लड़कियों का गलियों से निकलना हुआ मुश्किल

Karnal Updated Thu, 20 Dec 2012 05:31 AM IST
कैथल। महिलाओं के साथ बढ़ रहे दुराचार के मामलों में जहां संसद तक बवाल उठा है, वहीं शहर में भी नुक्कड़ एवं गलियों से गुजरने में छात्राओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। छात्राओं की मांग है कि स्कूलों और कॉलेजों में शिकायत बॉक्स लगवाए जाएं, ताकि वे पहचान छिपाकर छेड़छाड़ संबंधी शिकायत कर सकें।

सुरक्षित नहीं शहर के चौक और बाजार
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने बताया कि वे शहर के विभिन्न स्थानों से शिक्षा ग्रहण करने के लिए आती हैं। इनमें सुबह के समय कमेटी चौक, आर्य समाज मंदिर वाली गली, सर्राफा बाजार, तलाई बाजार, प्रताप गेट, सब्जी मंडी के रास्ते पर लड़के मोटरसाइकिलों पर आते हैं और उनके साथ छेड़छाड़ करते हैं। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा भारती, शिखा, श्वेता, ज्योति, पूजा, अमिता, मलिका, मोनिका, सुनीता, संतोष, भावना, अनुशका, अंकिता, सुमन, वंदना, सुनेहा ने बताया कि सुबह स्कूल लगने से पहले व छुट्टी के समय मुख्य चौक और सड़कों पर भीड़भाड़ के चलते वे निकल जाते हैं, लेकिन नुक्कड़ एवं गलियों में आवारा लड़के परेशान करते हैं।

लगातार मिल रही शिकायतें
राजकीय कन्या विद्यालय के अध्यापक रामनिवास शर्मा ने बताया कि छात्राओं की लगातार शिकायत आती है। कई बार सिटी थाने में भी कुछ असामाजिक तत्वों के खिलाफ लिखित रूप में शिकायत दी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शिकायत के बावजूद समस्या वैसे ही बनी है।

पॉश कालोनी भी सुरक्षित नहीं
छेड़छाड़ की घटनाओं से शहर की पॉश कालोनियां भी सुरक्षित नहीं हैं। छात्रा अनीता, सुमन, शेफाली, अंजू, संजना, पल्लवी, अमिता, अदिति, डिंपल ने बताया कि हुडा सेक्टर में शाम के समय कुछ शरारती तत्व मोटरसाइकिलों पर आते हैं। घर के बाहर खड़ी लड़कियों को भी अपशब्द बोलते है। कालोनी वासियों ने इसकी शिकायत कई बार पुलिस को दी है।

आरकेएसडी कॉलेज की प्रोफेसर गीता गोयल ने बताया कि लड़कियों के लिए बड़ी पीड़ा की बात है कि उन्हें बाहर निकलने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छेड़छाड़ के आरोपी के खिलाफ सरकार ने एक सख्त कानून बनाने की जरूरत है। इससे लड़कियां अपने आपको सुरक्षित समझे। लड़कियों और लड़कों के परिजनों को भी अपने बच्चों को जागरूक करना चाहिए।

शाइनिंग स्टार पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या सुनील नैन ने बताया कि छेड़छाड़ की घटनाओं पर प्रशासन की जवाबदेही तय होनी चाहिए। अगर कोई छात्रा शिकायत करती है, तो प्रशासन के अधिकारियों की कार्रवाई पर भी जवाबदेही होनी चाहिए। ऐसा कानून बनाना चाहिए कि जिसमें छात्राओं को बाहर निकलने के लिए सुरक्षा महसूस हो सके।

शैमरॉक पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या नीलम मोदगिल ने बताया कि शहर के प्रमुख चौक व लड़कियों के स्कूलों के आगे महिला पुलिस की ड्यूटी होनी चाहिए। परिजनों ने अपने बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना चाहिए। छेड़छाड़ के प्रति एक सख्त कानून की जरूरत है, जिस कर प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ानी चाहिए।

सहायता के लिए जारी किया नंबर
एसपी कुलदीप सिंह यादव ने कहा कि कैथल पुलिस की ओर से छात्राओं की सहायता के लिए 9729990219 नंबर जारी किया गया है। विशेष महिला पीसीआर भी संचालित है। इसके साथ-साथ स्कूल और कॉलेजों के बाहर पीसीआर की तैनाती रहती है। इतना ही नहीं स्कूल एवं कॉलेजों के बाहर सादी वर्दी में भी पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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