इलाज कराना हैं तो घंटों का समय निकाल कर आएं

Karnal Updated Mon, 03 Dec 2012 05:30 AM IST
कैथल। शहर के इंदिरा गांधी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में डाक्टरों की कमी के कारण मरीजों को इलाज कराने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल में इस समय महज 23 डॉक्टरों की ही तैनाती है, जबकि स्वीकृत पद 40 है। सबसे अधिक परेशानी सामान्य ओपीडी और महिला रोग विभाग में आ रही है। जहां लोगों को घंटों डॉक्टर का इंतजार करना पड़ता है। बार-बार मांग के बावजूद विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
कई विभागों में डॉक्टरों की कमी
अस्पताल में महिला रोग विभाग में इस समय केवल दो चिकित्सक हैं। जबकि यहां प्रतिदिन 100 से अधिक महिलाएं इलाज कराने के लिए आती हैं। इन्हीं दो चिकित्सकों को डिलीवरी एवं ओपीडी सहित ऑपरेशन का काम देखना पड़ता है। ऐसे में ओपीडी में आने वाली महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ता है। शनिवार को अस्पताल में इलाज के लिए लगभग 35 किलोमीटर दूर भागल से बिंदू, 10 किलोमीटर दूर बुढाखेड़ा से पूजा, उझाना से सुमन एवं कैथल के ही अंबेडकर बस्ती से आई अनिता ने कहा कि वे सुबह नौ बजे आकर बैठे थे, लेकिन साढ़े दस बजे तक भी डॉक्टर नहीं आई।
इसी प्रकार से सामान्य ओपीडी के लिए भी डॉक्टर न होने के कारण परेशानी हो रही है। यहां सेवानिवृत्त चिकित्सक की नियुक्ति की हुई है। जो 11 बजे तक पुराने अस्पताल में तथा बाद में यहां पहुंचते हैं। तब तक मरीजों को घंटों का इंतजार करना पड़ता है। सामान्य सर्जन केवल एक है, जबकि दो की तुरंत प्रभाव से आवश्यकता है। शनिवार को कलायत से आई रमनदीप, पबनावा से सतीश कुमार ने कहा कि नौ बजे से वे डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन डॉक्टर न होने के कारण मजबूरन दर्द से कराह रहे हैं।
कई दिनों से बंद पड़ा है अल्ट्रासाउंड केंद्र
अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण अल्ट्रासाउंड मशीन बंद पड़ी हुई है। गुहला से एक डॉक्टर की सप्ताह में दो दिन तक ड्यूटी लगती है। जिस कारण मरीजों को प्रतिदिन निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर महंगी फीस पर जांच करानी पड़ती है।
ओपीडी में रोज 700 मरीज
एसएमओ डा. आरपी गोयल ने कहा कि डॉक्टरों की कमी के कारण सभी डॉक्टरों को सामान्य बीमारियों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। यहां प्रतिदिन 700 से अधिक की ओपीडी रहती है। इसके अलावा कई विभागों में डॉक्टरों को ऑपरेशन, वार्ड का राउंड भी लेना पड़ता है। ऐसे में मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। महिला रोग विभाग, फिजिशियन, रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण इस समय दिक्कतें हैं। अस्पताल में 43 में से 19 डॉक्टरों से काम चलाया जा रहा है।
इन विभागों में नहीं है परेशानी
अस्पताल में नेत्र रोग विभाग, चाइल्ड केयर, स्किन केयर, सहित दंत चिकित्सा विभाग में बिना परेशानी के काम चल रहा है। जहां प्रतिदिन ओपीडी बढ़ती जा रही है।
सिविल सर्जन डा. सुरेंद्र नैन ने बताया कि 19 डॉक्टरों से ही काम चलाया जा रहा है। विभाग को खाली पड़े पदों के बारे में सूचित कर दिया गया है। विभाग का प्रयास है कि मरीजों को कोई परेशानी न हो। इसी कारण डॉक्टर कई-कई शिफ्टों में काम करते हैं।

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