे गए। करीब 50 हजार क्विंटल धान खरीदा गया। एमएसपी से कम रेट पर खरीद करने के आरोप निराधार हैं, वहां एजेंसियों ने खरीद की है। जिला प्रशासन के निर्देश पर ही केंद्र शुरू किया गया था और प्रशासन के आदेश पर ही बंद कर दिया है।
-सुंदर सिंह कांबोज, सचिव मार्केट कमेटी करनाल
यूपी के धान की खरीद 19 से संभव
-हरियाणा सरकार ने पिछले एक सप्ताह पहले ही मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल को यूपी के किसानों के पंजीकरण के लिए खोल तो दिया था लेकिन जिलों की फीडिंग नहीं की गई, न शेड्यूलिंग हो सकी। अब पोर्टल पर शामली, मुजफ्फरपुर, सहारनपुर सहित चार जिलों के पोर्टल पर शो होने की बात मार्केट कमेटी सचिव सुंदर सिंह कांबोज कह रहे हैं। उनका कहना है कि पोर्टल पर 19 अक्टूबर से यूपी के किसानों के लिए शेड्यूलिंग शुरू होने की बात प्रदर्शित हो रही है लेकिन कोई अधिकारिक आदेश मार्केट कमेटी के पास नहीं आया है।

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