राजनीतिक पार्टी के बहकावे में नहीं आएंगे हरियाणा के सिख

Karnal Updated Tue, 25 Sep 2012 12:00 PM IST
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के सिख अब किसी भी राजनीतिक पार्टी के बहकावे में नहीं आएंगे और जरूरत पड़ी, तो आने वाले चुनाव में कमेटी की बैठक करने के बाद अपने पदाधिकारी भी खड़े किए जा सकते हैं। इतना ही नहीं पिछले 11 वर्षों में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने हरियाणा ही नहीं पूरी दुनिया में अलग पहचान बनाई है। अभी उन्हें कानूनी मान्यता नहीं मिली है। इसके लिए हरियाणा के सिख संघर्ष करते रहेंगे। सोमवार को कुरुक्षेत्र बाबा चरण सिंह के डेरे में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एडहॉक) की जिलास्तरीय बैठक में प्रधान जगदीश सिंह झिंडा ने सिखों को आगे लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने सिखों से आह्वान किया कि वे अब गांव, ब्लाक तथा जिलास्तर पर कमेटियां गठित करके एक नंबर से पहले सिखों को एचएसजीपीसी के बैनर तले इकट्ठा करते हुए उन्हें आंदोलन के लिए तैयार करें। उन्हाेंने बताया कि अगर प्रदेश सरकार एक नवंबर तक हरियाणा में अलग कमेटी नहीं बनाती, तो भविष्य में होने वाले हरियाणा विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार दीदार सिंह नलवी अपने आपको सिखों का हमदर्द बताते हुए एचएसजीपीसी के बैनर तले लोगों को जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। वह केवल पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के इशारे पर सिखों को दो धड़ों में बांट रहा है। इतना ही नहीं आज तक हरियाणा के सिखों ने जो भी आंदोलन किया है, उसमें दीदार सिंह नलवी ने हमेशा पीठ दिखाई है। नलवी को बादल सरकार का एजेंट बताते हुए उन्होंने कहा कि अब तक नलवी के कारण ही हरियाणा के सिखों के दो फाड़ हुए हैं। इससे कमेटी घोषित करने में काफी समय लग रहा है। उन्होंने बताया कि अब एचएसजीपीसी को पुनर्गठित करते हुए कमेटी में ईमानदार कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा। इस मौके पर जिला प्रधान अवतार सिंह, युवा अध्यक्ष हरमनप्रीत सिंह, संपूर्ण सिंह, जोगा सिंह, बलबीर सिंह, बलदेव सिंह, कैप्टन पाल सिंह, कश्मीर सिंह आदि मौजूद रहे।

11 वर्षों में तीन बार कांग्रेस ने दिया धोखा
जगदीश सिंह झिंडा ने कहा कि कांग्रेस ने पिछले 11 वर्षों में हरियाणा के सिखों को तीन बार धोखा दिया है। उन्होंने बताया कि अलग कमेटी को लेकर हरियाणा के तीन लाख सिखों ने एफिडेविट देकर अलग कमेटी की मांग की थी। इतना ही नहीं 16 मार्च 2008 में हरियाणा विधानसभा में 90 में से 81 विधायकों ने अलग कमेटी का समर्थन किया था, परंतु इनेलो के 9 विधायकों के कारण यह कमेटी नहीं बन सकी।

प्रधानमंत्री हैं अलग कमेटी बनने में रोड़ा
झिंडा ने आरोप लगाया कि हरियाणा में अलग कमेटी कभी की बन जाती, लेकिन प्रधानमंत्री पंजाब के होने के कारण बादल सरकार के दबाव में अलग कमेटी बनने नहीं दे रहे हैं। झिंडा ने बताया कि प्रधानमंत्री अलग कमेटी बनने में रोड़ा साबित हो रहे हैं।

साजिश के तहत कमेटी में डाली गई फूट
झिंडा ने बताया कि गहरी साजिश के चलते उनकी कमेटी में फूट डाली गई है। इसके कारण कई अच्छे पदाधिकारी उनसे दूर हो गए हैं। इतना ही नहीं कुछ पदाधिकारी पैसे और लालच के तौर पर सरकार से फायदा उठाने के लिए अलग होकर आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।

एक नवंबर बाद कुरुक्षेत्र में की जाएगी अरदास
झिंडा ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि यदि एक नवंबर तक हरियाणा में सिखों की अलग कमेटी नहीं बनती है, तो उसके बाद कुरुक्षेत्र में एक बार फिर से सिख अरदास करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अरदास के समय सिख संगत कोई भी कदम उठा सकती है।

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