वर्ष 2041 में कैसा होगा करनाल? जियो टैगिंग व सेटेलाइट इमेज से तैयार हो रहा डेवलपमेंट प्लान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 20 Feb 2020 02:21 AM IST
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2041 में करनाल कैसा होगा.. इसको लेकर अभी से तैयारियां शुरू हो गईं हैं। जियो टैगिंग और सेटेलाइट इमेज से डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जाना है। ताकि शहर की मौजूदा स्थिति को दर्शाने के साथ-साथ देखा जाए कि बढ़ी हुई आबादी के अनुसार कौन-कौन से प्रोजेक्ट प्रस्तावित हो सकते हैं। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़कें जैसी बेसिक जरूरतें शामिल हैं।
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लघु सचिवालय में बुधवार को डीसी निशांत कुमार यादव ने इस प्लान पर काम कर रही याशी कंपनी और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। यह कंपनी छह महीने से 17 विभागों से जानकारी मांग रही थी लेकिन उनके स्तर से उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरी में डीसी को इन अधिकारियों के साथ बैठक करनी पड़ी है। डीसी ने अफसरों से साफ- साफ कहा है कि वह नियोजित विकास और मास्टर प्लान के लिए याशी कंपनी के कंसल्टेंट को मार्च के प्रथम सप्ताह तक पूरी जानकारी दे दें। ताकि प्लान को अंतिम रूप दिया जा सके। बैठक में कंपनी की उप निदेशक तनुजा वर्मा, अर्बन प्लानर स्वपनिल व मानसी के अतिरिक्त राजस्व, शहरी विकास प्राधिकरण, आवास बोर्ड, निकाय, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, शिक्षा, एचएसआईआईडीसी, खेल, पुलिस, सिंचाई, बिजली निगम व नगर योजनाकार जैसे विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल थे।

विभागों को इन्फ्रास्ट्रक्चर मार्क कर करना होगा वेरीफाई
बैठक के दौरान कंपनी की उप निदेशक तनुजा वर्मा ने मास्टर प्लान के प्रोजेक्ट को लेकर प्रजंटेशन देने के साथ-साथ अब तक हुए काम की रिपोर्ट साझा की। उन्होंने कहा कि विभाग जियो टैगिंग से अपने-अपने यहां के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मार्क करके वेरीफाई कर लें, ताकि आगामी कार्य किया जा सके।
करनाल सहित हरियाणा के 17 जिले शामिल
अटल मिशन फार रिजूविनेशन एंड अर्बन ट्रांसफोर्मेशन (अम्रुत) के सब मिशन जियोग्राफिकल इंफोर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) पर आधारित शहरों की विकास योजना को लेकर 17 शहरों में याशी कंसलटिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी काम कर रही है। उप निदेशक तनुजा वर्मा ने बताया कि इनमें करनाल के अलावा बहादुरगढ़, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, जींद, सिरसा, हिसार, अंबाला, पानीपत, सोनीपत, यमुनानगर, फरीदाबाद, रेवाड़ी, भिवानी, रोहतक, कैथल व पलवल शहरों के डीपी तैयार होंगे।
प्लान में ये होगा-
20 साल के लिए प्रस्तावित मास्टर प्लान में मानचित्र तैयार करने के साथ-साथ मौजूद भूमि उपयोग सर्वेक्षण होगा। इसमें नगर निगम सीमा से बाहर पांच किलोमीटर रेडियस का एरिया लेकर उसकी ड्रोन से मैपिंग कर जियो टैगिंग होगी। जिसमें नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क आदि सुविधाओं को दिखाया जाएगा। इसके अलावा फायर स्टेशन, पार्किंग स्पेस, साइकिल ट्रैक, चौड़ी सड़कें और साप्ताहिक मार्केट की जरूरत को प्राथमिकता पर दिखाया गया है। जिसका संबंधित विभाग वेरीफिकेशन करेंगे कि उनकी क्या-क्या जरूरतें हैं और यदि इनमें से कोई इन्फ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, तो उसे बताएंगे। ताकि उसकी डुप्लीकेसी न हो। इस कार्य के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। सरकारी विभागों की ओर से जो प्रस्ताव मिलेगा, उसे लैंड यूज के अनुसार प्लान में रखा जाएगा। इसी के बाद सरकार को सौैंप दिया जाएगा।

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