अब महिला पीसीआर पर लिखा जाएगा हेल्पलाइन नंबरV

Karnal Updated Sun, 30 Sep 2012 12:00 PM IST
कैथल। अमर उजाला द्वारा चलाए जा रहे छात्राओं से छेड़छाड़ के मामलों पर अंकुश संबंधी अभियान के माध्यम से की गई छात्राओं की मांग पर उन्हें जल्द ही हेल्पलाइन नंबर मिलने जा रहा है। एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि शहर में छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पहले से ही वूमन पीसीआर चलाई हुई है। अब इस पीसीआर पर मोटे अक्षरों में महिला पुलिस अधिकारियों के नंबर अंकित करवाए जाएंगे, ताकि छात्राएं जरूरत पड़ने पर इन नंबरों पर फोन करके शिकायत कर सकें। इन नंबरों पर मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई होगी।
पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि शहर में इस तरह की वारदात पर अंकुश के लिए पहले से ही एक महिला पीसीआर चलाई गई है। अगर छात्राओं को हेल्पलाइन की आवश्यकता है तो इस पीसीआर पर दोनों शिफ्टों पर पीसीआर इंचार्ज पुलिस महिला अधिकारियों के टेलीफोन नंबर मोटे अक्षरों में लिखवा दिए जाएंगे, ताकि छात्राएं यह नंबर नोट करके अपने पास रख सकें। शिकायत मिलने पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई होगी।

बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा सुनीता ने बताया कि छेड़छाड़ की घटना होने पर लड़कियों को चुप नहीं रहना चाहिए। अगर वे किसी कारण से अकेली हो तो अन्य छात्राओं का सहयोग लेकर कालेज प्राचार्या को शिकायत व कालेज में महिला प्रोफेसरों की सहायता से कार्रवाई करवाएं।

बीकॉम की छात्रा चरणजीत कौर ने बताया कि छेड़छाड़ की घटना अधिकतर कालेज से बाहर के असामाजिक तत्व करते हैं, जिसे रोकने का कार्य प्रशासन का है। अगर कोई लड़की शिकायत करती है तो प्रशासन को उस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

छात्रा प्रिया धीमान ने बताया कि छेड़छाड़ की घटना के समय कभी रोना नहीं चाहिए, बल्कि साहस के साथ छेड़छाड़ के आरोपी का विरोध करें। कालेज में सीनियर छात्राओं से आकर बातचीत करके कालेज प्राचार्य व प्रशासन से उसकी शिकायत करनी चाहिए।

छात्रा रीना ने बताया कि छेड़छाड़ की घटना पर कालेज प्राचार्य व प्रशासन बहुत हल्के में लेते हैं। अगर कालेज प्राचार्य व प्रशासन असामाजिक तत्वों के खिलाफ सही कार्रवाई करें तो छेड़छाड़ की घटनाएं बहुत हद तक कम की जा सकती है।

डा. भीमराव अंबेडकर कालेज कामर्स के प्रोफेसर जसपाल मलिक ने बताया कि लड़कियों को ऐसी घटना पर चुपचाप नहीं रहना चाहिए। मौके पर जमकर विरोध करें, कालेज में आने पर प्रोफेसरों को बताना चाहिए। कई छात्राओं की समस्या होती है कि वे घर पर नहीं बता सकती हैं। वे कालेज के प्राचार्य व अन्य अधिकारियों के सामने बात जरूर रखें।

कालेज की महिला प्रकोष्ठ की पूर्व अध्यक्ष व अंग्रेजी विभागध्यक्ष रोजी गुप्ता ने बताया कि छेड़छाड़ की घटना के समय लड़कियों को विरोध करना चाहिए। कालेज में बने महिला सेल को छात्राओं को जागरूक करने के साथ-साथ घटना होेने पर उनका साथ देना चाहिए। महिला पीसीआर को कालेजों में आकर छात्राओं से बातचीत करनी चाहिए।

कालेज में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर सुच्चा सिंह ने बताया कि छेड़छाड़ के समय सबसे पहले लड़की को जवाब देना चाहिए। कालेज प्राचार्य व प्रशासन को इसके बारे में शिकायत देने चाहिए। कालेज के बाहर घटना होने पर 100 नंबर फोन करें। अगर कोई बाइक लेकर परेशान कर रहा है तो नंबर नोट करके शिकायत दें, ताकि आरोपी की पहचान हो सके।

Spotlight

Most Read

Bihar

चारा घोटाला: लालू और जगन्नाथ मिश्रा को 5 साल की सजा, कोर्ट ने 5 लाख का लगाया जुर्माना

पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

हरियाणा में इस नौकरी के लिए उमड़ा बेरोजगारों का हुजूम

हरियाणा में बेरोजगारी का क्या आलम है, ये देखने को मिला करनाल में। दरअसल मंगलवार को करनाल में ईएसआई हेल्थ केयर में चपरासी के 70 पदों के लिए प्रदेश भर से हजारों युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

17 जनवरी 2018