ऐसे तो थमेगा नहीं एड्स का दानव

Karnal Updated Sat, 01 Dec 2012 12:00 PM IST
कैथल। पिछले दस वर्षों से कैथल में एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की संख्या 7 से बढ़कर 766 हो गई है। वर्ष 2011 में जिले में नवंबर माह तक जहां रोगियों की संख्या 107 थी, वहीं इस वर्ष में नवंबर माह तक इनकी संख्या 125 जा पहुंची है। इसमें प्राइवेट अस्पतालों में होने वाले टेस्ट रिपोर्ट शामिल नहीं है। इस कारण यह इससे तीन गुणा से अधिक हो सकती है। जिले में वर्ष 2002 में रोगियों की संख्या 7 थी। जो लगातार बढ़ती जा रही है। यह वर्ष 2003 में बढ़कर 11 हो गई तथा इसके बाद दस वर्षों के अंतराल में इस समय यह 766 पहुंच गई है। यह आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग का है। जिले में स्थित लगभग 80 निजी अस्पतालों में होने वाले मरीजों के टेस्ट रिपोर्टों का डाटा नहीं है।

गुहला और पूंडरी में नहीं हैं आईसीटीसी सेंटर
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय के अलावा एकमात्र उपमंडल गुहला-चीका सहित पूंडरी कस्बे में भी आईसीटीसी सेंटर नहीं है। इन क्षेत्रों में तुरंत प्रभाव से आईसीटीसी सेंटर खोले जाने की आवश्यकता है, ताकि एचआईवी को लेकर सही ढंग से टेस्ट करवाए जा सकें।

विभाग चला रहा कई अभियान
सिविल सर्जन डा. सुरेंद्र नैन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा एड्स की रोकथाम के लिए कई प्रकार से कार्यक्रम चलाए गए हैं। इस साल 85 गांवों में नुक्कड़ नाटकों का आयोजन करके लोगों को इसकी जानकारी दी गई है। अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं, टीबी के मरीजों की जांच तो की ही जाती है, साथ में स्वैच्छिक रूप से टेस्ट करवाने के लिए आने वाले लोगों के लिए आईसीटीसी सेंटर चलाए जा रहे हैं।

इस तरह बचें एड्स से
सिविल सर्जन का कहना है कि सबसे जरूरी अपने साथी के प्रति वफादार रहें। हमेशा कंडोम का प्रयोग करें और चिकित्सकों द्वारा लगाए जाने वाले इंजेक्शन में नई सिरिंज का प्रयोग करना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर चलाए जाने वाले जागरूकता अभियान का लाभ उठाएं।

क्लब और संगठन भी जुटे हैं
यूथ विरांगना की जिला प्रधान रूबी का कहना है कि जागरूकता के अभाव के साथ-साथ अस्पतालों में कई डॉक्टरों की लापरवाही से भी एड्स बढ़ता जा रहा है। अस्पतालों में इंजेक्शन के लिए नई सिरिंज का प्रयोग किया जाए। कई केसों में एड्स के रोगियों के इलाज को लेकर डॉक्टरों द्वारा की जाने वाली उपेक्षा भी इसके लिए जिम्मेदार है। एचआईवी पॉजिटिव रोगियों का बिना किसी हिचकिचाहट के इलाज किया जाए। इसके अलावा कैथल में सुपर विकास क्लब द्वारा भी इस क्षेत्र में काम किया जा रहा है।

14 गर्भवती महिलाओं को मिला एड्स
वर्ष 2012 में हुए टेस्टों में 14 महिलाओं को एचआईवी पॉजिटिव पाया गया। इस कारण इस रोग को लेकर और अधिक जागरूकता फैलाए जाने की आवश्यकता है।

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