डाक्टरों की हड़ताल से मरीजों की सांसत

Rohtak Bureau Updated Tue, 06 Jun 2017 11:50 PM IST
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डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों की सांसत
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अपनी समस्याओं को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सभी सदस्यों ने मंगलवार को निजी अस्पतालों की ओपीडी बंद रखी, जिस कारण मरीजों को काफी परेशानियां हुईं। कई बीमारियों से ग्रसित मरीजों को जिला अस्पताल की ओर रुख करना पड़ा। हड़ताल के दौरान अस्पताल में पहले से दाखिल मरीजों का इलाज तो किया गया, लेकिन कोई नया मरीज दाखिल नहीं किया गया।

राष्ट्रव्यापी रैली में पहुंचे डॉक्टर
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार सुबह ही हड़ताल के दौरान आईएमए कैथल के प्रधान डा. विजय कुमार, सचिव डा. दीपक गर्ग, सह सचिव डा. संजीव जिंदल, डा. डीपी गुप्ता, रामकीर्ति गर्ग, एमआर मित्तल, विवेक गर्ग, निशांत जैन, आशीष गुप्ता, डा. सिंघानिया, जेड़ी पोपली, विक्रमजीत शाह, डा. जसमेर हड़ताल में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे।

सरकार मांगों को अनदेखा कर बरगला रही
आईएमए के जिला प्रधान डा. विजय आर्य ने कहा कई बार मांग करने के बावजूद भी सरकार प्राइवेट डॉक्टरों के लिए पॉलिसी नहीं बना रही हैं, जिससे डाक्टरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डाक्टरों के साथ मारपीट व दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कानून नहीं बनाया गया है। जिस कारण कई बार तो डॉक्टरों की जान पर आ बनती है। इन सभी मांगों के कारण वे हड़ताल पर हैं।

बंद रही ओपीडी, भटकते रहे मरीज
निजी अस्पताल के डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के बाद ओपीडी बंद रहीं। जिस कारण इलाज करवाने के लिए आने वाले मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। ज्यादा बीमार होने वाले मरीजों को जिला अस्पताल की ओर रुख करना पड़ा।

मरीजों को रेफर किया गया
शाह अस्पताल में प्वाइजनिंग का एक इमरजेंसी केस आया। जिसे इलाज ना मिलने पर परिजन बाहर के अस्पताल में ले जाने पर मजबूर हो गए। वहीं जीवन ज्योति में एक बच्चे के इलाज के लिए आए परिजनों को वापस लौटना पड़ा। डा. विजय आर्या अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए आई एक महिला को वापस जाना पड़ा।
बालू गांव की महिला सुमित्रा ने बताया उसके पेट में दर्द है। डॉ. कीर्ति के यहां इलाज करवाने आई थी, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले जिससे काफी परेशानी हो रही।
ढांड की रामरती ने बताया कि वह पथरी का इलाज करवाने डीपी गुप्ता के अस्पताल में पहुंची। लेकिन हड़ताल के कारण उसे बुधवार को इलाज करवाने के लिए आना पड़ेगा। कल्याण व महेंद्र ने बताया कि वह आर्य अस्पताल में इलाज करवाने के लिए आया था, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। हड़ताल के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। राजकुमार, राकेश, केलो देवी ने कहा कि वह इलाज करवाने के लिए आए थे, लेकिन ओपीडी बंद होने के कारण उनका इलाज नहीं हो सका।

जिला अस्पताल में बढ़ी ओपीडी
निजी अस्पतालों में हड़ताल के कारण मरीज सरकारी अस्पताल की ओर पहुंचे। जहां ओपीडी सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ गई। यहां भीड़भाड़ के कारण मरीजों को काफी परेशानियां हुईं।

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