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अपराध के खिलाफ महिलाओं ने बुलंद की आवाज

Karnal Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
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कैथल। प्रदेश में महिलाओं से हो रही शर्मनाक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लघु सचिवालय में शनिवार को सीधा संवाद कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी महिला जनप्रतिनिधियों से रूबरू हुए। इस दौरान डीसी चंद्रशेखर, एडीसी दिनेश सिंह यादव, एसपी कुलदीप सिंह, एसडीएम हवा सिंह पचार, डीडीपीओ राजेश खौथ आदि ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाए जाने के लिए सुझाव मांगे और उन्हें जागरूक किया। सीधा संवाद में जनप्रतिनिधियों ने अपराध पर अंकुश लगाने के लिए विचार मांगे। ग्राम सचिव नीलम ने कहा कि आज के समाज में मोबाइल फोन में क्लिपिंग्स ने माहौल को बिगाड़ रखा है। गुहला से सीडीपीओ हरजीत कौर ने कहा कि लड़कियों सेे छेड़छाड़ की बात हो रही है, लेकिन वे 52 साल की हैं, उन्होंने जिले के अधिकारियों से लेकर विभाग के अधिकारियों तक गुहला में एक व्यक्ति के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत दी है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, गांव मंडवाल की सरपंच हरजिंद्र कौर ने कहा कि मोबाइल ने माहौल को बिगाड़ कर रख दिया है। बच्चे रिश्ते भूलते जा रहे हैं।
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काकौत से सरपंच अनीता ने कहा कि अपराध रोकने में महिलाओं को घर से शुरुआत करनी होगी। बच्चों के घर से स्कूल और स्कूल से घर पहुंचने के समय की जांच करनी चाहिए। पीओआईसीडीएस सरिता चौहान ने कहा कि कमजोर महिलाएं नहीं, कमजोर पुरुष वर्ग हुआ है, जो गलत कृत्य कर रहा है, इसलिए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए।

संतोख माजरा की सरपंच सीमा ने कहा कि प्रशासन के रात्रि प्रवास से पहले तक वह पर्दा करती थीं, लेकिन अब वह किसी से पर्दा नहीं करेंगी। अधिकारों के प्रति महिलाओं को जागरूक करेंगी।

इन बातों का रखना होगा ख्याल
1. बच्चों को मोबाइल देते समय सावधानी बरतें। उनके मोबाइल पर आने वाली कॉल और एसएमएस की नियमित जांच करें, ताकि वे किसी गलत राह पर न चलें।

2. रात में सोने के बाद जांच करें कि बच्चे देर रात तक किसी से अनावश्यक बात तो नहीं करते।

3 यदि बच्चे बुरी संगत में हैं तो उन्हें प्यार से सही रास्ते पर लाएं।
4. बच्चों की संगत बिगड़ती दिखे तो तुरंत टोक दें और यह टोकाटाकी जारी रखें।
5. समाज में अपने आसपास होने वाली घटनाओं पर ध्यान रखें। यदि कोई गलत काम हो रहा है तो संबंधित व्यक्ति के परिजनों को सूचित करें।
6. गांवों में अवैध खुर्दों को रोकने के लिए महिलाएं समूह बनाकर विरोध करें। अपने बच्चों को जागरूक करें।
7. बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। उनके साथ स्कूल में पढ़ाए जाने वाले विषयों और अन्य गतिविधियों के बारे में बात करें।

डटकर करें मुकाबला, सिखाएं सबक
डीसी चंद्रशेखर ने कहा कि महिलाएं सकारात्मक सोच के साथ सामाजिक परिदृश्य में आशातीत बदलाव ला सकती हैं। इसके लिए पहला कदम बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वे अपने आत्म सम्मान के लिए आगे आएं और ऐसा दु:साहस करने वालों को सबक सिखाएं।

नहीं बरतनी चाहिए ढील
पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह यादव ने कहा कि किसी भी बुराई को समाप्त करने के लिए उसकी शुरुआत करने में ढील नहीं बरतनी चाहिए। बुराई को मिटाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना पड़ेगा।
एडीसी दिनेश सिंह यादव ने कहा कि हमें चिंतन करना चाहिए कि क्या हम स्वच्छ समाज के निर्माण के लिए अपना योगदान दे रहे हैं। इस मौके पर एसडीएम हवा सिंह पचार ने महिलाओं को संगठित होकर अभियान चलाने की प्रेरणा दी। इस दौरान जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश खोथ ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में डिप्टी सिविज सर्जन डा. नीलम कक्कड़, डीएसपी अनील यादव, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी आशा वर्मा, सूरजभान ग्रोवर, कार्यक्रम अधिकारी सरिता चौहान आदि मौजूद रहे।

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