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मिल की मिलिंग क्षमता से अधिक चावल मिल में मिला तो नहीं गिना जाएगा सरकारी धान के रिकॉर्ड में

Amar Ujala Bureauअमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 21 Dec 2019 12:09 AM IST
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धान की आज से दूसरी बार फिजिकल वेरिफिकेशन शुरू होनी है। इस बार जांच के नियम बदले गए हैं। मिल की क्षमता से अधिक मिल में यदि चावल मिला तो उसे रिकॉर्ड में नहीं लिया जाएगा। जितना ज्यादा मिल में क्षमता से अधिक चावल मिलेगा, उस चावल को रिकॉर्ड में न लेकर धान का उतना ही स्टॉक कम दर्ज किया जाएगा। साथ ही जांच अधिकारी अपने शरीर पर कैमरा बांध कर स्टॉक की जांच करेंगे।
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एक बार हो चुकी है पीवी : धान के सीजन में मिलर्स को सरकार द्वारा मंडियों से खरीद कर दिए गए धान के स्टॉक की एक बार फिजिकल वेरिफिकेशन हो चुकी है। लेकिन सरकार ने फैसला लिया है कि एक बार फिर से धान के स्टॉक की जांच की जाए। कुछ लोग धान खरीद में घोटाले का आरोप लगा रहे हैं।
इस बार कई नियमों में किया गया है बदलाव : अक्सर मिलर्स पर आरोप लगता है कि वे बाहर से चावल खरीद कर स्टॉक पूरा दिखा देते हैं। लेकिन इस बार इस आरोप पर सच्चाई की जांच के लिए वेरिफिकेशन के नियमों में बदलाव किया गया है। डीएफएससी विरेंद्र सिंह ने कहा कि जिस मिल की जितनी क्षमता होगी, उस मिल को धान देने के बाद मिलिंग शुरू करने व जांच के दिन तक क्षमता अनुसान प्रतिदिन वह जितना चावल निकाल सकती है। उतने ही चावल को रिकॉर्ड में गिना जाएगा। यदि किसी मिल में उसकी क्षमता से ज्यादा चावल मिला तो उसे रिकॉर्ड में नहीं लिया जाएगा। यदि मिलर के पास उसकी तय क्षमता से कम चावल मिला और उसी अनुपात में धान की भी कमी मिली तो उसे स्टॉक की कमी के तौर पर दर्ज किया जाएगा।
टीमों का होगा रेंडमली चयन : विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिन 14 टीमों को जांच के लिए लगाया गया है। उन्हें लॉटरी सिस्टम से मिलें दिन के दिन अलॉट की जाएंगी। मिलर्स व अधिकारियों पर मिलीभगत के जो आरोप लगे हैं, उस आरोप को देखते हुए सरकार ने फैसला लिया है कि जिस दिन जिस मिल में जांच की जाएगी, उसके स्टॉफ का फैसला उसी दिन किया जाएगा कि कौन सी टीम किस मिल में जाएगी।
शरीर पर कैमरा बांध कर करेंगे जांच : सरकार के आदेश हैं कि अधिकारी शरीर पर कैमरा बांध कर धान के स्टॉक की गणना करेंगे। ताकि जांच टीम पर कोई सवाल ना उठ सके। हालांकि पहले भी फिजिकल वेरिफिकेशन कैमरे की देखरेख में होती थी, लेकिन गड़बड़ी के आरोपों के चलते इस बार बॉडी कैम का इस्तेमाल किया जाएगा।
हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने कहा कि चाहे जितने मर्जी कैमरे लगा लिए जाएं और कोई भी नियम लागू कर दिया जाए। मिलर्स को कोई परेशानी नहीं है। सरकार ने धान दिया है, उसकी जैसे मर्जी जांच कर ले। लेकिन मिलर्स को बार-बार परेशान ना किया जाए। मिल क्षमता अनुसार चावल को रिकॉर्ड में लेने का नियम बिल्कुल सही है। इससे मिलर्स पर लगाए जाने वाले बाहर से चावल लाकर रिकॉर्ड पूरे करने के आरोप की सच्चाई सबके सामने आ जाएगी। यहां मिलों में पहले भी कोई गड़बड़ी नहीं निकली है और आगे भी कोई गड़बड़ी नहीं निकलेगी।
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