ब्याज समेत फीस वापस नहीं तो आंदोलन

Karnal Updated Sat, 06 Oct 2012 12:00 PM IST
करनाल। अभिभावक एकता मंच ने एक बार फिर निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। मंच के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि अधिकतर निजी स्कूल संचालक शिक्षकों और कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग के मुताबिक लाभ देने के नाम पर अभिभावकों से वर्ष 2009 से ही 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर फीस वसूूल कर रहा है। लेकिन छठे वेतन आयोग के मुताबिक स्कूल के अध्यापकों और स्टाफ को लाभ नहीं दिया है। जबकि इसके नाम पर ऐसे में अभिभावकों और स्कूल के स्टाफ कर्मियों से भी धोखा हो रहा है।
अब इस मामले को हरियाणा में अभिभावक एकता मंच ने कड़ाई से लिया है। इस मामले में कार्रवाई कराने के लिए मंच की ओर से राज्य शिक्षा निदेशक को पत्र लिखा गया है। इसकी प्रति जिला शिक्षा अधिकारी को भी भेजी गई है।
अभिभावक एकता मंच ने कार्यालय में पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता मंच के जिलाध्यक्ष जेके शर्मा ने की। बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई।

छहे वेतन आयोग की सिफारिश नहीं हुई लागू
चर्चा के दौरान सामने आया कि वर्ष 2009 में सभी निजी स्कूलों ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के चलते अध्यापकों और कर्मियों को अधिक वेतन देने का बहाना बना कर बीस प्रतिशत फीस बढ़ा दी। इस पूरे मामले को लेकर जिला कमेटी की मंच के राज्य अध्यक्ष एडवोकेट ओमप्रकाश शर्मा से विस्तार से बात हो चुकी है। मंच की राज्य शाखा भी प्रदेश शिक्षा निदेशक को पत्र लिखेंगे। इन लोगों की मांग है कि जिन स्कूलों में छठे वेतन आयोग का लाभ नहीं दिया गया है वह स्कूल दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश की तर्ज पर हरियाणा में भी बढ़ोतरी के साथ वसूली गई फीस को 18 प्रतिशत ब्याज के साथ अभिभावकों को वापस करे। दिल्ली हाईकोर्ट ने यह फीस नौ प्रतिशत के साथ वापस करने के आदेश दिए हैं।

आंदोलन की चेतावनी दी
मंच ने कार्रवाई न किए जाने पर राज्य भर में निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। प्रदेश भर के लोगोें के साथ मिलकर ऐसे स्कूलों के खिलाफ विरोध और स्कूलों के गेट पर ताला लटकाने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शिक्षा नियम के अधिनियम 134ए को लागू नहीं करने वाले स्कूलों की सूची बना कर सौंपने का जिम्मा अब दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के अध्यक्ष एवं एडवोकेट सत्यवीर सिंह को सौंपा है।

लाभ नहीं देने वालों की सूची भेजेंगे
दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के अध्यक्ष एवं एडवोकेट सत्वीर सिंह ने अभिभावक एकता संघ को जिले के ऐसे स्कूलों की पड़ताल करने के लिए अधिकृत किया है, जो शिक्षा नियम 134 ए की अनुपालना नहीं कर रहे हैं। अभिभावक एकता संघ के महासचिव नवीन अग्रवाल और मीडिया प्रभारी नरेंद्र गुप्ता के अनुसार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशानुसार सत्यवीर हुडा को राज्य भर के निजी स्कूलों की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह लोग अपने जिले में काम कर रहे हैं। पूरे जिले में पांच दस स्कू लों को छोड़कर किसी ने इस नियम के तहत आर्थिक तौर पर कमजोर बच्चों को लाभ नहीं दिया है। इसमें शहर के नामी स्कूल दिल्ली पब्लिक स्कूल और दयाल सिंह पब्लिक स्कूल भी शामिल है। कई स्कूलों में बच्चों की संख्या कई-कई हजार है और लाभ मात्र दस बीस बच्चों को देने की रिपोर्ट है। ऐसे में वह लोग भी पूरा लाभ नहीं देने की श्रेणी में आते हैं। हां उन लोगों ने इसकी शुरूआत जरूर की है। इस संबंध में वह सूची हासिल कर चुके हैं। जल्द ही रिपोर्ट सत्यवीर हुडा को भेज दी जाएगी।

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