बरसात नहीं थमी तो किसान को होगा नुकसान

Karnal Updated Wed, 19 Sep 2012 12:00 PM IST
कैथल। अगर बरसात का एक सप्ताह तक यही सिलसिला रहा तो किसान को खासा नुकसान हो सकता है। धान की रोपाई के समय सूखे का सामना कर रहे किसानों को अब फसल बचाने की चिंता सता रही है। कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार बीते दस दिनों में 80 एमएम से अधिक बरसात हो चुकी है। बरसात के कारण गन्ने को छोड़कर शेष फसल और सब्जियां खराब हो सकती है।
किसान रामेश्वर कुमार, रामफल, करनैल सिंह, राजेश कुमार, बीरा राम आदि ने कहा कि बरसात के कारण पक कर तैयार हो चुकी धान की सरबती जैसी किस्में तो जमीन पर बिछ गई हैं। इसके अलावा पीआर ग्रुप की धान में भी दाने के दागदार होने का अंदेशा है। इससे दाम भी कम मिलेंगे।
धान एवं कपास की फसल पर भारी नुकसान
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डा. राजेंद्र श्योकंद ने बताया कि पिछले दस दिनों में इस सीजन में हुई कुल 80 एमएम बरसात से भी अधिक बरसात हुई है। यदि एक सप्ताह ओर यही मौसम रहा तो भारी नुकसान होगा। धान की सरबती किस्म इस समय पूरी तरह से पक कर तैयार हो चुकी है। इसी प्रकार से पी-आर की अन्य किस्में भी लगभग पकने की ओर हैं। ऐसे में बारिश से धान की फसल खेतों में ही फुटाव कर सकती है। कपास इस समय मंडी में आ जाती, लेकिन बरसात ने इसमें भारी नुकसान पहुंचाया है।

Spotlight

Most Read

Lucknow

रायबरेली: गुंडों से दो बहनों की सुरक्षा के लिए सिपाही तैनात, सीएम-पीएम को लिखा था पत्र

शोहदों के आतंक से परेशान होकर कॉलेज छोड़ने वाली दोनों बहनों की सुरक्षा के लिए दो सिपाही तैनात कर दिए गए हैं। वहीं एसपी ने इस मामले में ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

24 जनवरी 2018

Related Videos

हरियाणा में इस नौकरी के लिए उमड़ा बेरोजगारों का हुजूम

हरियाणा में बेरोजगारी का क्या आलम है, ये देखने को मिला करनाल में। दरअसल मंगलवार को करनाल में ईएसआई हेल्थ केयर में चपरासी के 70 पदों के लिए प्रदेश भर से हजारों युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

17 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper