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किसान बोले-आढ़ती कहेंगे तो बेचेंगे धान-मजदूरों ने कहा हम भी नहीं करेंगे काम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 02:03 AM IST
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बुधवार को मंडियों में खरीद एजेंसियों के सामने एक नई मुश्किल खड़ी हो गई। एजेंसियों के अफसर जब किसान की धान की ढेरियों पर पहुंचे तो कई किसानों ने फसल बेचने से इनकार कर दिया। लेबर भी आढ़तियों के समर्थन में दिखी। इनका कहना है कि हमें तो आढ़तियों के साथ ही रहना है। आढ़तियों व राइस मिलर्स की बातों को सरकार माने, तभी धान की खरीद करें। यह सुनकर अफसर भी हैरान रह गए। एजेंसियों का मानना है कि किसान मंडी में धान लाया तो बेचने के लिए लेकिन वह आढ़तियों के दबाव में है। इसी कारण खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है।
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पछले चार पांच दिन से किसान धान लेकर मंडियों में हैं। मंडियां धान से अट चुकी हैं, सड़कों पर भी धान उतार दिया गया है। राइस मिलर्स व आढ़ती मांगों को मनवाने हड़ताल पर अड़े हैं। क्योंकि मिलर्स जानते हैं कि एजेंसियों के पास न तो धान सुखाने के इंतजाम हैं न भंडारित करने के। ऐसे में सरकार को उनकी बात सुननी ही होगी, सरकार के पास विकल्प ही नहीं है, अधिकांश मिलर्स आढ़ती भी हैं। यही कारण है कि मिलर्स व आढ़ती अपनी जिद पर अड़े हैं। डीएफएससी निशांत राठी, हैफेड डीएम सुरेश वैद, स्टेट वेयर हाउस के अधिकारी मंडियों में स्वयं टीमों के साथ धान खरीद कराने उतरे। आईएएस एसडीएम आयुष सिन्हा भी मंडी पहुंचे। किसानों से बात की। तब जाकर शाम तक 634.5 एमटी धान खरीदा जा सका। हैफेड के डीएम ने बताया कि जब एजेंसी कर्मी किसानों के पास गए तो कई किसानों की ढेरियों पर जाकर खरीदने का प्रयास किया। कुछ किसान ने आढ़तियों से राय लेने के बाद तो कुछ ने सीधे धान बेचने से मना कर दिया। बोले कि वह अपना धान आढ़तियों के माध्यम से ही बेचेंगे, अन्यथा आढ़तियों से उनके संबंध खराब हो जाएंगे।

-कई ढेरियों पर जाकर धान खरीदने का प्रयास किया। चंद किसानों ने तो धान बेचा लेकिन अधिकांश किसानों ने बिना आढ़तियों के धान बेचने से इनकार कर दिया। यही नहीं लेबर भी काम करने से इनकार कर देती है, उनका कहना है कि एजेंसी तो महीनेभर काम देगी, आढ़ती तो पूरे साल काम देते हैं, इन्हें नाराज नहीं कर सकते। इसका मतलब किसान व लेबर आढ़तियों के दबाव में हैं। ऐसी स्थिति में कुछ मुश्किलें आ रही हैं। जबकि एजेंसी उन्हें वारदाना से लेकर चौबीस घंटे के अंदर उठान कराने जैसी सभी सुविधाएं मुहैया कराने को तैयार है।
-सुरेश वैद जिला प्रबंधक, हैफेड करनाल

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