जमीन पर बैठने को मजबूर विद्यार्थी

Karnal Updated Wed, 19 Dec 2012 05:31 AM IST
कैथल। जिले में सरकारी स्कूलों के बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। स्कूलों में पिछले चार सालों से डेस्क नहीं आए हैं। कई स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए कमरा तक नहीं है। पूर्व में स्कूलों में पहुंचे कबाड़ हो चुके डेस्कों से कमरा अटा पड़ा है और बच्चे मजबूरन बाहर जमीन पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों ने भी स्कूलों में डेस्क मुहैया करवाए जाने की मांग की है।
जिले के विभिन्न स्कूलों में अध्यापकों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि शिक्षा विभाग प्रत्येक वर्ष स्कूलों से ड्यूल डेस्क और अन्य वस्तुओं के जरूरत की रिपोर्ट मांगती है। लेकिन यह कार्रवाई कागजों तक ही सीमित रहती है। बिना जरूरत की वस्तुओं पर स्कूलों में करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन आवश्यकता की वस्तुओं पर खर्च नहीं हो रहे।

चार साल से नहीं आए डेस्क
सरकारी स्कूलों से मिली जानकारी के अनुसार आखिरी बार वर्ष 2009 में स्कूलों में डेस्क आए थे। लेकिन जो आए थे, वे भी काफी निम्न गुणवत्ता वाले थे। इसकी वजह से वे अधिक दिन नहीं चले। अब कबाड़ से स्कूल का एक-एक कमरा भरा हुआ है। आंकड़ों के अनुसार जिले में 532 सरकारी स्कूल हैं। इनमें लगभग 6220 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से 3450 विद्यार्थियों के पास बैठने को डेस्क नहीं है।
जिला अध्यापक संघ के सचिव सतबीर गोयत ने बताया कि स्कूलों के बार-बार मांग होने के बावजूद शिक्षा विभाग इसकी और कोई ध्यान नहीं दे रहा है। सरकारी स्कूलों में बैठने की सुविधा न होने के कारण बच्चे प्राइवेट स्कूलों की ओर जा रहे है। वर्ष 2009 में स्कूलों के लिए ड्यूल डेस्क भेजे गए थे, जो केवल तीन महीने में ही टूट गए थे। डयूल डेस्क में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया था। जिलेे के विद्यालयों में विद्यार्थियों के पास बैठने के लिए जगह नहीं है और टूटे हुए ड्यूल डेस्क को रखने के लिए कमरा भरा है।

सभी स्कूलों को चाहिए ड्यूल डेस्क
जिले में स्कूलों की कुल संख्या 532 है। इसमें 47 सीनियर सेकेंडरी, मिडिल स्कूलों की संख्या 46, हाई स्कूल 48 और प्राइमरी स्कूलों की संख्या 391 है। इन स्कूलों में करीब 3450 ड्यूल डेस्क की आवश्यकता है।

शहर के प्रमुख स्कूलों में ड्यूल डेस्क की स्थिति
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 2300 विद्यार्थी हैं। इसमें करीब 1300 विद्यार्थियों के पास बैठने के लिए ड्यूल डेस्क नहीं है।

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में करीब 2000 छात्राएं हैं। इसमें से 700 छात्राओं के पास बैठने के लिए डेस्क नहीं है।

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाखौली अड्डा पर छात्राओं की संख्या 620 है। इसमें केवल दो कक्षाओं में ड्यूल डेस्क हैं। करीब 450 छात्राओं के पास बैठने के लिए ड्यूल डेस्क नहीं है।

राजकीय हाई स्कूल गली नंबर-4 में विद्यार्थियों की संख्या 1300 है। इसमें 1000 विद्यार्थियों के पास ड्यूल डेस्क नहीं है।


‘जिले के स्कूलों में ड्यूल डेस्क की काफी कमी है। स्कूलों से विद्यार्थियों की संख्या को लेकर डिमांड भेज दी गई है। जैसे ही विभागीय आदेश होंगे, बच्चों को डेस्क मुहैया करवा दिए जाएंगे।
- रफिया राम, उप जिला शिक्षा अधिकारी

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