सोशल मीडिया के माध्यम से अनोखे अंदाज में गांव क्योड़क में शुरू हुई नशा विरोधी मुहिम

ब्यूरो कैथ्ाल Updated Tue, 25 Apr 2017 12:18 AM IST
वीडियो की शूटिंग करते सरपंच व युवा
वीडियो की शूटिंग करते सरपंच व युवा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नूण कड़ै रै....नूण के नमकीण ल्या रै आगे...नमकीन..जड़े नूण नी मिलै था..आज नमकीण का दयाड़ा कड़ तै मार लिया रै...दयाड़ा कै..1200 की काटड़ी बेच आया...जोड़ मैं मैस ले कै गया था.. अर काटड़ी बेच आया..1200 मैं। ए रै..वा काटड़ी जिसके बारा 8 जार रपिये देवै था..। हां बई..8 जार तो घर क्यां की जेब मैं जांदे...अर यां बारांसौ आपणी जेब मैं आ गै..., ल्या नमकीण ल्या।
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एक वीडियो में तीन शराबियों के बीच कुछ इस अंदाज में बातचीत के सिलसिले के बीच पैग लगाने की प्रक्रिया शुरू होती है। पैग लगाने के साथ-साथ तीन शराबी नशे के कारण अपनी बुरी गत पर चर्चा करते हैं, आपसी लड़ाई और अंत में शराब की बोतल तोड़कर सरपंच से काम मांगने पर शराबियों की बातचीत खत्म होती है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो देखने में तो साधारण सी लगती है। लेकिन इसके पीछे का मकसद इसे खास बना रहा है। करीब 20 हजार की आबादी वाले गांव में यह वीडियो लोगों को खूब भा रहा है।


मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा गोद लिए गांव क्योड़क के सरपंच बलकार सिंह के नेतृत्व में गांव के युवाओं के सहयोग से नशामुक्ति अभियान के लिए 1 मई से एक का जागरूकता अभियान शुरू हो रहा है। जिसमें युवाओं को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है। इस वीडियो में नशे के कारण उजड़ते घरों की सच्चाई को सामने रखा गया है। पहले प्रयास में 68 युवाओं का नशा छुड़वा चुकी ग्राम पंचायत ने एक साल में 30 वर्ष के 70 प्रतिशत युवाओं का नशा छुड़वाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

बच्चों की दुर्दशा का मार्मिक चित्रण
वीडियो में गांव के तीन युवाओं ने शराबी व्यक्ति के बच्चों की दुर्दशा का बड़ा ही मार्मिक चित्रण किया गया है। शराब के लिए कटड़ी बेचने वाला युवक रोते हुए जब कहता है कि... तड़की मेरा छोरा मैर प तै दो जार रपिये मांग्गै था.. अपणा दाखिला वास्ता.., उस तै तो मन्नै झिड़क कै थपेड़ मारे बई.. अर मन्नै कटड़ी बेच दी बाई... दारु पीण वास्तै.. मैं तो अ ए पिटण जोगा ऊं....। को देखकर एक बार तो इस बुराई के प्रति सोचने पर वीडियो मजबूर कर देता है।

शराबियों द्वारा गांव में 5 से 10 रुपये में बिकने वाली शराब, घर से शराब के लिए छोटे-मोटे सामान की चोरी तक की बातों को बड़े ही रोचक अंदाज में लोगों के सामने रखा गया है। करीब 11 मिनट के वीडियो के अंत में गांव के सरपंच बलकार सिंह सहित गांव के दर्जन भर युवा अगले एक साल के जागरूकता अभियान की जानकारी देते हैं। उनका स्पष्ट संदेश है कि भले ही वे फेल हो जाएंगे, लेकिन जंगल की आग बुझाने में चिड़िया के प्रयासों की तर्ज पर वे प्रयास करेंगे।

हास्य पुट के साथ दिया गंभीर संदेश
आर्य समाज से प्रभावित गांव क्योड़क के सरपंच व उनके साथियों को वीडियो में चोटे आला... कहा गया है। लेकिन अंत में उनकी बात सही मान कर नशे के खात्मे का गंभीर संदेश भी दिया गया है।

सब कहें.. मिलकर कहें..
गांव के सरपंच बलकार सिंह ने कहा कि पहले प्रयास में हमने 68 युवाओं का नशा छुड़वाया है। अब एक मई से अगले एक साल तक नशा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिसमें 30 साल तक के 70 प्रतिशत युवाओं को नशामुक्त किया जाएगा। इसके लिए सोशल मीडिया सहित तमाम माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है। शराब का ठेका गांव से ढाई किलोमीटर दूर कर दिया गया है।

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