अवैध रूटों पर दौड रही प्राइवेट बसें

Karnal Updated Wed, 28 Nov 2012 12:00 PM IST
कुरुक्षेत्र। सरकारी परमिट पर चल रही प्राइवेट बसों के चालक अवैध रूट पर बसें चलाकर सरकारी खजाने को भारी चपत लगा रहे हैं। इन पर विभाग के अधिकारी सख्त कार्रवाई करने के नाम पर आंखें मूंदे बैठे हैं। सभी नियम कायदों को दरकिनार कर प्राइवेट बस चालक सवारियों को ढोह रहे है। मामला सिर्फ अवैध रूट पर जाने का ही नहीं, बल्कि शहर के नो एंट्री और नो पार्किंग जोन में वाहन घुसाने का भी है, जिसकी वजह से नागरिकों और व्यापारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ज्यादा से ज्यादा सवारियों को लेकर चलने की होड़ में प्राइवेट बस चालक रूट ही बदल रहे हैं। ये प्राइवेट चालक व्यस्त से व्यस्त बाजार में भी बस को ले जाने में जरा भी संकोच नहीं करते और सरेआम ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाईं जाती हैं। थानेसर शहर के बीच स्थित कच्चा घेर में प्रतिदिन कईं प्राइवेट बसें सवारियों को लेने पहुंच जाती है। इससे शहर में जाने वाले लोगों को जाम की स्थिति से जूझना पड़ता है। केवल इतना ही नहीं ये बसें घंटों सवारी उठाने के बाद ही यहां से चलती हैं, जिसके कारण बाजार में लंबा जाम लग जाता है। दोपहर को स्कूलों की छुट्टी होने के साथ स्थिति और भी खराब हो जाती है।

गलत रूट पर चलने वाली बसों के होंगे चालान
आरटीई ओमप्रकाश ने बताया कि हाल ही में उन्होंने यहां ज्वाइन किया है। थानेसर कच्चा घेर से सवारियां उठाने के लिए किसी भी रूट की बस को अनुमति नहीं है। यदि बसें अवैध रूट पर चल रही हैं तो उनके चालान किए जाएंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

भारी वाहनों की एंट्री होनी चाहिए बंद
पार्षद विवेक मेहता विक्की के मुताबिक पुराने शहर में छोटे वाहनों का ही ट्रैफिक काफी अधिक है, ऐसे में अगर भारी वाहन बस आदि प्रवेश करेंगे तो इससे ट्रैफिक व्यवस्था का बिगड़ना लाजिमी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अगर ऐसे वाहनों का प्रवेश जारी रखना है तो इसके लिए कोई ठोस प्रबंध किए जाएं। जाम लगने से सबसे ज्यादा परेशानी नागरिकों और व्यापारियों को होती है।

आज से ही कार्रवाई की जाएगी
जिला के यातायात प्रभारी राजबीर सिंह के मुताबिक ट्रैफिक को व्यवस्थित करने लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और बुधवार को ही उपरोक्त दिशा में ठोस कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे यातायात व्यवस्था को बनाने में पुलिस और प्रशासन की मदद करे।

दो अधिकारियों के आदेशों को ठेंगा
बस, कार, ट्राली, जीप, थ्री व्हीलर और कैंटर ही नहीं, छोटे वाहनों की जिस सड़क पर नो पार्किंग के आदेश एसपी और नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने जारी किए हैं, वहीं इन दोनों के आदेशों के बड़े-बड़े साइन बोर्ड लगाए गए हैं और फिर भी इन आदेशों की पालना नहीं की जा रही। खास कर उस स्थिति में जब नगर परिषद के मुख्य गेट के सामने और कृष्णा गेट पुलिस चौके से चंद कदम की दूरी पर ये हालात हों।

चेतावनी बोर्ड लगाने से नहीं चलेगा काम
कुरुक्षेत्र व्यापार मंडल के अध्यक्ष फतेहचंद गांधी के मुताबिक नगर परिषद और पुलिस ने नगर में व्यवस्था बनाने के नाम पर चेतावनी के सिर्फ साइन बोर्ड लगवाए हैं, जबकि वास्तविकता ये है कि यहां के हालात राम भरोसे है। उन्होंने मांग की कि इसके लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। पिछले दिनों प्रशासन ने सख्ती की थी, जिससे थानेसर शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में काफी सुधार हुआ था, लेकिन त्योहार समाप्त होते ही हालात जस के तस हो गए। इसका सबसे बड़ा असर कारोबार पर पड़ रहा है, क्योंकि बसों और भारी वाहनों की घुसपैठ से बिगड़े हालात के कारण ग्राहक पुराने बाजार में आने से कतरा रहे हैं।

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