तरणजीत समेत 17 भारतीयों की रिहाई का रास्ता साफ

Karnal Updated Fri, 14 Dec 2012 05:30 AM IST
कैथल। पाकिस्तानी नागरिक मिश्री खान के कत्ल के मामले में आठ करोड़ रुपये ब्लड मनी देकर फांसी के फंदे से बचे कैथल के तरणजीत समेत 17 भारतीय युवाओं के लिए नववर्ष रिहाई का तोहफा ला सकता है। शारजाह की सिविल अदालत में चल रहे मामले पर फैसला देने की तारीख 17 जनवरी तय कर दी गई है। शारजाह की अदालत में बृहस्पतिवार को तीन चरणों में चली लंबी सुनवाई के बाद 2009 की घटना में घायल पाकिस्तानी नागरिक मुश्ताक अहमद को भी मुआवजा देने का आदेश सुनाया है। मुआवजे की रकम भी 17 जनवरी को तय की जाएगी।
अदालत ने लगातार चार तारीखों पर मुश्ताक अहमद को घटना के वक्त वह कहां नौकरी करता था, उसकी पगार कितनी थी, अब कहां नौकरी करता है और कितनी पगार है संबंधी तमाम तस्दीकशुदा दस्तावेज जमा कराने के आदेश दिए थे। लेकिन वह इसमें कामयाब नहीं हो पाया। अदालत ने पिछली तारीख में उसे कड़ी फटकार लगाई थी। वीरवार को न्यायाधीशों ने इस मामले को लिखित तौर पर बंद करते हुए मुश्ताक को भी मुआवजा देने का फैसला सुना दिया। 17 जनवरी की तारीख तय करते हुए जजों के कोर्ट की बेंच ने कहा कि उसी दिन मुश्ताक को दिए जाने वाले मुआवजे की रकम भी तय की जाएगी।
शारजाह के होटल व्यवसायी एसपी सिंह ओबराय ने बताया कि अदालत द्वारा तय मुआवजा तुरंत ही अदा कर दिया जाएगा। इसका पहले से पूरा इंतजाम कर लिया गया है। ओबराय ने कहा कि आठ करोड़ की ब्लड मनी मिश्री खान के परिजनों को देने के बाद घटना के दौरान घायल दो भाईयों मुश्ताक अहमद और शाहिद इक बाल ने भी मुआवजे के लिए सिविल अदालत में याचिका डाल दी थी। इस दौरान वहां की सरकार ने 17 भारतीयों के यात्रा करने पर भी पाबंदी लगा दी थी। अब उस पाबंदी को खत्म कराने के लिए भी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सरकार की संबंधित कमेटी के पास आवेदन कर दिया गया है। इस संबंध में भारतीय दूतावास के अधिकारियों के साथ बचाव पक्ष के वकील के साथ भी बैठक की गई है। ओबराय ने उम्मीद जताई कि यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो वह खुद सभी युवाओं को अपने साथ लेकर आएंगे।
जनवरी 2009 में शारजाह स्थित सीमेंट फैक्टरी के पास शराब की तस्करी के वर्चस्व को लेकर दो गुटों में हुई लड़ाई में पाक नागरिक मिश्री खान की मौत हो गई और मुश्ताक एवं शाहिद इकबाल घायल हो गए। इस मामले में 17 भारतीयों को मौत की सजा सुनाई गई, जोकि ब्लड मनी देने के बाद माफ हो गई। इसके बाद मुश्ताक एवं शाहिद ने मुआवजे के लिए दावा ठोक दिया। शाहिद का याचिका पहले ही रद हो गई। अब अदालत ने मुश्ताक को मुआवजा देने का फैसला सुना दिया है।
बेटे के आने की आस में घर में खुशी की लहर
तरणजीत सिंह की जेल से रिहाई को लेकर जगी आस से उसके पिता बलबीर सिंह, मां सुखविंद्र कौर व भाई परमजीत सिंह में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। परिजनों का कहना है कि पिछले चार सालों से उनका बेटा जेल में बंद है। कई माह से बेटे का घर लोटने का इंतजार वे कर रहे हैं। अब तक कई बार अदालत में पेशी लग चुकी है। लेकिन अब केस के बंद होने से उन्हें उम्मीद जगी है। 17 जनवरी को तरणजीत सिंह सहित सभी भारतीयों की जरूर रिहाई होगी।

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