धान खरीद के पहले दिन ही धरे रह गए दावे

Karnal Updated Tue, 02 Oct 2012 12:00 PM IST
कैथल। धान खरीद के पहले दिन ही सोमवार को कैथल की नई एवं पुरानी अनाज मंडी में धान की बोली नहीं होने से किसान निराश दिखे। किसानों का कहना है कि यदि बोली हो तो उनकी धान ऊंचे दामों पर भी बिक सकता था।
मंडी में इस समय एक लाख से भी अधिक धान के कट्टों की आवक हो चुकी है। इसके बावजूद भी सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई। एजेंसियों के नहीं आने के कारण खरीद न हो सकी। लेकिन कुछ मिल मालिकों ने बिना बोली के ही समर्थन मूल्य पर धान की खरीद कर ली। उधर किसान रणधीर शेरगढ़, नफे सिंह, महेंद्र, रामदिया व रामचंद्र आदि अनेक किसानों ने बताया कि बिना बोली के सरकारी समर्थन मूल्य पर राइस मिल मालिकों को किसानों की धान बेचना गलत है।
मार्र्केट कमेटी सचिव रविंद्र सैनी ने बताया कि सोमवार को सरकारी एजेंसियां खरीद के लिए मंडी में नहीं आई। उन्होंने बताया कि किसी भी एजेंसी द्वारा किसी भी राइस मिल के साथ सोमवार तक एग्रीमेंट नहीं हुआ था। मंडी प्रधान सुरेश मित्तल ने भी यही बात बताई कि एग्रीमेंट न होने के कारण सरकारी खरीद का कार्य शुरू नहीं हुआ।
सुबह से ही अधिकारियों का बाट जोहते रहे
ढांड। क्षेत्र की अनाज मंडी में सोमवार को सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई। किसान सुबह से ही मंडी में पड़ी अपनी फसलों की ढेरियों के पास सरकारी खरीद एजेंसियों के अधिकारियाें की बाट देखते रहे, लेकिन कोई भी अधिकारी व कर्मी खरीद करने नहीं आए। मार्केट कमेटी के सचिव सतबीर नैन ने कहा कि सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा दोपहर तक मंडी में धान की खरीद शुरू नहीं की गई थी। सारे मामले से प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
मंडियों में ही बिताई रात
पाई। सरकारी अधिकारियों की चलती लापरवाही के कारण सोमवार को किसानों की धान की फसल की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो सकी। जिस कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसान मंडी के अंदर ही रात गुजारने को मजबूर हुए। मार्केट कमेटी सचिव सतबीर सिंह ने बताया कि किसानों की धान सरकारी एजेंसियां खरीदते समय अपने साथ राईस मिलरों को रखती है। मिलरों को रखने से पहले उनके साथ एजेंसियो द्वारा खरीद का एग्रीमेंट तय किया जाता है, जो हेफैड द्वारा समय पर तय नहीं किया गया।
मंडी से नहीं हो रहा गेहूं के कट्टों का उठान
पाई। सरकारी अधिकारियों व आढ़तियों की लापरवाही के कारण पाई की अनाज मंडी बंद होने के कगार पर है। किसान गुरनाम, जगदीश आदि ने बताया कि पाई मंडी में किसानों की फसल डालने के लिए बनाए गए दो शेउ में गेहूं के कट्टे पड़े हैं। मंडी में स्थान कम होने के कारण किसानों को अपनी फसलें सड़कों पर डालनी पड़ती है। किसानों के बार-बार आग्रह के बाद मंडी के अंदर यह गेहूं नहीं उठाई गई। इस बारे में मंडी प्रधान दिलबाग ढुल ने बताया कि पिछले 2 वर्षों से डीएफएससी द्वारा किसानों की फसलों को धूप व वर्षा से बचाने के लिए बनाए गए शेड के नीचे गेहूं की फसल लगाई गई है। उनके बार-बार आग्रह के बाद भी गेहूं की फसल को नहीं उठाया जा रहा।

Spotlight

Most Read

Jammu

पाकिस्तान ने बॉर्डर से सटी सारी चौकियों को बनाया निशाना, 2 नागरिक की मौत

बॉर्डर पर पाकिस्तान ने एक बार फिर से नापाक हरकत की है। जम्मू-कश्मीर में आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का उल्लंघन किया है।

19 जनवरी 2018

Related Videos

हरियाणा में इस नौकरी के लिए उमड़ा बेरोजगारों का हुजूम

हरियाणा में बेरोजगारी का क्या आलम है, ये देखने को मिला करनाल में। दरअसल मंगलवार को करनाल में ईएसआई हेल्थ केयर में चपरासी के 70 पदों के लिए प्रदेश भर से हजारों युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

17 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper