धान की खरीद नहीं होने से भड़के किसान

Karnal Updated Tue, 02 Oct 2012 12:00 PM IST
करनाल। जिलेभर में सोमवार को पहले दिन धान खरीद को लेकर किसानों ने जमकर विरोध किया। असंध में किसानों ने रास्ता जाम कर दिया, तो तरावड़ी में किसान नारेबाजी करते रहे। किसान सरकारी खरीद नहीं होने से नाराज थे। इन मंडियों में तीन अक्तूबर से सरकारी खरीद की बात तय हुई है। वहीं करनाल में पहले दिन करीब एक हजार क्विंटल धान की सरकारी खरीद की गई। पहले ही दिन मंडियों में धान की बंपर आवक से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।
पहले से तय कार्यक्रम के हिसाब से सरकार की ओर से धान खरीद का काम एक अक्तूबर से प्रारंभ होना था। इसके मुताबिक करनाल समेत जिला भर के अनाज मंडियों में किसान अपना धान लेकर पहुंचे, लेकिन करनाल को छोड़ कहीं पर भी सरकारी एजेंसियों ने पहले दिन धान की खरीद नहीं की। इससे किसानों के तेवर कड़े हो गए और उन्होंने जमकर विरोध किया। मार्केट कमेटी के सचिव महावीर सिंह के अनुसार पहले दिन ही धान खरीद का काम शुरू किया गया। धान खरीद के दौरान किसी प्रकार की किसानों को दिक्कत नहीं आने दी गई।

छह दिनों से मंडी में धान
असंध की अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद शुरू न होने से नाराज किसानों ने मंडी के सामने ट्रालियां खड़ी कर असंध-करनाल मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब चार घंटे बीत जाने के बावजूद भी किसान जाम खोलने को राजी नहीं हुए। इससे सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। किसान गुरमेज सिंह ठरी, सुखा सिंह, रामबीर चोचड़ा, सुभाष, मेहर सिंह, जोगा सिंह, नरेश, सुभाष पोपड़ा, सतेंद्र राणा सहित अन्य किसानों ने बताया कि मंडी में पिछले पांच छह दिनों से किसान अपनी धान की फसल लेकर आ रहे हैं परंतु उनकी फसल की खरीद नहीं हो रही है। उन्हाेंने आरोप लगाया कि वे पिछले पांच दिनों से मंडी में अपनी फसल लिए धक्के खा रहे हैं, परंतु अब तक उन्हें कोई पूछने वाला नहीं है। किसानों ने बताया कि फसल खुले में पड़ी होने की वजह से खराब होने का खतरा है।

राइस मिलर्स व एजेंसी विवाद कारण
असंध के राइस मिलर्स और एक खरीद ऐजेंसी के बीच भंडारण को लेकर विवाद चल रहा है। एजेंसी राइस मिलर्ज के समक्ष चावल के कट्टे समीवर्ती कस्बे सफीदों में भंडारित करने की शर्त रख रहे हैं, परंतु राइस मिल मालिकों ने एजेंसी की इस शर्त को मानने से साफ इंकार कर दिया है। उनका तर्क है कि सफीदों भंडारण करने से उन्हें लाखों रुपये लेबर का खर्च वहन करना पड़ेगा। इसी विवाद को लेकर राइस मिलर्ज ने मंडी से फसल उठान से मना कर दिया है और फिलहाल मंडी में धान की खरीद शुरू नहीं हो पा रही है।

किसानों को उठाना पड़ रहा खामियाजा
वहीं किसानों का आरोप है कि एजेंसी और राइस मिलर्ज के इस विवाद का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि यदि उनकी फसल की खरीद शुरू नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे और शहर बंद कराऐंगे। बाद में तहसीलदार जगदीश चंद्र, थाना प्रभारी मोहम्मद जमाल व मार्केट कमेटी सचिव देवेंद्र मोर ने किसानों को आश्वासन दे जाम खोलने को राजी कर लिया।

तरावड़ी में पंखा विवाद ने पकड़ा तूल
करनाल में सर्वाधिक धान उत्पादक इलाके तरावड़ी की अनाज मंडी में पिछले साल की तरह इस बार फिर धान को पंखा लगाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। राइस मिलर्स जहां बिना पंखा लगाए धान खरीदने को तैयार नहीं है वही मंडी के पल्लेदारों ने किसी भी कीमत पर पंखा लगाने से इंकार कर दिया है। दोनाें की जिद के बीच अपनी फसल को बेचने के लिए पहुंचे किसान फंस कर रह गए है। मंडी में अभी तक सरकारी खरीद शुरू न होने से भी परेशानी लगातार बढ़ रही है। धान को पंखा लगाने को लेकर यह मामला पिछले साल भी उठा था और इस मामले को लेकर खूब बवाल हुआ था, लेकिन मंडी के पल्लेदारों की जिद के आगे राइस मिलर्स को झुकने को मजबूर होना पड़ा था।

पंखा के धान लेने से इंकार
सोमवार को राइस मिलर्स ने मंडी से धान बिना पंखा लगे खरीदने से इंकार कर दिया जिसके बाद मंडी में धान लेकर पहुंचे किसानों व आढ़तियों में अफरा तफरी मच गई और मामले को सुलझाने के लिए मंडी के प्रधान विरेंद्र बंसल ने पल्लेदारों से बातचीत की, लेकिन पल्लेदारों ने किसी भी सुरत में धान को पंखा लगाने से इंकार दिया और चेतावनी भी दे दी कि यदि उन पर पंखा लगाने के लिए दबाव डाला गया तो वह मंडी में काम करना ही छोड़ देंगे। इसके राइस मिलर्स एसोसिएशन से बात की गई तो उनका कहना था कि उन्हें साफ सुथरा माल चाहिए और इसके लिए पंखा लगाना जरूरी है।

मंडी में नहीं एक भी नियमानुसार ढेरी
राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान नरेश बंसल ने कहा कि सरकारी नियमों के अनुसार मंडी में एक भी ढेरी नहीं है और वह अब इन ढेरियों को बिना पंखा लगाए नहीं खरीद सकते। उन्होंने कहा कि आसपास की दूसरी मंडियों में जब धान को पंखा लगाया जा रहा है तो तरावड़ी मंडी में पंखा लगाने में क्या परेशानी है। इस बारे में मंडी प्रधान विरेंद्र बंसल का कहना है कि मंडी का आढ़ती तो स्वयं धान को पंखा नहीं लगा सकता और पल्लेदारी पंखा लगाने से साफ तौर पर इंकार कर चुके हैं तो उनका कहना है कि आढ़तियों की इस परेशानी को राइस मिलर्स को समझना चाहिए।

बैठक में करेंगे विवाद का हल
मार्केट कमेटी के सचिव सौरव चौधरी का कहना है कि पंखा लगाने के मामले के समाधान के लिए आज शाम को ही राइस मिलर्स की एक बैठक बुलाई है जिसमें इस मामले का समाधान हो जाएगा। खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर निर्देशक डांगी का कहना है कि अगले एक दो दिनों में धान की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी और किसान को किसी भी तरह की परेशानी उनकी और से नहीं आने दी जाएगी।

निसिंग में नमी बनी बहाना
निसिंग की अनाज मंडी में पीआर धान की खरीद सोमवार को नमी के कारण नहीं हो पाई। मंडी में आए किसान अपनी फसल के खरीदारों की बाट जोहते रहे, हालांकि धान की खरीद को लेकर मार्केट कमेटी में राइस मिलरों की एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें राइस मिलों को हैफड और डीएफएससी विभागों को बांटा गया है। सभी राइस मिलों के मालिकों ने फैसले पर सहमति जताई है। मार्केट कमेटी के सचिव धर्मराज डांगी ने बताया कि खरीद करने के लिए विभागों के तय निरीक्षकों को कहा गया है। अभी धान की फसल में नमी बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि सोमवार को पीआर किस्म की 8500 क्विंटल धान की आवक हुई है। जिसकी खरीद मंगलवार को किए जाने की उम्मीद है। न

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