विज्ञापन
विज्ञापन

आईटीआई लाठीचार्ज प्रकरण : एएसआई बोला-मैंने नहीं मारे डंडे, प्रिंसिपल ने वीडियो दिखाई तो छूटे पसीने

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Thu, 20 Jun 2019 12:28 AM IST
ख़बर सुनें
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। आईटीआई विद्यार्थियों, इंस्ट्रक्टरों और प्रिंसिपल पर लाठीचार्ज के मामले में बुधवार को मजिस्ट्रेटी जांच कमेटी के सामने बुधवार को एक और एएसआई सुखदेव सिंह पेश हुआ। पूछताछ के दौरान पहले तो पुलिस कर्मचारी ने प्रिंसिपल और शिक्षकों पर लाठीचार्ज करने से साफ इंकार कर दिया। हालांकि, उसी समय प्रिंसिपल ने कमेटी के साथ लाठीचार्ज करते वीडियो दिखा दी। इस पर पुलिस कर्मचारी के पसीने छूट गए। जब पुलिस कर्मचारी से पूछा कि वह प्रिंसिपल रूम में क्यों घुसे? इस पर सुखदेव सिंह ने जवाब दिया कि मुझे इसकी जानकारी नहीं थी कि ये प्रिंसिपल रूम है।
गौरतलब है कि 14 जून को भी एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक की अध्यक्षता में कमेटी के सामने केवल एएसआई सतीश कुमार पेश हुआ था। एएसआई सुखदेव सिंह व राजपाल पेश नहीं हुए थे। इस पर एसडीएम ने इन दोनों को पेश होने के लिए 19 जून की तिथि तय की थी। इसके साथ ही सीडी में लाठीचार्ज करते दिख रहे सिटी थाना प्रभारी हरजिंद्र सिंह को भी दोबारा से पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन बुधवार को ऐसा नहीं हुआ। इससे पहले, एसडीएम नरेंद्र सिंह, आईटीआई के डिप्टी डायरेक्टर व आईटीआई करनाल के संधु शामिल रहे। कमेटी के सामने हर बार की तरह

जांच पूरी, सभी पुलिस कर्मचारियों के बयान एक जैसे
बुधवार को पूरी हो गई। जांच की अहम बात ये है कि अब तक सभी पुलिस कर्मचारियों ने एक जैसे ही जवाब दिए हैं। तीन सदस्यीय जांच कमेटी के सामने सभी ने एक बात कही है कि, उन्हें नहीं पता था कि ये आईटीआई के प्रिंसिपल का रूम है और सीट पर बैठे व्यक्ति प्रिंसिपल हैं। हालांकि, कमरे के बाहर मोटे अक्षरों में प्रिंसिपल रूम लिखा हुआ है। हालांकि, बुधवार को दो में से एक पुलिस कर्मचारी सुखदेव सिंह कमेटी के सामने पेश हुए, राजपाल नहीं पहुंचे।

छात्र की मौत के बाद गुस्साए थे
11 अप्रैल को रोडवेज बस की चपेट में आने से एक छात्र निकित की मौत हो गई थी। इसके बाद 12 अप्रैल की सुबह आईटीआई के विद्यार्थियों ने चौक पर जाम लगाने की कोशिश थी। इस दौरान, आईटीआई के विद्यार्थियों ने पुलिस पर पथराव किया था। हालात इतने खराब हो गए थे कि पुलिस को हवाई फायर तक करने पड़े। बाद में पुलिस ने भी छात्रों पर पथराव किया था और छात्रों को दौड़ा दिया था। बाद में पुलिस ने विद्यार्थियों पर जमकर लाठीचार्ज किया था, इतना ही नहीं आईटीआई के अंदर घुसकर छात्राओं और शिक्षकों पर भी लाठीचार्ज किया था। आईटीआई के प्रिंसिपल बलदेव सिंह पर भी लाठीचार्ज किया था। इस मामले में 103 विद्यार्थियों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में सीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। एएसपी मुकेश कुमार को पुलिस विभाग की जांच के आदेश दिए थे, जबकि एसडीएम करनाल नरेंद्र पाल मलिक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी को न्यायिक जांच के आदेश दिए थे।

संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए पुलिस कर्मचारी : प्रिंसिपल
इस बारे में आईटीआई के प्रिंसिपल बलदेव सिंह का कहना है कि बुधवार को एक पुलिस कर्मचारी ही पेश हुआ, वो हमारे सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक ने आश्वासन दिया है कि ये सुनवाई की अंतिम तारीख थी। अब इसकी जांच रिपोर्ट आएगी। जांच रिपोर्ट के बाद ही आगामी फैसला लिया जाएगा।

Recommended

'अभिरुचि' एक नई पहल जो बना रही है छात्रों का भविष्य
Invertis university

'अभिरुचि' एक नई पहल जो बना रही है छात्रों का भविष्य

लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए इस सावन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक - 22/ जुलाई/2019
Astrology

लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए इस सावन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक - 22/ जुलाई/2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
सबसे विश्वशनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Chandigarh

हरियाणा में अब दस लाख पशुओं का होगा बीमा, जानें छोटे-बड़े जानवरों की वार्षिक प्रीमियम राशि

हरियाणा सरकार प्रदेश में दस लाख पशुओं का बीमा करवाएगी। इसके लिए प्रीमियम के रूप में 71.79 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

20 जुलाई 2019

विज्ञापन

मुकेश अंबानी ने बीते 11 साल में कभी नहीं बढ़ाई अपनी सैलरी

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी की सैलरी से ज्यादा कंपनी में उनके रिश्तेदारों की सैलरी है। मुकेश अंबानी ने लगातार 11वें साल भी अपनी सैलरी में इजाफा नहीं किया है।

20 जुलाई 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree