करनाल बना कृषि क्षेत्र का हब

Karnal Updated Sat, 20 Oct 2012 12:00 PM IST
करनाल। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने करनाल को कृषि क्षेत्र का हब चिह्नित किया है। हिसार कृषि विश्वविद्यालय के उपकुलपति डा. केके खोखर ने कहा करनाल के एनडीआरआई को हब का केंद्र बनाया गया है। इस हब के बनने से अनुसंधान और किसानों की तरक्की के लिए काम होगा।
हाल में बनाए गए इस केंद्र में नॉलेज मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट के एक्सचेंज का काम होगा। कृषि और पशुपालन क्षेत्र से जुड़े वैज्ञानिकों, किसानों, एनजीओ और इस क्षेत्र से जुड़ी प्राइवेट इंडस्ट्री में ज्ञान और निपुण करने पर जोर दिया जाएगा। शुक्रवार को डा. केके खोखर इस संबंध में एनडीआरआई के आडिटोरियम में आयोजित किसान एवं वैज्ञानिक सम्मेलन को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। डा. केके खोखर ने कहा हरियाणा के तमाम कृषि से जुडे़ अनुसंधान संस्थान व विकास विभाग के तमाम केंद्र इस केंद्र के साथ जुड़ कर बेहतर कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़ी आवश्यकताएं चाहे एक्सपोर्ट करने की हो, चाहे डोमेस्टिक हो। सबके लिए केंद्र काम करेगा। डा. केके खोखर ने कहा कि एनडीआरआई को हब का केंद्र बनाने का मतलब हरियाणा के किसानों के लिए नई तरक्की के रास्ते खोलना है। वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अनुसंधान का जल्द और सहजता से किसानों को लाभ मिल सकेगा।
एनडीआरआई के निदेशक डा. एके श्रीवास्तव ने कहा कि इस केंद्र के बनने से नई उम्मीद जगी है। इसके बनने से वैज्ञानिक और किसान आपस में विचार करने के साथ दूध और चावल का उत्पादन बढ़ा सकते हैं। गेहूं की किस्मों को बीमारी रहित बनाने के लिए जोर दिया जा सकता है। कम पेस्टीसाइड प्रयोग करने के लिए काम किया जा सकता है।
इस मौके पर एनबीएजीआर के निदेशक डा. बीके जोशी, सीएसएसआरआई के निदेशक डा. डीके शर्मा, गन्ना प्रजनन केंद्र के निदेशक डा. बख्शी राम, इंडियन कौंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च के सदस्य कुलदीप धालीवाल, कैथल के प्रोग्रेसिव फार्मर सुरेंद्र सिंह श्योकंद भी मौजूद रहे।

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