जिले में मनरेगा का सच : अधिकतर विकास कार्य शुरू नहीं हुए

Karnal Updated Mon, 17 Sep 2012 12:00 PM IST
कैथल। जिले की ग्राम पंचायतें और मनरेगा योजना के तहत नियुक्त किए गए एबीपीओ लोगों को रोजगार दिलवाए जाने को लेकर गंभीर नहीं हैं। बीते तीन सालों में जिले के सभी छह ब्लाक में एक माह में औसतन एक ही काम कराया गया है। विकास कार्यों के प्रति उपेक्षा के कारण योजना के तहत काम करने वाले हजारों लोगों को रोजगार नहीं मिल सका। स्थिति तो यह है कि पंचायतों द्वारा स्वीकृत अधिकतर विकास योजनाओं पर तो काम ही शुरू नहीं हुआ। कई पर काम शुरू हुए लेकिन पूरे नहीं हो सके। योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही पर एडीसी कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए सभी ब्लॉक एवं विकास पंचायत अधिकारियों को पत्र लिखकर चालू वित्त वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य के तहत राशि खर्च करने के निर्देश दिए हैं।
ब्लाकों की स्थिति
विकास और पंचायत विभाग द्वारा पंचायतों के माध्यम से लोगों को रोजगार दिलवाने में उदासीनता की स्थिति यह है कि लगभग सभी ब्लॉकों में काफी कम राशि इस मद में खर्च हुई है।

गुहला
वर्ष स्वीकृत कार्य शुरू नहीं पूर्ण हुए जो शुरू ही नहीं हुए खर्च की
कार्य कार्य गई राशि
2010-11 39 15 06 24 9.11 लाख रुपये
2011-12 44 20 13 34 23.76
2012-13
(चालू वित्त वर्ष में दिया 2 करोड़ 28 लाख
गया लक्ष्य)

कैथल

वर्ष स्वीकृत कार्य शुरू किए पूर्ण हुए जो शुरू ही नहीं हुए खर्च की
कार्य कार्य गई राशि
2010-11 33 08 05 25 20.54
2011-12 10 15 08 06 40.14
2012-13
(चालू वित्त वर्ष में दिया 4 करोड़ 11 लाख
गया लक्ष्य

कलायत:-
वर्ष स्वीकृत कार्य शुरू किए पूर्ण हुए जो शुरू ही नहीं हुए खर्च की
कार्य कार्य गई राशि
2010-11 26 13 02 13 12.98
2011-12 20 05 01 18 13.51
2012-13
(चालू वित्त वर्ष में दिया 1 करोड़ 89 लाख
दिया गया लक्ष्य


पूंडरी
वर्ष स्वीकृत कार्य शुरू किए पूर्ण हुए जो शुरू ही नहीं हुए खर्च की
कार्य कार्य गई राशि
2010-11 30 17 07 13 9.43
2011-12 20 12 15 13 21.16
2012-13
(चालू वित्त वर्ष में दिया 2 करोड़ 28 लाख
लक्ष्य


राजौंद
वर्ष स्वीकृत कार्य शुरू किए पूर्ण हुए जो शुरू ही नहीं हुए खर्च की
कार्य कार्य गई राशि
2010-11 14 09 06 05 6.97
2011-12 33 21 20 02 30.82
2012-13
(चालू वित्त वर्ष में दिया 2 करोड़ 43 लाख
दिया गया लक्ष्य


सीवन
वर्ष स्वीकृत कार्य शुरू किए पूर्ण हुए जो शुरू ही नहीं हुए खर्च की
कार्य कार्य गई राशि
2010-11 55 15 12 40 16.28
2011-12 14 18 14 10 14.76
2012-13
(चालू वित्त वर्ष में दिया 2 करोड़ 50 लाख
लक्ष्य


पंचायत प्रतिनिधि कई अन्य मसलों पर जोर देते हैं। लेकिन मनरेगा के तहत केवल रोजगार उपलब्ध करवाने वाले अनिपुण एवं निपुण मजदूरों को रोजगार दिलवाने की गति काफी धीमी है। सभी बीडीपीओ को पत्र जारी किया गया है। चालू वित्त वर्ष में लक्ष्य को कई गुना बढ़ाते हुए समय पर लोगों को रोजगार मुहैया करवाने के लिए कहा गया है। दिनेश सिंह यादव
एडीसी कैथल।

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