वित्तायुक्त ने किया नारी निकेतन का निरीक्षण

Karnal Updated Thu, 20 Sep 2012 12:00 PM IST
करनाल। महिला एवं बाल विकास विभाग की वित्तायुक्त धीरा खंडेलवाल ने कहा कि प्रदेश में निराश्रित और जरूरतमंद बच्चों के कल्याण व पुनर्वास के लिए संचालित संस्थाओं को किशोर न्याय अधिनियम के तहत अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य है। ऐसी संस्थाओं के लिए लागू सभी नियम व शर्तें पूरी करने पर ही सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है।
खंडेलवाल करनाल में विभाग की ओर से दौरे पर आई थी। इस दौरान उन्होंने फूसगढ़ स्थित एमडीडी बाल भवन, हरियाणा राज्य बाल भवन मधुबन, माता करतार कौर बाल निकेतन निर्मल धाम माडल टाऊन, नारी निकेतन व महिला आश्रम तथा श्रद्धानंद अनाथालय का भ्रमण किया। महिलाओं व बच्चों के लिए संचालित संस्थाओं के दौरे के दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बातचीत की और संस्थाओं में दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने प्रबंधकों से कहा कि वे बच्चों के कल्याण के लिए अच्छी सुविधाएं मुहैया कराने के प्रयास करते रहें।
उन्होंने कहा कि सरकार निराश्रित बच्चों व महिलाओं के कल्याण के लिए पूर तरह से सजग है। सरकार की ओर से ऐसी संस्थाओं में रहने वाले बच्चों के लिए बेहतर वातावरण, शिक्षा और रहन-सहन पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चे देश की धरोहर है, वे पढ़े-लिखे, स्वस्थ रहे और उन्हें जरूरी सुविधाएं मिलती रहे, इस तरह की कोशिशें जारी रहेंगी।

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