सूफियाना सांझ में लूटी चाहने वालों की वाहवाही

Karnal Updated Sun, 23 Dec 2012 05:31 AM IST
कुरुक्षेत्र। गीता जयंती समारोह के चौथे दिन सूफियाना सांझ सुप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय सूफी गायिका डॉ. ममता जोशी और बलवीर सूफी के रूह तक पहुंच जाने वाले सूफियाना संगीत से सराबोर रही। जोशी के सूफियाना कलामों पर सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना डॉ. दिपानविता सिंघा राय के कत्थक नृत्य के अद्भुत संगम से कुरुक्षेत्रवासी पहली बार रूबरू हुए। जोशी ने नाथ संप्रदाय कलाम ‘लगियां ने मौजां, हुण लाई रखी सोणया’ से सूफियाना सांझ का आगाज किया। नाथ गायन शैली, जिसमें साज संगत नहीं करते, ताल स्वर संगम आवाज के उतार चढ़ाव में खुदा को याद करने को लेकर फिजां में एक गायकी का ये अद्भुत अंदाज है। इस गायकी को पंजाबी नाथ सूफियाना अंदाज से पुकारा गया। सूफियाना शाम का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने किया। इस शाम की खास बात यह रही कि इसमें सूफियाना गायन के साथ-साथ भारत के कत्थक नृत्य को भी करीने से शुमार किया गया। सूफियाना गायकी और कथक शैली के नृत्य का अद्भुत संगम देखकर संगीत व नृत्य के चाहने वालों के चेहरों पर मुस्कान जमी रही। सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना डॉ. दिपानविता सिंघा राय ने जमकर प्रतिभा दिखाई। पंडित बिरजू महाराज के नक्शे कदम पर चलकर कथक शैली के इस नृत्य में देश व विदेशों में अपनी पहचान बनाने वाली डॉ. राय, जो इन दिनों पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला में बतौर प्राध्यापक कार्यरत है, कई संगीत सम्मानों से अलंकृत की जा चुकी है। पहली बार पुुरुषोत्तमपुरा बाग में हो रही इस नायाब प्रस्तुति को बडे़ शौक से देखा गया। डॉ. जोशी ने इसके बाद प्रस्तुत बाबा बुल्लेशाह के कलाम ‘असां इश्क नमाजां जदों कीती ए, सानू भुल गए मंदर मसीती ए’ और ‘दमा दमा मस्त कलंदर’ ने सूफियाना कलामों को समर्पित ये सांझ लूट ली। सूफियाना गायकी इबादत और बंदगी का एक नायाब तरीका है जिसे डा. ममता जोशी ने बखूबी पेश किया। अपने सभी साजिंदों की संगत के साथ सूफियाना संगीत रफता-रफता कार्यक्रम के मुकाम की ओर बढ़ता रहा। वहीं इसे नए-नए दस्तूर और मोहसकी की नई बंदिशों में बनाया, संवारा और परोसा है। इस पेशकश ने श्रोताओं को न केवल भावविभोर कर दिया, बल्कि उन्हें सूफियाना दस्तूर की गायकी में गहराई में मनोरंजन के साथ-साथ आत्मसात करने का खूबसूरत मौका भी दिया। इसी मौके पर ममता जोशी का गायकी का नया अंदाज हजरत अमीर खुसरो की रचना ‘हे मन कुंतो’ मौला बेहद दिलचस्प और भावपूर्ण थी। कार्यक्रम के प्रारंभ में उभरते युवा सूफी गायक विक्रम सिरोहीवाल के सूफियाना कलामों से उपस्थित गण मुतासिर हुए और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच विक्रम की सूफियाना गायकी कामयाबी के साथ अपने मकाम तक पहुंची। इधर प्रोग्राम के अगले पड़ाव में देश विदेश में सूफियाना गायकी से आमजन को खुदाबंद से जोड़ने का नायाब काम करने वाले सूफी बलवीर की प्रस्तुतियां भी शानदार रही, जिसने सूफियाना कार्यक्रम के माध्यम से दर्शक दीर्घा से खूब तालियां बटोरी। इस मौके पर राज्यपाल के सचिव महेंद्र कुमार, आयुक्त आरपी गुप्ता, सेवानिवृत्त आयुक्त टीसी शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश ललित बत्तरा, उपायुक्त मनदीप बराड़, उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र पटियाला के निदेशक डीएस सरोया, एसडीएम अशोक बंसल, सीईओ केडीबी नरेंद्रपाल मलिक मौजूद थे।

Spotlight

Most Read

Lucknow

ब्राइटलैंड स्कूल दो दिन के लिए बंद, छात्रा हुई जुवेनाइल कोर्ट में पेश

राजधानी के ब्राइटलैंड स्कूल में छात्र को चाकू मारने की घटना के बाद बच्चों में बसे खौफ को दूर करने के लिए स्कूल को दो दिनों के लिए बंद कर दिया है।

19 जनवरी 2018

Related Videos

हरियाणा में इस नौकरी के लिए उमड़ा बेरोजगारों का हुजूम

हरियाणा में बेरोजगारी का क्या आलम है, ये देखने को मिला करनाल में। दरअसल मंगलवार को करनाल में ईएसआई हेल्थ केयर में चपरासी के 70 पदों के लिए प्रदेश भर से हजारों युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

17 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper