सिर्फ डेढ़ हजार ने करवाया मुफ्त इलाज

Karnal Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
कैथल। जिले में राष्ट्रीय बीमा स्वास्थ्य योजना दम तोड़ती नजर आ रही है, क्योंकि जानकारी के अभाव में लाभपात्र इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं, वहीं अस्पतालों में योजना के तहत मरीजों का आपरेशन के बाद चिकित्सकों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। पिछले साल में 70 हजार से अधिक बीपीएल कार्डधारकों में से केवल 32,717 लोगों के ही स्मार्ट कार्ड बन पाए थे। इन 32 हजार से अधिक लोगों में से केवल 1582 लोगों ने योजना के तहत अस्पतालों में इलाज करवाया। इसके अलावा पूरे जिले में 80 में से केवल आठ अस्पताल ही योजना के पैनल में हैं, इनमें से सरकारी अस्पताल एक भी नहीं है।
तीस हजार रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से शुरू की गई इस योजना के तहत तीस हजार रुपये तक के इलाज की मुफ्त सुविधा है। इसके लिए योजना के तहत पैनल पर अस्पताल में जाकर पात्र व्यक्ति अपनी बीमारी का इलाज करवा सकता है। तीस हजार रुपये तक के आपरेशन का खर्च मरीज को मिलता है। इसमें घर से आने और जाने के लिए 100-100 रुपये की राशि भी नकद दी जाती है।
पहला चरण ही पूरा नहीं हो पाता
योजना को लेकर लोगों की जानकारी का आलम है कि पहला चरण, जिसमें स्मार्ट कार्ड बनवाए जाते हैं, वे ही पूरे नहीं बन पाते। पिछले वर्ष पूरे जिले में लगभग 70 हजार से अधिक बीपीएल कार्ड धारकों में से 32 हजार 717 लोगों के ही कार्ड बन पाए थे। शेष बीपीएल कार्ड धारकों के तो कार्ड ही नहीं बन पाए।
सिर्फ 1582 ने किया क्लेम
32 हजार से अधिक कार्ड धारकों में से पूरे साल विभिन्न अस्पताल में 1582 लोगों ने इलाज करवाया। यदि सभी लोगों को इसकी जानकारी मिल जाए तो उन्हें निजी अस्पताल में महंगे इलाज पर खर्च ही नहीं करना पड़ता।
पूरे जिले में आठ अस्पताल पैनल पर
पूरे जिले में 80 में से केवल आठ अस्पताल ही योजना के तहत पैनल पर हैं जो सभी जिला मुख्यालय पर स्थित हैं। इनमें सरकारी अस्पताल एक भी नहीं हैं। यदि गुहला-चीका, पूंडरी, कलायत एवं राजौंद में भी अस्पताल पैनल पर हो जाएं तो लोगों को अधिक लाभ मिल सकता है। योजना के तहत सरकारी अस्पताल भी पैनल पर हो सकते हैं लेकिन जिले में सरकारी अस्पताल पैनल पर ही नहीं हैं।
अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं
जो अस्पताल योजना के तहत पात्र लोगों का इलाज करते हैं, उन्हें समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है। पिछले साल जिले में योजना के तहत 1582 लोगों के इलाज के बाद अस्पतालों की ओर से एक करोड़ 53 लाख रुपये का क्लेम किया गया जिसमें से अभी तक 614 लोगों के लिए 59 लाख 61 हजार रुपये का भुगतान हो पाया है। शेष भुगतान के लिए अस्पताल संचालक अभी तक इंतजार कर रहे हैं। आईएमए के महासचिव डा. विजय आर्य का कहना है कि फरवरी के बाद से लेकर अब तक एक भी केस के लिए भुगतान नहीं हो पाया है।
1 दिसंबर से बनेंगे स्मार्ट कार्ड
योजना के तहत 1 दिसंबर से योजना के तहत नए स्मार्ट कार्ड बनाए जाने शुरू किए जाएंगे जिसके लिए दो दिन पूर्व ही जिला प्रशासन के साथ संबंधित एजेंसी की मीटिंग हुई है।
वर्जन
एडीसी दिनेश सिंह यादव ने कहा कि अगले साल जिले में योजना के तहत सभी आवश्यक शर्तें पूरी करने वाले प्रत्येक अस्पताल को पैनल पर लाने का प्रयास किया जाएगा ताकि लोगों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। इसके अलावा जो भी खामियां सामने आई हैं उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
वर्जन
सिविल सर्जन डा. सुरेंद्र नैन ने बताया कि 80 में से आठ अस्पताल अभी तक पैनल पर हैं। इनकी संख्या बढ़ाए जाने का प्रयास किया जाएगा। कोशिश होगी कि सरकारी अस्पताल भी योजना के तहत पैनल पर हों ताकि लोगाें को इलाज की अधिक सुविधा मिल सके।

Spotlight

Most Read

Varanasi

बिरहा प्रतियोगिता के चयन पर उठ रहे सवाल

बिरहा प्रतियोगिता के चयन पर उठ रहे सवाल

22 जनवरी 2018

Related Videos

हरियाणा में इस नौकरी के लिए उमड़ा बेरोजगारों का हुजूम

हरियाणा में बेरोजगारी का क्या आलम है, ये देखने को मिला करनाल में। दरअसल मंगलवार को करनाल में ईएसआई हेल्थ केयर में चपरासी के 70 पदों के लिए प्रदेश भर से हजारों युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

17 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper