परीक्षा के आठ माह बीते, नहीं आया रिजल्ट

Karnal Updated Tue, 07 Aug 2012 12:00 PM IST
कुरुक्षेत्र। केयू से मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग कालेजों के 50 हजार से अधिक बीटेक विद्यार्थियों का रिजल्ट रुका हुआ है। स्थिति ये है कि अभी तक पिछले सेमेस्टर के रिजल्ट घोषित नहीं किए गए हैं और अगले सेमेस्टर की परीक्षाएं हुए भी एक माह बीत चुका है। रिजल्ट में देरी से परेशान सिर्फ बीटेक ही नहीं, अन्य विषयों के परीर्थियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। केयू से जुड़े अधिकारी खुलकर बोलने से कतराते हैं। दबी जुबान में इनका सिर्फ यही कहना है कि अगर सेमेस्टर सिस्टम के साथ चलना है तो इसके लिए या तो अतिरिक्त स्टाफ की भर्ती की जाए या फिर लाखों परीक्षार्थियों के लिए आउट सोर्सिगिं का लाभ उठाया जाए। यूनिवर्सिटी ने पिछले वर्ष तक बीटेक के परीक्षा परिणाम आउट सोर्सिगिं के जरिए दिल्ली की एक एजेंसी को बनाने का जिम्मा सौंपा था, मगर इस बार ये रिजल्ट केयू परीक्षा शाखा की अपनी लैब में तैयार कर रही है। जनवरी में हुई परीक्षाओं के रिजल्ट इस साल के आठवें माह तक घोषित नहीं हुए हैं। सबसे बड़ा कारण केयू की रिजल्ट लैब में मैन पावर और उपकरणों का टोटा है। अभाव की इस स्थिति में केयू ने स्वयं रिजल्ट तैयार करने का पंगा क्यों लिया? ये सवाल सिर्फ परीक्षार्थी ही नहीं, बल्कि स्टाफ भी करने लगा है। महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी ने दाखिले से परीक्षा परिणाम तैयार करने का पूरा जिम्मा एजेंसी को सौंपा हुआ है। अब कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी इस तरह की योजना को कब तक अमलीजामा पहनाएगी इस विषय में केयू प्रशासन मौन है। परीक्षा नियंत्रक वाईपी गोस्वामी ने कहा कि कुलपति डॉ. डीडीएस संधू ने इस समस्या के हल करने के लिए स्थायी समिति के जरिए सुधार के लिए बैठकें कर रहे हैं। इसके साथ सिलसिलेवार पूरे सिस्टम को कंप्यूटरराइज्ड किया जा रहा है। केयू ने भी आउट सोर्सिगिं के जरिए 250 परीक्षा परिणाम तैयार करने का जिम्मा एजेंसी को दिया है, लेकिन अभी भी केयू की लैब में 450 से अधिक परिणाम तैयार किए जा रहे हैं।

आठवें माह बीते, नहीं आया रिजल्ट
केयू प्रशासन अभी तक पहले और तीसरे सेमेस्टर का रिजल्ट जारी नहीं कर सका है, जबकि परीक्षार्थी 14 जुलाई को अपने अगले सेमेस्टर की परीक्षाएं देकर उससे भी अगले सेमेस्टर की कक्षाएं लगाने की तैयारी में हैं। जनवरी में हुई परीक्षाओं का रिजल्ट आठ माह बाद भी जारी नहीं किया गया है।

700 रिजल्ट घोषित करता है केयू
पहले और तीसरे सेमेस्टर की तरह पांचवें का रिजल्ट भी कुछ दिन पहले तक अटका हुआ था, लेकिन इस रिजल्ट को जारी करने में भी केयू परीक्षा शाखा के पसीने छूटते नजर आए। केयू में प्राइवेट और पत्राचार के विभिन्न विषयों के अलावा बीएड को छोड़ सभी विषयों में सेमेस्टर सिस्टम लागू हो चुका है। हर वर्ष केयू 700 रिजल्ट हर साल घोषित करता है।

दिसंबर में चाहिए थे अप्रैल में मिले स्कैनर
केयू परीक्षा लैब में रिजल्ट बनाने और ओएमआर शीट को स्कैन करने के लिए दिसंबर 2011 में दो स्कैनरों की आवश्यकता थी, लेकिन अप्रैल के अंत तक सिर्फ एक स्कैनर उपलब्ध हो सका। इतना ही नहीं, जहां लैब में चार टेक्निकल आदमी चाहिए, वहीं, यहां सिर्फ एक आदमी है। ऐसे में रिजल्ट कैसे समय पर जारी होंगे, अंदाजा लगाया जा सकता है।

जुलाई में हुई दो परीक्षाओं के रिजल्ट इसी सप्ताह
परीक्षा नियंत्रक वाईपी गोस्वामी के मुताबिक बीटेक के सातवें और आठवें सेमेस्टर के जुलाई में हुई परीक्षाओं के रिजल्ट इसी सप्ताह घोषित किए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रक वाईपी गोस्वामी ने माना कि कुछ परीक्षा परिणामों में देरी हो रही है, लेकिन फाइनल एग्जाम के रिजल्ट 15 से 40 दिन के भीतर भी घोषित करने का काम केयू द्वारा ही किया जा रहा है। परीक्षार्थियों को सबसे ज्यादा फाइनल की दरकार होती है, क्योंकि इन रिजल्ट के आधार पर ही उन्हें दाखिले और नौकरी के लिए आवश्यकता पड़ती है।

वीसी ने माना, स्टाफ की कमी
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. डीडीएस संधू ने माना कि केयू में स्टाफ की कमी है। रिजल्ट में हो रही देरी का पता करेंगे कि किस वजह से परीक्षा परिणाम घोषित करने में देरी हो रही है। इन समस्याओं के हल के लिए एक कमेटी का गठन पहले किया गया, ताकि समस्याओं का पता लगाकर कार्य किया जा सके। आउट सोर्सिगिं कितनी जरूरी है, इसके लिए भी कमेटी की राय ली जाएगी।

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