चार लाख 40 हजार में बिकी मिस पूजा

Karnal Updated Thu, 27 Dec 2012 05:30 AM IST
कलायत। गांव मटौर के रमेश कुमार लंबड़ की मुर्राह नस्ल की भैंस मिस पूजा को आखिर उसका कद्रदान मिल ही गया। पिछले वर्ष से ही रमेश कुमार की भैंस को खरीदने के लिए लोगों में होड़ लगी थी। लेकिन मिस पूजा की कीमत साढ़े तीन लाख से ऊपर नहीं लगी थी। बुधवार को पंजाब के जिला लुधियाना के ऐडी गांव के काका संधू ने 4 लाख 40 हजार रुपये की कीमत अदा कर मिस पूजा को खरीद लिया।
उन्होंने बताया कि इस समय उनके पास दो दर्जन से अधिक मुर्राह नस्ल की भैंसें हैं। रमेश कुमार ने बताया कि गत वर्ष हिसार के केंद्रीय पशु अनुसंधान केंद्र द्वारा उनकी एक मुर्राह नस्ल की भैंस एक लाख 75 हजार रुपये में खरीदी थी। अब उनकी फेवरेट मिस पूजा 4 लाख 40 हजार में बिकी है। रमेश कुमार ने बताया कि उन्होंने अभी तक एक भैंस से 24 किलो तक दूध एक समय में लिया है, जो अपने आप में एक रिकार्ड है। रमेश कुमार ने बताया कि उत्तम नस्ल की भैंसें पालना व बेचना उनका पुश्तैनी धंधा है। उनका कहना है कि उनका परिवार शुरू से ही भैंसों का व्यापार करता आ रहा है। नौकरी के लिए काफी मशक्कत करने के बाद मायूस हुए रमेश कुमार ने कहा कि एक समय तो बेरोजगारी ने उन्हें भारी मायूसी दे दी थी पर ठंडे दिमाग से बैठ कर उन्होंने अपने पुश्तैनी रोजगार को आगे बढ़ाने का संकल्प लेकर भैंसों के कारोबार में कुछ नया कर दिखाने का बीड़ा उठाया। उन्होंने बताया कि मुर्राह नस्ल की भैंस पूरे देश में खासी अहमियत रखती हैं। अत: उन्होंने मुर्राह नस्ल की भैंसों को अधिमान देना शुरू कर दिया। पशु पालन विभाग से नाखुश रमेश कुमार का कहना है कि विभाग पशुओं की प्रदर्शनी नहीं लगा रहा। इससे पशु पालकों में मायूसी है। उन्होंने कहा कि यदि विभाग समय समय पर पशु पालकों में भैंसों के स्वास्थ्य व दूध देने की क्षमता को लेकर प्रतियोगिता करवाए तो पशु पालकों में प्रतिस्पर्धा की भावना बलवती होती है तथा वे कुछ नया कर दिखाने के लिए हर संभव प्रयास कर सकते हैं।

पशु चिकित्सक डॉ. बलवंत नारा ने बताया कि सीआईआरबी केंद्र का अनुसंधान केंद्र है जो मुर्राह नस्ल को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयत्न कर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय पशु अनुसंधान केंद्र ने ईटीटी ऐड्रियो ट्रासंफर टेक्निक विधि से मुर्राह नस्ल की भैंस से 3 या 4 बच्चे पैदा किए हैं। उन्होंने बताया कि मुर्राह नस्ल के प्योर पैरामीटर के बारे उन्होंने बताया कि भैंस के सींग व गर्दन गोल रंग ब्लैक जैट व पूंछ लंबी होती है जो 4 इंच तक सफेद हो सकती है। कीमत 3 समय के दूध की मापतौल के बाद ही तय होती है। लोकल में खरीददार जो दाम लगाते हैं उनके पैरामीटर के बारे में नारा ने अनभिज्ञता प्रकट की।

Spotlight

Most Read

Rohtak

जीएसटी विभाग ने ई-वे बिल को लेकर जांच किया अवेयरनेस कैंपेन

जीएसटी विभाग ने ई-वे बिल को लेकर जांच किया अवेयरनेस कैंपेन

19 जनवरी 2018

Related Videos

हरियाणा में इस नौकरी के लिए उमड़ा बेरोजगारों का हुजूम

हरियाणा में बेरोजगारी का क्या आलम है, ये देखने को मिला करनाल में। दरअसल मंगलवार को करनाल में ईएसआई हेल्थ केयर में चपरासी के 70 पदों के लिए प्रदेश भर से हजारों युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

17 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper