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कब्रिस्तान का मामला पहुंचा राष्ट्रपति दरबार

Karnal Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
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करनाल। चांद सराय स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर भूमाफिया द्वारा अवैध कालोनी काटने के मामला राष्ट्रपति के दरबार में पहुंच गया है। इस मामले में राष्ट्रपति सचिवालय के अंडर सेक्रेटरी चिराबराता सरकार ने मुख्य सचिव को पत्र लिख इस मामले में कार्रवाई की जानकारी मांगी है। इससे पहले यह मामला मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के दरबार में भी जा चुका है, लेकिन माफिया के प्रभाव के चलते हर बार जांच दबा दी गई।
जनहित सोशल वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष जितेंद्र राणा और कब्रिस्तान में दफन अब्दुल गफ्फूर के पुत्र बीरुद्दीन ने 3 अक्टूबर को राष्ट्रपति को भेजी शिकायत में कहा था कि वक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने भूमाफिया से मिलकर कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कालोनी काट दी है। शिकायत के साथ जिला अदालत में दायर केस का हवाला भी दिया गया था। मामले की गंभीरता पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रपति सचिवालय ने इस मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिख कार्रवाई की जानकारी मांगी है।

हरिप्रसाद लिख चुके हैं सीएम को पत्र
इसी मामले में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और हरियाणा के प्रभारी बीके हरिप्रसाद भी मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मामले की जांच कराने के लिए पत्र लिख चुके हैं। पत्र के जवाब में सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा था कि यह पूरा मामला उनके संज्ञान में है और इस मामले की वे खुद जांच करा रहे हैं। बीके हरिप्रसाद ने शिव कालोनी के बीरुद्दीन की शिकायत पर 29 मार्च 2012 को मुख्यमंत्री को जांच कराने के लिए कहा था। बीरुद्दीन का कहना है कि उसके पिता को यहां दफनाया गया था और भूमाफिया ने वक्फ बोर्ड के अधिकारियों से मिलीभगत कर उनके पिता की कब्र को उखाड़ कर नापाक कर दिया है। मुख्यमंत्री ने 25 मई 2012 को लिखे अपने पत्र में यह भी कहा है कि मामले की गहनता से जांच होगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। उधर, इस मामले से जुडे़ करनाल के एस्टेट ऑफिसर मोहम्मद याकूब सरालवी समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों का भी तबादला हो चुका है।

वक्फ बोर्ड मान चुका है धांधली
इतना ही नहीं वक्फ बोर्ड मान गया है कि खेती के लिए ली गई जमीन पर भूमाफिया ने कालोनी काट दी थी। पुन: भूमाफिया का कब्जा न हो इसके लिए वक्फ बोर्ड ने उनका पट्टा रद कर दिया था और अवैध कालोनी काटे जाने का खुलासा होने के बाद इसे कब्जा मुक्त करा चहारदीवारी करने का निर्णय किया जा चुका है। बोर्ड के एडमीनिस्ट्रेटर नसीम अहमद (आईएएस रिटायर्ड) जमीन की पैमाइश कर चहारदीवार करने का आदेश दे चुके हैं। पूर्व उपायुक्त नीलम प्रदीप कासनी ने भी जमीन पर अवैध कालोनी काटे जाने के संबंध में एडमीनिस्ट्रेटर को पत्र लिखा था। उन्होंने जल्द से जल्द इस मामले पर संज्ञान लेने को कहा था।

यह है कब्रिस्तान पर कब्जे का मामला
चांद सराय जुंडला गेट में खसरा नंबर 4478 में 21 बीघे कब्रिस्तान की जमीन है। इस जमीन का पट्टा अशोक कुमार पुत्र राधेश्याम निवासी मकान नंबर-818/6 अर्बन एस्टेट, सुनील कुमार पुत्र रघुनंदन, मकान नंबर-340, सेक्टर-4 और जगतार सिंह पुत्र मेहर सिंह निवासी गांधी नगर ने यह जमीन वक्फ बोर्ड से खेती के लिए पट्टे पर ली थी। चूंकि यह जमीन शहर के बीचोंबीच है, इसलिए इन लोगों ने स्थानीय एस्टेट ऑफिसर से मिलकर कब्रिस्तान की जमीन पर कालोनी काट दी। कालोनाइजरों ने कब्रें उखाड़ फेंकी थीं और जमीन पर रातोरात कच्ची सड़कें बना दीं। यह सब होने के बाद भी एस्टेट ऑफिसर सब ठीक का राग अलापते रहे। इस मामल में बीरुद्दीन ने यह मुद्दा उठाया और अब यह मामला राष्ट्रपति के दरबार तक पहुंच गया है।

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