बैंक की परीक्षा से वंचित छात्रों ने जताया विरोध

Karnal Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
करनाल। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में क्लेरिकल कैडर की परीक्षा को लेकर रविवार को परीक्षार्थियों को फजीहत झेलनी पड़ी। दूसरे शहरों से परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों को आईडी प्रूफ नहीं होने के कारण परीक्षा देने से वंचित कर दिया। ऐसे में सभी सेंटरों के सैकड़ों परीक्षार्थी परीक्षा नहीं दे पाए। परीक्षा से वंचित रहने वाले परीक्षार्थियों ने कड़ा विरोध जताया है। परीक्षार्थियों का आरोप है इंटरनेट से रोलनंबर स्लीप लेने के बावजूद उन्हें जानबूझ कर परेशान किया जाता है। दो चार उम्मीदवारों को बिना आईडी के भी भीतर भेजा है।

बैंक अधिकारियों की व्यवस्था पर नाराज
शहर के कई स्कूलों के बाहर परीक्षा से वंचित रहने वाले परीक्षार्थियों का जमावड़ा लगा रहा। परेशान नहीं दे पाने के कारण परेशान परीक्षार्थियों के चेहरों पर मायूसी साफ झलक रही थी। अभिभावकाें के साथ पहुंचे परीक्षार्थियों के पास बिना आईडी प्रूफ के होने पर बिना परीक्षा दिए घर वापस लौटने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था। इन परीक्षार्थियों में कुछ ने मीडिया के समय अपना पक्ष रखा। साथ बैंक अधिकारियों की व्यवस्था पर कडे़ कटाक्ष किए।

बैंक अधिकारियों ने फैक्स से मंगाए सबूत
सोनीपत की सपना शर्मा ने बताया कि उसका रोलनंबर 2340727571 है। वह सोनीपत से परीक्षा देने के लिए यहां आई थी। वह अपने मामा एडवोकेट राजीव गौड़ के साथ परीक्षा देने डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल पर पहुंची। उसके पास परीक्षा देने के लिए इंटरनेट से लिए गए रोलनंबर की स्लिप थी, जो मौके पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए दिखाई गई। उससे आईडी प्रूफ मांग गया। उसने फैक्स से अपनी दसवीं कक्षा की मार्कशीट की कापी मंगवाई। राशन कार्ड की फोटा कापी दिखाई, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उसे परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया। ऐसे ही रमेश, सुनीता, बबली, सुमन, अनीता, पिंकी, सुरेंद्र, नरेश कुमार, सतीश कुमार समेत कई परीक्षा केंद्रों के परीक्षार्थियों ने कहा कि उन्हें भी आईडी प्रूफ नहीं होने के कारण परीक्षा से वंचित किया गया।

परीक्षा केंद्रों में हो नेट के जरिए पहचान
परीक्षा देने से वंचित रहने वाले उम्मीदवारों ने कहा कि इसमें उनका कोई कसूर नहीं है। वह लोग फीस देते हैं। बैंक की व्यवस्था को चाहिए कि नेट के भरोसे किसी को नहीं छोडे़। अपने असली रोल नंबर स्लिप भी डाक से भेजे। ऐसा करने में दिक्कत है तो सभी परीक्षा केंद्रों पर नेट का इंतजाम होना चाहिए। वहां उम्मीदवारों के चेहरों की पहचान नेट पर दिए गए फोटो से की जानी चाहिए, लेकिन उम्मीदवारों को बिना परीक्षा दिए वापस नहीं लौटाना चाहिए। उनके भविष्य का मामला होता है।

आरोप निराधार, आईडी प्रूफ जरूरी
एसबीआई की परीक्षा शहर में कुल 18 केंद्रों पर 21 विभागों में ली जा रही है। इसके लिए कुल 11 हजार 102 उम्मीदवार आंमत्रित किए गए हैं। सभी ने नेट से कॉल लेटर लिया है। कॉल लेटर पर साफ लिखा है कि बिना आईडी प्रूफ के परीक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उम्मीदवार दूसरे को परीक्षा दिलाने के लिए और कोई गड़बड़ करने की मंशा से आईडी प्रूफ नहीं लाते हैं। बैंक के सामने ऐसे मामले पहले आ चुके हैं। परीक्षा में प्रवेश के लिए नियम के मुताबिक आईडी प्रूफ का होना जरूरी है। सबूत की मूल और फोटो कापी साथ होनी चाहिए। किसी को परेशान करने की कोई मंशा किसी बैंक कर्मी की नहीं होती है।
एसके सिंघल, चीफ मैनेजर
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, करनाल

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