डेढ़ लाख से ज्यादा बच्चों को मिलेंगी दवाएं

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Karnal Published by: Updated Tue, 09 Jul 2013 05:31 AM IST

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कैथल। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले भर में 191 हाईरिस्क जोन वाले एरिया में सोमवार से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य विभाग हरियाणा की ओर से विशेष साप्ताहिक टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया गया। इसमें बच्चों को 8 जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए टीके लगाए जाएंगे।
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इसके अलावा जिले भर के स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए दो विशेष अभियान शुरू किए हैं। इसके तहत इस वर्ष लगभग एक लाख 60 हजार से अधिक बच्चों को अलबंडाजोल और आयरन की दवाएं खिलाई जाएंगी।


191 हाईरिस्क जोन में अभियान
सिविल सर्जन डा. आदित्य गुप्ता ने बताया कि विभाग की ओर से जिले भर में आठ जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए अभियान चलाया गया है। सोमवार से 191 हाईरिस्क जोन में सभी बीमारियों से बचाव के लिए बच्चोें को यह एक टीका लगाया जा रहा है। इन जोन में कैथल शहर में 56, सीएचसी गुहला 21, सीएचसी सीवन 32, सीएचसी पूंडरी 12, सीएचसी राजौंद 18, सीएचसी कौल 17 और सीएचसी कलायत में 35 संवेदनशील क्षेत्र हैं।

इन बीमारियों से होगा बचाव
इस अभियान का लक्ष्य टीबी, पोलियो, गलघोंटू, खसरा, काली खांसी, हेपेटाइटस बी, टेटनस और एचआईवी, निमोनिया जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाव है। सभी के लिए एक ही टीका ईजाद किया गया है। अभियान की इंचार्ज डा. शशि त्रिपाठी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय ढांचागत व्यवस्था के माध्यम 13 जुलाई तक सप्ताह भर चलेगा।

277 गांवों में टीकाकरण
अभियान के लिए गठित की गई टीमों में प्रत्येक टीम में एक एएनएम और एक वैक्सिनेटर शामिल हैं जो बच्चों को टीके लगाएंगे। इस सप्ताह में जिले के छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, दो सामान्य अस्पतालों, 143 स्वास्थ्य उप केंद्रों की ओर से जिले भर के 277 गांवों में टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

हर सोमवार को आयरन की गोली
जिले भर के सभी स्कूलों में स्वाथ्य विभाग की ओर से सोमवार को आयरन की गोली दी जाएगी। इसे बच्चे विभागीय अधिकारियों की देखरेख में खाएंगे। साल में 52 गोली एक बच्चे को दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले भर के करीब एक लाख 60 हजार बच्चों को यह दवा दी जाएगी। जो बच्चे सोमवार को अनुपस्थित रहेंगे, उनके लिए यह दवा अगले दिन भी उपलब्ध होगी। यह खून की कमी सहित कई प्रकार की बीमारियों से रक्षा करेगी।

साल में दो बार दी जाएगी अलबंडाजोल की दवा
सिविल सर्जन डा. आदित्य गुप्ता के अनुसार 10 से 19 साल के सभी बच्चों को साल में दो बार अलबंडाजोल की दवा दी जाएगी। इसमें सरकारी और अर्धसरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों को यह दवा दी जाएगी। विभाग ने इसके लिए अभियान शुरू कर दिया है। अगस्त माह से स्कूलों में बच्चों को यह दवा विभागीय अधिकारियों की देखरेख में खिलाई जाएगी। इसके बाद जनवरी में फिर से बच्चों को यह दवा दी जाएगी।

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