एक स्कूल में दसवीं के 114 बच्चों में 5 पास

करनाल/ब्यूरो Updated Thu, 20 Dec 2012 03:41 PM IST
only five students pass in 10th class in a school
गांव टीकरी के ग्रामीणों ने अपने गांव के राजकीय हाई स्कूल पर ताला जड़ दिया। विरोध में ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों के अनुसार दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम खराब आने के विरोध में ग्रामीणों को स्कूल पर ताला जड़ना पड़ा। 

मामला यह था कि 35 अध्यापकों की लंबी चौड़ी फौज वाले स्कूल में दसवीं की बोर्ड की परीक्षा में 114 बच्चों में से कुल पांच बच्चे इस बार पास हुए। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए ग्रामीणों ने ऐसे अध्यापकों से परीक्षा परिणाम खराब आने का लिखित में जवाब मांगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस मामले में हस्तक्षेप कर ताला खुलवाया।

इस गांव के हाई स्कूल प्रबंधन की ओर से दसवीं कक्षा के लिए कुल 115 छात्रों को दाखिला भेजा गया था। एक बच्चे ने परीक्षा नहीं दी थी। कुल 114 बच्चों ने परीक्षा दी थी। साल भर स्कूल के 35 अध्यापकों की फौज ने छात्रों को कितने अच्छे ढंग से पढ़ाया, यह कई दिन पहले आए परीक्षा परिणाम से साफ हो गया। अध्यापकों की मेहनत की पोल भी खुल कर ग्रामीणों के सामने थी। ऐसे में ग्रामीणों का पारा हाई हो गया।

बच्चों का पूरा साल बेकर गया। अभिभावकों का पैसा बर्बाद हुआ। इसके बावजूद ग्रामीणों ने अध्यापकों से बात की। अध्यापक ग्रामीणों की किसी बात का जवाब नहीं दे पाए। ग्रामीणों में शामिल स्कूल प्रबंधन कमेटी की अध्यक्ष शिमला देवी, हर स्वरुप, अनूपसिंह, रामफल, मेघ सिंह, पंच भूपिंद्र सिंह, बिंदा पंच, महेंद्र, प्रधान गुलाब सिंह ने एडवोकेट अरुण कुमार के नेतृत्व बुधवार को गांव के स्कूल पर ताला जड़ दिया। इन लोगों ने जबरदस्त नारेबाजी की।

इन लोगों ने अपना विरोध जताते हुए कहा कि कुछ दिन पहले यहां मधु सूदन इंचार्ज होते थे। तब भी स्कूल की बुरी हालत थी। उनका तबादला होने के बाद नई स्कूल प्रबंधन कमेटी बनी थी। अध्यापकों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि स्कूल का परीक्षा परिणाम अच्छा आएगा, लेकिन लोगों की उम्मीदों पर न केवल पानी फिर गया, बल्कि यही हालात रहे तो उनके बच्चों का एक-एक साल का समय बर्बाद हो सकता है। इन लोगों ने कहा कि अब वे अध्यापकों से पूरा हिसाब करेंगे। कुल पांच बच्चे पास होने का मतलब है अध्यापकों ने केवल सरकार के खाते से वेतन बटोरने के अलावा कुछ नहीं किया।

जिला विज्ञान विशेषज्ञ ने जताई हैरानी
जिला शिक्षा अधिकारी सरिता भंडारी के आदेश पर स्कूल का ताला खुलवाने पहुंचे जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. सुशील कुमार ने भी हालात देख कर हैरानी जताई। उन्होंने भी अध्यापकों को कारण बताओ नोटिस दे डाला। उन्होंने कहा काम नहीं करने वाले अध्यापकों के साथ विभाग कोई रियायत नहीं बरतने वाला है। स्कूल में सही में बुरी हालत है।

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