गरिमा की महिमा ने देश का गौरव बढ़ाया!

Karnal Updated Sat, 26 Jan 2013 05:30 AM IST
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करनाल। क्लोन भैंस गरिमा-दो मां बन गई है। गरिमा-दो ने शुक्रवार को कटड़ी को जन्म दिया। उसका नाम महिमा रखा गया है। गरिमा की महिमा के साथ ही भारत क्लोन तकनीक में भी दुनिया का सिरमौर बन गया। भारत पहला ऐसा देश हैं, जहां क्लोन से तैयार कटड़ी ने बच्चा जन्मा है। अब तक यह माना जाता रहा है कि क्लोन से तैयार प्राणी प्राय: बांझ होते हैं। लेकिन गरिमा-दो के मां बनने के बाद यह मिथक टूट गया। इतना ही नहीं, गरिमा को प्राकृतिक तरीके से गर्भाधान कराया गया और डिलीवरी भी प्राकृतिक ही हुई।
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इस उपलब्धि के बाद एनडीआरआई (नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट) की गूंज पूरे विश्व में सुनाई देगी। वैज्ञानिकों की उम्मीद के मुताबिक ही शुक्रवार को गरिमा-दो की दोपहर बाद 1:51 बजे डिलीवरी हुई। गरिमा की डिलीवरी नॉर्मल रही और उसने कटडी को जन्म दिया। जन्मी कटड़ी पूरी तरह स्वस्थ है और जन्म के समय उसका वजन 32 किलो है। गरिमा-दो का वजन भी जन्म के समय लगभग इतना ही था। फर्क सिफ इतना है कि गरिमा क्लोन से पैदा नहीं की गई।

महिमा रखा कटड़ी का नाम
गरिमा से जन्मी कटड़ी का नाम महिमा रखा गया है। संस्थान के निदेशक डॉ. एके श्रीवास्तव का कहना है कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर गरिमा ने कटड़ी को जन्म देकर नई तकनीक में भारत को महिमा मंडित किया है। इसी के चलते इस कटड़ी का नाम महिमा रखा गया है। जन्म के बाद महिमा को प्राकृतिक ढंग से स्तनपान कराया गया। इसके साथ यह भी साफ हो गया है कि गरिमा-दो भी दूसरे पशुओं की दूधारू है। क्लोन कटड़ी तैयार करने के लिए संस्थान के डाक्टरों ने जो मेहनत की थी, महिमा के जन्म के बाद उस तकनीक को ओर अधिक बल मिला है।
यह दल रहा डिलीवरी के दौरान मौजूद
गरिमा की डिलीवरी के समय संस्थान के डायरेक्टर एवं वायस चांसलर डॉ. एके श्रीवास्तव, डॉ. शिव प्रसाद, डॉ. सुरेश कुमार सिंगला, डॉ. आरएस माणिक, डॉ. एमएस चौहान, डॉ. केपीएस तोमर, डॉ. कुमारेशन, डॉ. राजू, डॉ. सुभाष, डॉ. पीके मोहंती, डॉ. पुनीत पाल, डॉ. अनिल पुनिया, सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. बीसला डिलीवरी के दौरान मौजूद थे।

22 अगस्त को जन्मी थी गरिमा-दो
गरिमा-दो 22 अगस्त 2010 को जन्मी थी। गरिमा-दो को पैदा करने के लिए वैज्ञानिकों ने भैंस का सेल लिया था और हैंड गाइडेड क्लोनिंग टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर इसे तैयार किया था। गरिमा-दो से पहले गरिमा-एक पैदा की गई थी, लेकिन वह कुछ रोज बाद ही चल बसी थी। गरिमा-एक 6 फरवरी 2009 को ऑपरेशन से पैदा हुई थी लेकिन उसकी मौत के बाद भी वैज्ञानिकों ने हार नहीं मानी और उनका सपना पहले गरिमा-दो और उसके बच्चे के रूप में साकार हो गया। गरिमा-दो की मां की नॉर्मल डिलीवरी नहीं हो सकी थी। ऑपरेशन से डिलीवरी कराई गई थी।
क्या है क्लोन तकनीक
क्लोन जीव का प्रतिरूप है। इसे तैयार करने के लिए किसी भी जीव की सेल ली जाती है और केमिकल के जरिए उसकी ग्रोथ की जाती है। सेल बढ़कर टिश्यू बन जाते हैं और इसके बाद अंग बनने शुरू हो जाते हैं।

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