छेड़छाड़ रोकने को सामाजिक चेतना जरूरी

Karnal Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
करनाल। महिलाओं के प्रति बढ़ती छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर युवतियों का कहना है कि एक अभियान छेड़कर इसे रोकना होगा, ताकि सामाजिक रुप से चेतना लाकर इस अपराध को कम किया जा सके। इसके लिए हर स्तर पर सामूहिक प्रयास होने चाहिए।
डीएवी कालेज की छात्रा हिमानी का कहना है कि पुलिस और प्रशासन के साथ सामाजिक संगठनों और महिलाओं को चाहिए कि वह एक अभियान शुरू करें। कालेज-स्कूल और सामाजिक सेंटर पर इस तरह के सेमीनार आयोजित किए जाएं, जिसमें लड़कियों को जागरूक करने का काम करें। इसके बाद इसे लेकर युवाओं के बीच जाएं और उनको ऐसा नहीं करने और करने पर सजा में क्या हो सकता है, इस बारे में चेताएं। तब कहीं जाकर कानून का डर और थोडे़ सामाजिक दबाव में यह अपराध कम हो सकता है।
महिला संगठन करें जागरूक
इसी तरह चेतना, भावना व आस्था कहती हैं कि यह सही है कि लड़कियां इस तरह के मामलों में चुप रहती हैं। लेकिन वह क्या करें। चुप्पी तो उनको मजबूर होकर साधना पड़ती है। क्योंकि ऐसे मामलों में कई तरह का दबाव होता है और फिर इसका नतीजा यह निकलता है कि उन्हें चुप ही रहना पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि महिला संगठन सबसे पहले युवतियों को जागरूक करें। ऐसा करने से लड़कियों में हिम्मत आएगी और वह आगे आकर इसका मुकाबला करेंगी। इसी तरह कानून को चाहिए कि वह सख्ती से पेश आए और ऐसे मामलों में कठोर फैसला लें।

कानून की पालना जरूरी
महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को रोकने के लिए सबसे जरूरी है कि जांच अधिकारी ईमानदारी से काम करें। ऐसे मामलों में प्राय देखने में आता है कि पुलिस की भावना ही राजीनामा कराने की रहती है। इससे लड़कियों का मनोबल गिरता है। पहले ही वह शिकायत नहीं करती और अगर कोई करती है, तो उसे राजीनामा के लिए तंग किया जाता है। इसलिए कानून को सख्ती से पालना करना जरूरी है। जहां तक जागरूकता का सवाल है, वह तो सर्वोपरि है।
राजेश शर्मा एडवोकेट, करनाल

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